'मुझे नहीं पता आगे की जिंदगी,' वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद टूटा रिंकू का सब्र, पिता को याद कर बिलख पड़ा क्रिकेटर
Rinku Singh Emotional Post for Father: मैदान पर जब तिरंगा लहरा रहा था और पूरा भारत टी20 वर्ल्ड कप की जीत का जश्न मना रहा था, तब टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह की आंखों में दो तरह के आंसू थे- एक देश को विश्व विजेता बनाने के गौरव के और दूसरे अपने सबसे बड़े मार्गदर्शक, अपने पिता को खोने के गम के। रिंकू के लिए यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि उनके पिता का वह अधूरा सपना था जिसे उन्होंने अपने सीने में देशप्रेम की मशाल जलाकर पूरा किया। इस बीच अब रिंकू ने अपने पिता की याद में एक भावुक पोस्ट लिखी है।
भारतीय टीम ने रविवार यानि 8 मार्च को न्यूजीलैंड को हराकर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बरकरार रखा। रिंकू सिंह इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा रहे, लेकिन इस जश्न के बीच उनके पिता की कमी उन्हें हर पल खलती रही। वर्ल्ड कप फाइनल से ठीक कुछ दिन पहले रिंकू के पिता का निधन (27 फरवरी 2026) हो गया था, जो चौथे स्टेज के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे।

रिंकू ने ट्रॉफी हाथ में थामी तो उनकी नजरें आसमान की ओर थीं, जैसे वह अपने पिता को बता रहे हों कि 'पापा, हमने कर दिखाया।'
रिंकू का इमोशनल पोस्ट
रिंकू सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया, जिसने हर क्रिकेट प्रेमी की आंखों को नम कर दिया। उन्होंने लिखा कि वह मैदान पर सिर्फ अपने पिता के सपने को पूरा करने के विजन के साथ उतरे थे।
रिंकू ने लिखा, 'आपसे बात किए बिना इतने दिन कभी नहीं निकले। मुझे नहीं पता आगे की जिंदगी आपके बिना कैसे चलेगी... पर मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत पड़ेगी।'
'अब आपका सपना पूरा हो गया है'
उन्होंने आगे अपने पिता की सीख को याद करते हुए कहा, 'आपने सिखाया था कि फर्ज सबसे आगे है, तो फील्ड पर बस आपका सपना पूरा करने की कोशिश कर रहा था। अब आपका सपना पूरा हो गया है, तो बस यही लगता है कि काश आप मेरे पास होते। हर छोटी-बड़ी खुशी में आपकी कमी खलेगी। बहुत मिस करूंगा आपको पापा... बहुत ज्यादा।'
देशप्रेम और पिता का सपना
रिंकू सिंह के पिता हमेशा चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेट की दुनिया में नाम रोशन करे। जब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा, तब भी रिंकू ने अपने खेल को प्रभावित नहीं होने दिया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत शोक को किनारे रखकर मैदान पर देश के लिए जान झोंक दी, क्योंकि उनके पिता ने उन्हें सिखाया था कि "कर्तव्य" सबसे पहले आता है। आज जब रिंकू वर्ल्ड चैंपियन बन चुके हैं, तो उनकी यह सफलता उनके दिवंगत पिता को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है।












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