जयदेव उनादकट ने 9 विकेट लेकर सौराष्ट्र को बनाया Ranji Trophy चैम्पियन
रणजी ट्रॉफी का फाइनल मैच खेलने के लिए जयदेव उनादकट को भारतीय टेस्ट टीम से निकालकर सौराष्ट्र टीम में शामिल किया गया था।

Ranji Trophy 2022-23: रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में सौराष्ट्र ने शानदार प्रदर्शन जारी रहा। फाइनल मैच में बंगाल को हराते हुए तीन सालों में उन्होंने अपना दूसरा खिताब हासिल कर लिया। कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सौराष्ट्र ने 9 विकेट से जीत दर्ज की। सौराष्ट्र को महज 12 रनों का लक्ष्य बंगाल से मिला था। इसे हासिल करना कोई मुश्किल काम नहीं था। जीत में जयदेव उनादकट अहम किरदार रहे। उनादकट ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया।

सौराष्ट्र को मिला था मामूली लक्ष्य
दूसरी पारी में 4 विकेट पर 169 रनों से आगे खेलते हुए बंगाल की टीम बिखर गई। कप्तान मनोज तिवारी 57 रन बनाकर क्रीज पर थे। तिवारी का बल्ला कुछ देर तक चला लेकिन वह 68 रनों के निजी स्कोर पर आउट होकर चलते बने। इसके बाद जयदेव उनादकट ने धमाकेदार गेंदबाजी करते हुए सौराष्ट्र को 241 के कुल स्कोर पर आउट कर दिया। उन्होंने कुल 6 विकेट अपने नाम किये। चेतन सकारिया को 3 विकेट मिले। 12 रनों का लक्ष्य सौराष्ट्र ने एक विकेट खोकर हासिल कर खिताब जीत लिया।

जयदेव उनादकट की घातक गेंदबाजी
बंगाल की टीम पहली पारी में 174 रनों पर आउट हो गई थी। उनादकट ने पहली पारी में 3 विकेट झटके। इसके बाद सौराष्ट्र ने पहली पारी में जमकर बैटिंग करते हुए एक बड़ी बढ़त हासिल की। सौराष्ट्र ने 404 रनों का स्कोर खड़ा किया। यहाँ से बंगाल के लिए काम मुश्किल हो गया। उनादकट ने मैच में कुल 9 विकेट अपने नाम किये। उन्होंने दिल्ली टेस्ट की भारतीय टीम से बाहर कर सौराष्ट्र के लिए रणजी फाइनल में खेलने के लिए भेजा गया था। जयदेव उनादकट को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।

चेतेश्वर पुजारा ने दी बधाई
दिल्ली टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा 100वां टेस्ट खेल रहे थे और भारत को उन्होंने चौके से जिताया। वह भी सौराष्ट्र के लिए खेलते हैं। उनको जब रणजी में टीम की जीत के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे पता नहीं था। टीम जीत गई है, तो इसकी मुझे काफी ख़ुशी है। खिलाड़ियों ने मेहनत की है इसलिए इस जीत के हकदार थे। उनको बधाई देता हूं।












Click it and Unblock the Notifications