तेज गेंदबाजों के आराम के लिए राहुल द्रविड़, रोहित शर्मा, विराट कोहली ने छोड़ी अपनी फ्लाइट की बिजनेस क्लास सीट
Rahul Dravid Virat Kohli Rohit Sharma sacrifice: भारत का विश्वकप के सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड से सामना होगा। यह मैच भारत के लिए काफी अहम है और यही वजह है कि भारतीय टीम इसके लिए हर तरह से खुद को तैयार कर रही है। ऑस्ट्रेलिया की पिच पर तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिलती है, ऐसे में यहां तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम होती है। ऐसे में टीम की यह जिम्मेदारी होती है कि वह तेज गेंदबाजों का थोड़ अधिक खयाल रखे और इसी के तहत कप्तान रोहित शर्मा, कोच राहुल द्रविड़ और विराट कोहली ने कुछ ऐसा कदम उठाया है जिसकी तारीफ हो रही है।

शमी, भुवी, पांड्या, अर्शदीप के लिए छोड़ी सीट
भारतीय टीम कतई यह नहीं चाहती है कि अगले दो मैच में टीम के तेज गेंदबाजों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत हो, वह पूरी तरह से फिट रहें, उनका शरीर पूरी तरह से आराम के बाद बड़े मुकाबले के लिए तैयार रहे। इसी के चलते टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या के लिए विराट कोहली, रोहित शर्मा और राहुल द्रविड़ ने अपनी बिजनेस क्लास की सीट को इनके लिए छोड़ दिया।

गेंदबाजों के आराम के लिए छोड़ा बिजनेस क्लास
रोहित, विराट और द्रविड़ ने अपनी बिजनेस क्लास की सीट को इसलिए छोड़ दिया ताकि टीम के तेज गेंदबाजों को अधिक आराम मिल सके। उन्हें अधिक लेग स्पेस मिल सके, ताकि वह अपने पैरों को आराम दे सकें। टीम इंडिया के एक सपोर्ट स्टाफ ने बताया कि टूर्नामेंट से पहले हमने फैसला लिया कि तेज गेंदबाजों को मैदान में अधिक से अधिक फायदा मिले, इसके लिए उन्हें फ्लाइट में पैर को आराम देना जरूरी था।

क्या है आईसीसी का नियम
बता दें कि आईसीसी के नियमों के अनुसार हर टीम को चार बिजनेस क्लास सीट मिलती हैं, अधिकतर टीमें इन सीटों को अपने कप्तान, कोच, उपकप्तान और मैनेजर को देती हैं। लेकिन भारतीय टीम ने इन सीटों को अपने तेज गेंदबाजों को देने का फैसला लिया। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय टीम को हर तीसरे और चौथे दिन हवाई यात्रा करनी पड़ रही है, यही वजह है कि तेज गेंदबाजों के पैरों को अधिक आराम देने के लिए उन्हें बिजनेस क्लास की सीटें मुहैया कराई गई हैं।

काफी व्यस्त और थकाऊ टूर्नामेंट
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में अभी तक 34000 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। इस दौरान टीम तीन टाइम जोन देख चुकी है, यहां अलग-अलग मौसम का भी अनुभव कर चुकी है। इस तरह के लगातार बदलते हालात में तेज गेंदबाजों को चोटिल होने से बचाने के लिए उन्हें अधिक से अधिक आराम देने की सख्त जरूरत होती है। भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच पारस महाम्ब्रे ने कहा था कि हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि खिलाड़ी मैच के दौरान पूरी तररह से फिट रहें।

टीम के लिए हर चीज का रखा जा रहा खयाल
पारस महाम्ब्रे ने कहा कि हमने टीम के लिए लिहाज से सबकुछ प्लान किया है, हम कैसे इस टूर्नामेंट में आगे जाना चाहते हैं। हमने हर सेशन में इसको लेकर काम किया है, फिजियोथेरेपी से लेकर हर जरूरी चीज का खयाल रखा जा रहा है। हर मैच से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि टीम सही दिशा में काम करे, हम खिलाड़ियों का पूरा खयाल रख रहे हैं। विश्वकप में भारतीय टीम का शेड्यूल काफी मुश्किल भरा है। पाकिस्तान के खिलाफ पहले मैच के बाद अगले दिन टीम को सबह फ्लाइट पकड़नी थी। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रविचंद्रन अश्विन से जब पूछा गया कि कल का आपका क्या प्लान है तो उन्होंने कहा था कैसा प्लान, हम कल सफर कर रहे है।












Click it and Unblock the Notifications