'राजनीति खेली जा रही है...,' मोहाली को वर्ल्ड कप के मैच नहीं मिलने पर पंजाब के खेल मंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
ICC World Cup 2023: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मंगलवार को 2023 वनडे वर्ल्ड कप का शेड्यूल जारी कर दिया है, अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम 5 अक्टूबर को टूर्नामेंट के उद्घाटन और 19 नवंबर को समापन समारोह की मेजबानी करेगा, जबकि मुंबई में 15 नवंबर और कोलकाता में 16 नवंबर को सेमीफाइनल का आयोजन किया जाएगा।
वहीं मेजबान शहरों की लिस्ट में मोहाली का नाम नहीं होने से पंजाब के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इसे राजनीति से प्रेरित करार दिया है।
प्रमुख शहर छूटने से अधिकारियों में निराशा
आमतौर पर मेट्रो शहरों को ही विश्व कप मैच की मेजबानी मिलती है। हालांकि, क्षेत्र के अनुसार भी शहरों का चयन किया जाता है, और आईसीसी का आयोजन होने के बावजूद अक्सर यहां स्थानीय आयोजन समिति यानी बीसीसीआई के सुझावों को तरजीह दी जाती है।
जबकि कुछ बड़े स्थानों को 2023 विश्व कप के लिए शामिल किया गया है, इस बीच कुछ प्रमुख शहर छूट गए हैं जैसे- मोहाली, इंदौर, राजकोट, रांची और नागपुर, ऐसे में इन स्थानों के अधिकारियों को काफी निराशा हुई है।

इंदौर को मेजबानी नहीं मिलने से अधिकारी निराश
इंदौर का होल्कर स्टेडियम नियमित रूप से सभी फॉर्मट में अंतरराष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करता रहा है। हाल ही में यहां बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में एक टेस्ट का आयोजन किया गया था। हालांकि, यह विश्व कप में भाग लेने से चूक गया, जिससे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर निराश हैं।
कभी इंदौर ने की थी विश्व कप मैच की मेजबानी
खांडेकर ने इस संबध में बात करते हुए पीटीआई को बताया कि 'इंदौर ने 1987 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप मैच की मेजबानी की थी। हमें बुरा लगता है कि इंदौर को बाहर रखा गया है। मैं बीसीसीआई की मजबूरियों को नहीं जानता। इंदौर का एक समृद्ध क्रिकेट इतिहास है और इसलिए हमें इसकी उम्मीद थी।
मोहाली में खेला गया था भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल
इसी तरह मोहाली को भी विश्व कप के आयोजन स्थलों में शामिल नहीं किया गया है। मोहाली में 2011 संस्करण में भारत और पाकिस्तान के बीच ब्लॉकबस्टर सेमीफाइनल मैच का आयोजन किया था, और स्टेडियम 1996 से विश्व कप मैचों की मेजबानी कर रहा है।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के एक सूत्र ने कहा कि, 'ऐसा लगता है कि केवल महानगरों और शहरों, जहां से पदाधिकारी हैं, उन्हें ही मैच मिले हैं। हमने इसके लिए बहुत कोशिश की, लेकिन एक भी मैच नहीं मिल सका। एक अभ्यास मैच भी नहीं मिलना निराशाजनक है।'
पंजाब के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर का मानना है कि मोहाली को टूर्नामेंट से बाहर रखना एक बड़ा राजनीतिक फैसला था। 'यह अच्छा है कि विश्व कप भारत में आ रहा है, लेकिन यह दुखद है कि जिस स्टेडियम ने भारतीय क्रिकेट के कई सुपरस्टार दिए हैं, जो स्टेडियम देश के शीर्ष पांच स्थानों में से एक हुआ करता था, उसे एक भी मैच नहीं मिला।
उन्होंने आगे कहा कि, 'दूसरी ओर, अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम शुरुआती गेम के साथ-साथ फाइनल और भारत और पाकिस्तान के बीच बड़े गेम की मेजबानी कर रहा है। पड़ोसी धर्मशाला को भी आप पांच गेम दे रहे हैं लेकिन पंजाब को एक भी नहीं मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजनीति खेली जा रही है।'












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