ऑनलाइन गेमिंग को लेकर प्रदर्शनकारियों के निशाने पर सचिन तेंदुलकर, भारत रत्न वापस लौटाने की उठी मांग
Sachin Tendulkar: मुंबई में महान क्रिकेटर भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के घर के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान सचिन द्वारा ऑनलाइन गेमिंग को प्रमोट करने के लिए उनकी आलोचना की गई। हालांकि, प्रदर्शन को बढ़ते देख पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंच गया।
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ सहयोगी प्रहार जनशक्ति पार्टी के नेता ओमप्रकाश बाबाराव उर्फ बच्चू कडू भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते नजर आए। बच्चू काडू, अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ तेंदुलकर के घर के बाहर पोस्टर और बैनर लेकर पहुंच गए।

उन्होंने मास्टर-ब्लास्टर की आलोचना करते हुए नारे लगाए और उनसे 15 दिनों के भीतर ऐसी अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना बंद करने का आह्वान किया जो युवा पीढ़ी को प्रभावित कर सकती हैं।
पुलिस के मौके पर पहुंचते ही कडू और उनके कम से कम एक दर्जन कार्यकर्ताओं को वहां से हटा दिया गया और बांद्रा पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। पीजेपी विधायक ने कहा कि अगर तेंदुलकर को भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया होता, तो उन्होंने उन्हें निशाना नहीं बनाया होता, उन्होंने कहा कि पैसा राष्ट्रीय हित से पहले होना चाहिए।
भारत रत्न वापस लौटाने की उठी मांग
तेंदुलकर के घर के बाहर कडू ने मांग करते हुए कहा कि, 'अगर वह ऐसी चीजों को बढ़ावा देकर 300 करोड़ रुपये कमाना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत भारत रत्न वापस कर देना चाहिए।' कुछ दिन पहले, उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिखा था और यहां तक मांग की थी कि अगर वह ऑनलाइन गेमिंग जैसी अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना जारी रखते हैं तो देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न वापस ले लिया जाना चाहिए।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार में पूर्व मंत्री कडू ने तेंदुलकर को ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों में दिखना बंद नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। दरअसल, शिंदे की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद कडू और उनके कार्यकर्ता आज विरोध प्रदर्शन के लिए तेंदुलकर बंगले पर पहुंचे।












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