पृथ्वी शॉ ने खेली 222 रनों की तूफानी पारी, 34 बाउंड्री के साथ बनाया बड़ा रिकॉर्ड, अगरकर के सामने नई मुसीबत
Prithvi Shaw: भारतीय टीम से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ ने अपना गुस्सा दिखाना शुरू किया है। इस रणजी सीरीज में पृथ्वी शॉ ने तबाही मचाने का मन बना लिया है। चंडीगढ़ के खिलाफ मुकाबले में उनका बल्ला तूफानी अंदाज में चला है, गेंदबाजों की जमकर धुनाई देखने को मिली। शॉ ने डबल सेंचुरी जमा दी।
पहली पारी में 8 के निजी स्कोर पर आउट होने के बाद शॉ ने दूसरी पारी में धमाल मचा दिया और टी20 स्टाइल में खेलते हुए चौके-छक्कों की बरसात करते हुए गेंदबाजों का धुआं निकाल दिया। उन्होंने शतक के बाद दोहरा शतक पूरा करते हुए 21वीं सदी का बड़ा रिकॉर्ड बना दिया।

Prithvi Shaw का धुआंदार दोहरा शतक
25 वर्षीय इस बल्लेबाज़ ने मात्र 156 गेंदों में 222 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें 29 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 142.31 रहा, जो लाल गेंद के क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है। मुंबई के पूर्व बल्लेबाज़ शॉ ने सिर्फ 73 गेंदों में शतक पूरा किया और फिर 200 रन का आंकड़ा छूने में केवल 141 गेंदें लीं। उनकी यह पारी न सिर्फ आक्रामक थी बल्कि भारतीय टीम में वापसी करने का एक प्रयास भी थी।
इस सदी का बड़ा रिकॉर्ड Prithvi Shaw के नाम
21वीं सदी में सबसे तेज रणजी दोहरा शतक जड़ने का कीर्तिमान पृथ्वी शॉ के नाम हो गया है। इसका मतलब है कि पिछले 25 सालों का यह सबसे बड़ा कीर्तिमान है। ध्यान देने वाली बात तो यह है कि इस पहले भी यह रिकॉर्ड उनके ही नाम था। साल 2019/20 में बड़ौदा के खिलाफ मैच में उन्होंने 174 गेंदों में दोहरा शतक जमाया था।
91 साल के रणजी इतिहास में एलिट डिविजन में पृथ्वी शॉ से तेज डबल सेंचुरी एक बार बनी है। यह रवि शास्त्री के बल्ले से आई थी, उन्हों बड़ौदा के खिलाफ मुंबई के लिए खेलते हुए 123 गेंदों में डबल सेंचुरी मारी थी। यह साल 1983/84 की बात है। टॉप चार सबसे तेज रणजी डबल सेंचुरी में पृथ्वी शॉ का नाम दो बार है। इस डबल हंड्रेड से अजित अगरकर के लिए मुसीबत खड़ी होगी, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज की टीम घोषित होनी है।












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