स्टेडियम ही तैयार नहीं तो कैसे होगी चैम्पियंस ट्रॉफी? पाकिस्तान के ही व्यक्ति ने सामने आकर खोली PCB की पोल
चैम्पियंस ट्रॉफी को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने स्टेडियमों का नवीनीकरण कराने का कार्य शुरू कर दिया था। यह काम अब भी चल रहा है। उन्नत तकनीक और बेहतर सुविधाओं के लिए इन स्टेडियमों को रिनोवेट कराने का कार शुरू हुआ था।
पीसीबी ने कराची, रावलपिंडी, इस्लामाबाद में अपने स्टेडियमों का नवीनीकरण शुरू किया था। 30 हजार दर्शकों के बैठने के लिए नई सीटें, अन्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए स्टेडियमों में काम अभी तक चल रहा है और इसे लेकर एक नया अपडेट भी सामने आया है।

वर्ल्ड क्लास स्टेडियम देकर पाकिस्तान दुनिया भर में खुद को एक सक्षम मेजबान के रूप में प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहा है। सुरक्षा व्यवस्था वहां एक बड़ी चुनौती रही है। लम्बे समय तक पाकिस्तान को इसी वजह से मेजबानी करने का कोई अधिकार नहीं मिला था और टीमें वहां नहीं जाती थी।
पाकिस्तान से एक जर्नलिस्ट ने पाकिस्तान में स्टेडियमों की स्थिति को लेकर कहा कि उन्होंने लाहौर और कराची स्टेडियमों के सेक्शन अनावश्यक रूप से नष्ट कर दिए। इससे कुछ क्षेत्र उपयोग करने के लिए अनुपयुक्त रह गए। दर्शकों को पहले पिलरों और नेट्स से समस्या होती थी। मुल्तान बेहतर है। कराची में समस्या बनी हुई है।
गौरतलब है कि हाल में आईसीसी ट्रॉफी के टूर के लिए पाकिस्तान ने अपनी तरफ आने वाले कश्मीर को भी शेड्यूल में डाला था। इसके बाद बीसीसीआई ने इसके ऊपर कड़ी आपत्ति की और इसे रद्द किया गया। पाकिस्तान को उस तरफ वाले कश्मीर में ट्रॉफी का भ्रमण कराने से आईसीसी ने मना कर दिया।
पाकिस्तान के हाथ से चैम्पियंस ट्रॉफी की मेजबानी जा सकती है। बीसीसीआई ने टीम इंडिया को वहां भेजने से मना कर दिया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हाइब्रिड मॉडल अपनाने से मना कर दिया है। ऐसे में यह मेजबानी भी किसी अन्य देश के पास जा सकती है। अगर टूर्नामेंट पाकिस्तान में ही कराना है, तो पीसीबी को हाइब्रिड मॉडल पर सहमति जतानी पड़ेगी।












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