धोनी का छक्का और रवि शास्त्री की कॉमेंट्री, आज ही के दिन भारत ने जीता था दूसरा ODI वर्ल्ड कप
On This Day: धोनी ने छक्के से टीम इंडिया को जीत दिलाई लेकिन उनके अलावा गौतम गंभीर को भी फाइनल में जीत का पूरा क्रेडिट जाता है।

On This Day: 'धोनी फिनिशेज ऑफ़ इन स्टाइल।' साल 2011 के वर्ल्ड कप में कॉमेंट्री की दृष्टि से यह सबसे अहम लाइन थी। दर्शकों के दिलों में आज भी यह ताजा है। लेकिन इसके पीछे भी एक बड़ी वजह रही है। क्यों रवि शास्त्री ने कॉमेंट्री के दौरान इन शब्दों का इस्तेमाल किया था। यह बात भी हर कोई जानता है क्योंकि धोनी के बल्ले से निकले छक्के से टीम इंडिया ने वनडे क्रिकेट में दूसरा वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। वह दिन 2 अप्रैल 2011 का था।
धोनी के शॉट से जीते थे वर्ल्ड कप
श्रीलंका के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आज ही के दिन भारत ने वनडे वर्ल्ड कप जीतकर खिताब हासिल किया था। सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग, जहीर खान, हरभजन सिंह जैसे दिग्गज खिलाड़ी उस समय खेल रहे थे। भारतीय टीम ने मुश्किल स्थिति से वापसी करते हुए श्रीलंका को हराकर कप पर कब्जा जमा लिया था। इस तरह धोनी का वह शॉट और शास्त्री की कॉमेंट्री लोकप्रिय हो गई।
जयवर्धने ने जमाया था शतक
श्रीलंका के खिलाड़ी महेला जयवर्धने ने पहले बल्लेबाजी कर रही अपनी टीम के लिए शतक जमाया था। उन्होंने नाबाद 103 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा कुमार संगकारा के बल्ले से भी 48 रन देखने को मिले थे। अन्य बल्लेबाज कुछ ख़ास नहीं कर पाए थे। श्रीलंका की टीम ने 6 विकेट पर 274 रनों का स्कोर हासिल कर लिया। टीम इंडिया की तरफ से सफल गेंदबाज जहीर खान और युवराज सिंह रहे। दोनों ने 2-2 विकेट झटके।
भारत को धोनी और गंभीर ने दिलाई जीत
जवाब में खेलते हुए भारतीय टीम ने सहवाग का विकेट गंवा दिया। वह बिना खाता खोले आउट हो गए। उनके बाद सचिन तेंदुलकर भी 18 रन के निजी स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। विराट कोहली ने 35 रन बनाये। टीम इंडिया ने 3 विकेट 114 के कुल स्कोर पर गंवा दिए। इसके बाद गौतम गंभीर और धोनी ने मिलकर शतकीय भागीदारी की। गंभीर 97 रन बनाकर चलते बने। धोनी ने 49वें ओवर में विजयी छक्का जड़ते हुए टीम इंडिया को कप दिला दिया। वह 79 गेंद में 91 रन बनाकर नाबाद रहे। युवराज सिंह भी 21 रन बनाकर नाबाद लौटे।












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