अब इंडियन फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन IPL के जादू से प्रभावित नहीं होता, क्या है वजह?

नई दिल्लीः कहा जाता है कि भारत में क्रिकेट और फिल्में मनोरंजन करने के दो सबसे बड़े सोर्स हैं। आईपीएल की शुरुआत जब 2008 में हुई थी जब इसमें ग्लैमर का भरपूर तड़का लगाने वाले तत्व मौजूद थे। कोलकाता नाइट राइडर्स को शाहरुख खान, जूही चावला ने खरीदा (सह-मालिक), पंजाब किंग्स की टीम में प्रीति जिंटा सह मालकिन बनी तो शिल्पा शेट्टी का संबंध राजस्थान रॉयल्स से हुआ।

फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब आईपीएल से नहीं डरते-

फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब आईपीएल से नहीं डरते-

पहला सीजन बड़ा धमाकेदार गया। नाखून चबाने वाले मुकाबलों में लोकल टैलेंट को प्रदर्शन करते देखना नया रोमांच था। टी20 क्रिकेट का नया फॉर्मेट था जो हाथों-हाथ लिया जा रहा था। सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या, वीरेंद्र सहवाग, राहुल द्रविड़, डेविड वार्नर जैसे खिलाड़ियों को देखने के लिए लोग किसी भी कीमत पर आते हैं। विदेशी खिलाड़ियों को भारत के घरेलू टूर्नामेंट में देखने सुखद अनुभव था।

आईपीएल के दिनों में फिल्में रिलीज करने से डरते थे-

आईपीएल के दिनों में फिल्में रिलीज करने से डरते थे-

भारतीय दर्शक स्टेडियम को भर देते थे और टीवी पर चिपके रहते थे, बाद में लैपटॉप और मोबाइल पर भी आईपीएल के मैचों का तड़का लगना शुरू हो गया। हालत यह होती थी कि अप्रैल-मई के महीने में आईपीएल का बुखार लोगों को इतना जकड़ लेता था कि निर्माता किसी भी बड़ी फिल्म को इन दिनों थिएटर में लगाने से परहेज करने लगे।

 ये सब चीजें बहुत समय तक नहीं चली

ये सब चीजें बहुत समय तक नहीं चली

हालांकि ये सब चीजें बहुत समय तक नहीं चली क्योंकि आईपीएल लोकप्रियता के साथ विवाद भी लेकर आने लगा। हरभजन सिंह-श्रीसंत के बीच में थप्पड़ कांड हुआ जिसने बेहद अनचाहा विवाद पैदा किया, स्पॉट फिक्सिंग ने दर्शकों का विश्वास इस लीग से हिला दिया। शाहरुख खान का वानखेड़े स्टेडियम में पंगा होना भी पब्लिक को पसंद नहीं आया, और भी कई अनचाही घटनाएं होती गई और आईपीएल लोगों के लिए जीने-मरने का सवाल नहीं रह गया। हालांकि प्रतियोगिता के लिए जुनून किसी भी स्तर से कम नहीं हुआ था।

दिलचस्पी आईपीएल में पहले की तुलना में कम हुई

दिलचस्पी आईपीएल में पहले की तुलना में कम हुई

लेकिन यह सच है कि इंटरनेशनल लेवल पर अब टी20 क्रिकेट तेजी से पांव पसारता जा रहा था। लोगों की दिलचस्पी आईपीएल में पहले की तुलना में निश्चित तौर पर कम हुई। ऊपर से लीग इतनी लंबी साबित होती कि प्रतियोगिता के अंतिम चरणों तक जाते-जाते दर्शकों को ऊब होने लगती। बाद में आईपीएल की तर्ज पर अनेकों देशों ने अपनी-अपनी टी20 लीग की भी घोषणा कर दी। ये सब लीग अपने मैचों के साथ भारत में भी प्रसारित हो रही थी।

आईपीएल की ओवरडोज-

आईपीएल की ओवरडोज-

अब आईपीएल के ताजा सीजन की बात करें तो टीवी के दर्शक पहले की तुलना में कम हुए हैं। भले ही लोग आज भी सोशल मीडिया पर हर मैच के बारे में चर्चा करते हैं लेकिन पहला जैसा क्रेज नहीं है। कोविड-19 के चलते ताजा सीजन 6 महीने के अंदर हो गया है। यह आईपीएल की ओवरडोज से कम नहीं है। पिछले साल आईपीएल के दूसरे चरण के बाद टी20 वर्ल्ड कप हो गया था। वह भी बहुत लंबा टूर्नामेंट था, भारत वहां से लीग स्टेज में ही बाहर हो गया था जिससे यह साबित होने लगा है केवल आईपीएल होने से ही भारतीय टीम के टी20 में प्रभुत्व करने की गांरटी नहीं है।

आईपीएल में रिकॉर्ड तोड़ती फिल्में-

आईपीएल में रिकॉर्ड तोड़ती फिल्में-

ताजा सिनेमा की बात करें तो केजीएफ 2 और ट्रिपल आर जैसी फिल्में आईपीएल महीने में आकर सुपर हिट साबित हो चुकी हैं। बाहुबली 2 की बात की जाए तो यह मूवी भी अप्रैल-मई महीने में रिलीज हुई थी जो आईपीएल का महीना होता है। केजीएफ 2 ने कई तरह के रिकॉर्ड तोड़े हैं, ट्रिपल आर को भी बहुत सफलता मिली है। ये सभी पूरे भारत में रिलीज हुई फिल्में हैं जिनको आईपीएल प्रभावित करने में नाकाम साबित हुआ है ट्रिपल आर को ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 1100 करोड़ रुपये की कमाई हुई है तो वहीं यश की मूवी केजीएफ चैप्टर 2 ग्लोबल मार्केट में 5 दिन में ही 600 करोड़ रुपये पीट चुकी है।

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