'उन्होंने मेरी कीपिंग को समझा, फिर अहम रोल निभाया', धोनी ने की भारतीय दिग्गज की खास तारीफ
नई दिल्ली, 24 सितंबर: भारत में विकेटकीपरों की असली फौज महेंद्र सिंह धोनी के आने के बाद ही शुरू हुई। दुनिया में क्रिकेट बदल रहा था और अब विकेटकीपरों से बल्लेबाजों जैसी क्षमता में बैटिंग करने की जरूरत बढ़ने लगी थी। ऑस्ट्रेलिया के पास तो एडम गिलक्रिस्ट थे। तब भारतीय क्रिकेट में एक बार हुआ करती थी कि हमको एडम जैसा खिलाड़ी नहीं मिल सकता। कौन जानता है भारत को एक और खास कीपर-बल्लेबाज मिलने जा रहा है और उसका नाम होगा- महेंद्र सिंह धोनी।

शुरुआती दिनों में किरन मोरे के साथ मिलकर काम किया
धोनी ऑलराउंड पैकेज के मामले में गिलक्रिस्ट से कई अधिक महान साबित हुए क्योंकि वे एक बड़े कप्तान भी रहे।
धोनी ने करियर के शुरुआती दिनों में भारत के 1983 वर्ल्ड कप विजेता किरन मोरे के साथ मिलकर काम किया। धोनी ने एक इवेंट के दौरान कहा है कि मोरे ने उनके स्टाइल को चेंज नहीं किया। मोरे खुद बड़े विकेटकीपर थे। मोरे ने धोनी के लिए अहम प्रैक्टिस की अहमियत पर जोर दिया जो महेंद्र के लिए बेस्ट साबित हो। तब मोरे सिलेक्टर भी थे।

जब किरन मोरे सिलेक्टर थे
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक धोनी ने कहा कि, मुझे कीपिंग के लिए कई लोगों की सहायता मिली। शुरू में जब किरन मोरे सिलेक्टर थे तो टीम के आसपास उनकी मौजूदगी रहती थी। उन्होंने मेरी कीपिंग पर काफी मदद की। उन्होंने देखा मेरा स्टाइल क्या है, तकनीक कैसी है और उन्होंने इसको काफी हटकर पाया और साथ ही कहा कि मैं किसी की कॉपी नहीं करता।
ये सब देखने के बाद मोरे ने कहा, ओके, कॉपीबुक को भूल जाते हैं। हम ड्रिल करेंगे, जो अहम है।

दुनिया के तीसरे सबसे सफल कीपर
धोनी ने कहा, "दिन के अंत में यह अहम होता है कि आप हर गेंद को लपकने में कामयाब रहें। आपकी तकनीक थोड़ी बहुत अलग हो सकती है। जब आपको आत्मविश्वास आ जाता है तो आप प्रयोग करना शुरू कर देते हैं। जिससे टीम को मदद मिल सकती है।"
धोनी महान कीपर के तौर पर इंटरनेशनल करियर को समाप्त करने में सफल रहे। उन्होंने 829 शिकार किए जिसमें 195 स्टम्प भी शामिल थे। वे मार्क बाउचर और एडम गिलक्रिस्ट के बाद दुनिया के तीसरे सबसे सफल कीपर भी हैं।












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