वो ऐसा है जो अपनी टीम को भी डरा देता है- मोहम्मद सिराज ने याद की साथी खिलाड़ी की वो पारी
नई दिल्लीः मोहम्मद सिराज उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे जिसकी बातें क्रिकेट में हमेशा की जाती रहेंगी। असल में जिस तरह से हम आज 1983 की विश्व कप जीत याद करते हैं उसी तरह से भारत द्वारा ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 में जीती गई टेस्ट सीरीज को भी हमेशा याद किया जाएगा। यह अपने आप में एक असाधारण वापसी थी क्योंकि भारतीय टीम पहले ही टेस्ट मैच में 36 रन के स्कोर पर सिमट गई थी और कप्तान विराट कोहली अपनी बेटी के जन्म के अवसर पर पत्नी का साथ देने के लिए स्वदेश रवाना हो गए थे। कुल मिलाकर चौथा टेस्ट मैच आते-आते भारत पूरी तरह युवाओं से सजी हुई टीम थी जिसमें मोहम्मद सिराज भी एक खिलाड़ी थे।

ये सीरीज कभी नहीं भूली जा सकेगी-
भारत ने चौथे टेस्ट मैच को गाबा में खेला था जो कंगारूओं का एक मजबूत गढ़ माना जाता है और भारतीय टीम ने वह मुकाबला जीतकर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत हासिल की थी। हालात यह हो गए थे कि मोहम्मद सिराज तब भारतीय गेंदबाजों में सबसे ज्यादा अनुभवी थे और उन्होंने गाबा में पहली पारी में 5 विकेट भी हासिल किए। इसके बाद युवा शुभमन गिल ने 51 और 91 रनों की पारियां खेलकर भारत के लिए मैच की टोन सेट थी लेकिन ये पंत थे जिन्होंने ताबूत में आखिरी कील ठोकने का काम किया।

पंत दूसरों को भी डराते हैं, अपनी टीम को भी- सिराज
पंत की नाबाद 89 रनों की पारी के बिना भारत वह मुकाबला कभी भी नहीं जीत पाता। मोहम्मद सिराज ने उस समय की भावनाओं को याद किया है और बताया है ऋषभ पंत तब अपनी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में से एक को खेल रहे थे और पंत जिस तरीके से अपने शॉट को खेलते हैं उसके हिसाब से वे विपक्षी खेमे में तो खलबली मचाते ही हैं लेकिन अपनी टीम के ड्रेसिंग रूम में भी बेचैनी पैदा कर देते हैं। मोहम्मद सिराज ने बताया कि टीम ने किस तरीके से ऋषभ पंत के के लिए प्रार्थना की और एक प्रसिद्ध जीत मिली। डाउन अंडर डॉक्यूमेंट्री के प्रीमियर पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क में बातचीत के दौरान सिराज ने यह बात कही।

ऋषभ पंत को दौड़कर गले लगा लिया
जब ऋषभ पंत ने भारत के लिए विजय रन बनाए तो मोहम्मद सिराज सबसे तेजी से दौड़ कर उनको गले लगाने वालों में से एक थे। आज मोहम्मद सिराज भारतीय टेस्ट टीम का एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं और उन्होंने आस्ट्रेलिया दौरे के दौरान अपने पिता को भी खो दिया था लेकिन अपनी टीम के साथ बने रहे। सिराज कहते हैं जब ऋषभ पंत अपने शॉट के लिए जा रहे थे तब हम अपने आप को बांधे रखे हुए थे। फिर जीत मिली तो हर कोई बहुत खुश था कि हमने ऑस्ट्रेलिया को गाबा में हरा दिया और उनका रिकॉर्ड यहां पर तोड़ दिया। आज भी उस जश्न को याद करके मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं उस जीत को कभी भी नहीं बोल सकता। मेरे हाथ में भारत के झंडा था और फैंस को धन्यवाद दे रहा था।












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