Jay Shah: ICC चेयरमैन जय शाह पहुंचे महाकुंभ, नन्हे बेटे को संतों से दिलवाया आशीर्वाद, देखें Video
Jay Shah in Prayagraj Mahakumbh 2025: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) के मौजूदा चेयरमैन जय शाह आज अपने पिता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, पत्नी और बच्चों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। सनातन धर्म के इस महासमागम में वो पूरी तरह से भगवामय नजर आए।
उन्होंने भगवा कुर्ता पहन रखा था और सबसे खास बात ये रही कि अपने पिता की तरह उन्होने भी संगम घाट पर पूजा-अर्चना की, यही नहीं उन्होंने अपने नन्हे बेटे को भी संतों से आशीर्वाद दिलवाया।

जिस वक्त जय शाह अपने बेटे को गोद में लेकर संतों के पास पहुंचे वहां पहले से अमित शाह खड़े थे, उन्होंने जय से अपने पोते को गोद में ले लिया और फिर संतों ने बच्चे को तिलक लगाकर और मंत्रों के साथ आशीष दिया।
इस दौरान अमित शाह मुस्कुराते हुए अपने पोते को एकटक निहारते दिखे, आमतौर पर अमित शाह अपने परिवार संग कम स्पॉट होते हैं इसलिए इस तरह से उन्हें देखना लोगों के लिए भी काफी अचरज भरा रहा।
नवंबर 2024 में जय शाह को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी (Jay Shah)
मालूम हो कि नवंबर 2024 में जय शाह को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी, आईपीएल ऑक्शन के दौरान ही जय शाह को ये खुशखबरी मिली थी।मालूम हो कि जय शाह को पहले ही शादी से दो बेटियां थी, ये उनकी तीसरी संतान हैं, उनकी पत्नी का नाम ऋशिता पटेल हैं और मूल रूप से गुजराती हैं।
जय शाह ने अपनी कॉलेज फ्रेंड से की है शादी (Jay Shah)
उनके पिता गुजरात के लोकप्रिय बिजनेसमैन हैं और उनका नाम गुणवंतभाई पटेल हैं। वो और जय शाह दोनों कॉलेज फ्रेंड थे, दोनों को साथ में पढ़ते-पढ़ते प्रेम हो गया, दोनों की फैमिली भी एक-दूसरे को जानती थी इसलिए दोनों की शादी में कोई रुकावट नहीं आई। मालूम हो कि जय और ऋशिता की शादी साल 2015 में हुई थी।
महाकुंभ 26 फरवरी को समाप्त होगा (Maha Kumbh 2025)
आपको बता दें कि जय शाह ने 1 दिसंबर, 2024 से आईसीसी चेयरमैन की कुर्सी संभाली थी। मालूम हो कि 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ 26 फरवरी को समाप्त होगा। इस कुंभ में अभी तक 13 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान किया है तो आज अभी तक 60 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस वक्त वहां पर आम से लेकर खास तक के आने का तांता लगा हुआ है।
'सूर्य, चंद्रमा, गुरु, शुक्र, और बुध एक ही राशि में' (Maha Kumbh 2025)
गौरतलब है कि इस बार 144 साल के बाद शुभ संयोग में महाकुंभ लगा है, जिसे कि अमृत योग कहा जा रहा है।मालूम हो कि इस योग में सूर्य, चंद्रमा, गुरु, शुक्र, और बुध एक ही राशि में हैं, इस का जिक्र हमारे पौराणिक ग्रंथों में है, जो कि अत्यंत ही शुभ माना गया है।
संगम स्नान करने से इंसान को हर तरह के कष्टों को छुटकारा मिलता है
कहते हैं कि कुंभ में संगम स्नान करने से इंसान को हर तरह के कष्टों को छुटकारा मिलता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूरे 12 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ लगा है, जिसके दर्शन के लिए देश के ही नहीं बल्कि विदेश से भी लोग आ रहे हैं। इस वक्त प्रयागराज में भारी भीड़ है, होटल, धर्मशाला सभी काफी फुल हैं, सब जगह एडवांस बुकिंग चल रही है।












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