हड़बड़ाइए मत ! सौ फीसदी फिट होने दीजिए जसप्रीत बुमराह को !
जसप्रीत बुमराह को बारृ-बार लगती चोट के चलते इस बार टीम मैनेजमेंट कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। इसी वजह से उनको न्यूजीलैंड के खिलाफ सफेद गेंद सीरीज से बाहर रखा गया है और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में जगह नहीं मिली।
जसप्रीत बुमराह का उदय भारतीय क्रिकेट के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। समकालीन क्रिकेट में वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में एक हैं। अपने दम पर मैच जिताने का माद्दा रखते हैं। लेकिन उनका बार-बार चोटिल होना भारत के लिए चिंता की बात है। वे पिछले चार महीने से क्रिकेट नहीं खेल रहे। इस मैच जिताऊ गेंदबाज के नहीं रहने से भारत की उम्मीदें पूरी नहीं हो पा रहीं। बड़ी प्रतियोगिताओं में उनकी कमी शिद्दत से महसूस होती है। टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत फाइनल में पहुंचेगा या नहीं, यह ऑस्ट्रेलिया सीरीज के नतीजे पर निर्भर है। पहले दो टेस्ट मैच में बुमराह नहीं खेलेंग। क्या उनकी गैरमौजूदगी में भारत वांछित नतीजे हासिल कर पाएगा ?

बुमराह के फिट होने में अभी समय
वीसीसीआइ के सूत्रों के मुताबिक, जसप्रीत बुमराह तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं लेकिन वे अभी भी सौ फीसदी फिट होने से दूर हैं। पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी दो हफ्ते और लग सकते हैं। फिर उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा तब उन्हें घरेलू क्रिकेट में खेल कर अपनी लय पानी होगी। यानी बुमराह को टेस्ट क्रिकेट में लौटने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो टेस्ट मैचों के लिए घोषित टीम में उनका नाम नहीं है। तीसरा टेस्ट 1 मार्च से धर्मशाला में शुरू होगा। यानी बुमराह के पास फिटनेस साबित करने के लिए करीब डेढ़ महीने का वक्त है। लेकिन बहुत कम उम्मीद है कि वे तीसरे टेस्ट के लिए चुने जाएंगे।

मैच विजेता को विश्वकप के लिए बचा कर रखना है !
क्रिकेट जानकारों का कहना है कि जसप्रीत बुमराह के इंजरी ट्रेंड को देखते हुए उन्हें विश्वकप क्रिकेट (2023) के लिए बचा कर रखा जा रहा है। टीम प्रबंधन हड़बड़ी में पुरानी गलती को दोहराना नहीं चाहता। बुमराह के पुनर्वास में जुटे डॉक्टर जब कर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाते तब बीसीसीआइ इंतजार करेगी। अक्टूबर-नवम्बर में जब तक विश्वकप क्रिकेट होगा तब तक बुमराह को रिकवर करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। हो सकता है कि बुमराह वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आइपीएल भी नहीं खेल सकें। विश्वकप एक बड़ा लक्ष्य है और उसके पहले बोर्ड बुमराह की फिटनेस को जोखिम में नहीं डालेगा।

बार-बार गलती के बाद बोर्ड को आया होश
बुमराह अभी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में पुनर्वास और अभ्यास कर रहे हैं। हाल ही में जब वे अभ्यास के दौरान बॉलिंग कर रहे थे तब उन्होंने अपनी पीठ के जकड़े होने की शिकायत की थी। इसका मतलब है उनकी बैक इंजरी अभी भी ठीक नहीं हुई है। उन्हें जबर्दस्ती टीम में लेने की कीमत भारत भुगत चुका है। बैक इंजरी के कारण वे एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेल सके। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सितम्बर 2022 में उन्होंने दूसरा टी-20 मैच खेला था। इसके पहले जुलाई 2022 में उन्होंने अंतिम मैच खेला था। बीसीसीआइ ने एक बार फिर उन्हें टीम में शामिल करने की हड़बड़ी दिखायी। इस महीने के शुरू में जब श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए टीम घोषित हुई तो उन्हें फिट बता कर चुन लिया गया। लेकिन बुमराह उस समय फिट नहीं थे। जब उन्होंने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में पीठ की जकड़न के बारे में बताया तो बोर्ड को अपनी गलती का अहसास हुआ। टीम में शामिल होने के बाद भी बुमराह नहीं खेले। हैरानी की बात है कि रोजर बिन्नी के बीसीसीआइ अध्यक्ष रहते इतनी बड़ी गलती कैसे हो गयी। उन्होंने कुर्सी संभालते ही सबसे पहले बुमराह की चोट और उनके वर्कलोड मैनैडमेंट की बात कही थी। फिर कैसे जनवरी 2023 में अनफिट बुमराह को टीम में चुन लिया गया ?

बुमराह क्यों होते हैं बार-बार चोटिल ?
डॉ. साइमन फेरोस शरीर क्रिया विज्ञान के लेक्चरर हैं और वे ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य के डिकिन यूनिवर्सिटी के खेल विभाग में कार्यरत हैं। मशहूर फिजियो जॉन ग्लोस्टर भी उनके साथ इसी खेल विभाग में काम करते हैं। 2019 में दोनों ने बुमराह के बॉलिंग एक्शन का अध्ययन किया था। उन्होंने अपनी स्टडी में पाया था कि बुमराह का अनोखा बॉलिंग एक्शन उनकी पीठ में चोट के लिए एक बड़ा खतरा है। अगर वे अपनी बांह को 45 डिग्री से अधिक मोड़ते हैं तो उनकी रीढ़ के नीचले हिस्से में कुछ चोट आ सकती है। हालांकि इन दोनों विशेषज्ञों ने बुमराह के स्पेशल बॉलिंग एक्शन की कुछ खूबियां भी बतायी थीं। ग्लोस्टर साढ़े तीन साल तक भारतीय टीम के फिजियो भी रह चुके हैं। सिडनी यूनिवर्सिटी के क्रिकेट बायोमैकैनिक्स विभाग के डॉक्टर रेने फर्डिनेंड्स की भी राय है कि बुमराह के खास बॉलिंग एक्शन से उनकी पीठ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसकी वजह से ही उन्हें बार बार बैक इंजरी हो रही है। अब शरीर क्रिया विज्ञान और क्रिकेट बायोमैकेनिक्स के विशेषज्ञ ही डॉक्टर की सलाह से बुमराह की चोट का तोड़ निकाल सकते हैं।
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