सचिन तेंदुलकर जैसा बेटा पाकर खुद को हमेशा खुशकिस्मत समझती रहीं लता मंगेशकर

नई दिल्लीः भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर अब इस दुनिया में शरीर के साथ मौजूद नहीं है। लता मंगेशकर ने अपने जीवन में गायकी को सर्वोच्च मुकाम तक पहुंचा कर अपनी आवाज को हमेशा के लिए अमर कर दिया है। उनके गीत सुनकर कई पीढ़ियां बढ़ी हुई और समय की सीमा से परे लगने वाले उनके स्वर आने वाली पीढ़ियों के कानों में भी घूमते रहेंगे और उनके मन को आनंदित करते रहेंगे। भारत रत्न से नवाजी गई लता मंगेशकर का क्रिकेट से भी काफी अच्छा नाता था। 6 फरवरी रविवार की सुबह 8:12 पर दुनिया को अलविदा कहने वाली लता मंगेशकर सचिन तेंदुलकर से काफी लगाव रखती थी। उन्नीस सौ नब्बे के दशक में सचिन तेंदुलकर की तूती पूरी दुनिया में बोलती थी।

सचिन और लता का खास रिश्ता-

सचिन और लता का खास रिश्ता-

आज की पीढ़ी को सचिन तेंदुलकर भले ही भगवान की तरह ना नजर आते हो लेकिन अपने खेल के चरम पर जिस तरह से वे दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों के परखच्चे उड़ाया करते थे उसके बाद आंखों को यही लगता था कि एक अलौकिक इंसान के सिवा ऐसा और कौन कर सकता है। सच यह है सचिन तेंदुलकर के लिए लता मंगेशकर एक मां से कम नहीं थी और दोनों एक दूसरे के फैन थे लेकिन यह रिश्ता मात्र एक प्रशंसक से ऊपर हटकर भावनात्मक भी था। लता मंगेशकर ही थी जिन्होंने सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की वकालत भी की और सचिन ने कई बार दुनिया के सामने लता मंगेशकर के लिए अपना सम्मान भी व्यक्त किया है।

सचिन जैसा बेटा पाकर मैं खुद को भाग्यवान मानती हूं- लता

सचिन जैसा बेटा पाकर मैं खुद को भाग्यवान मानती हूं- लता

सचिन को 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था लेकिन लता जी उससे कई साल पहले ही मानती थी कि सचिन उनके लिए असली भारत रत्न है। सचिन तेंदुलकर 2017 में भी कह चुके हैं कि लता जी उनके लिए मां समान है उन्होंने तब एक ट्वीट करते हुए यह बात कही थी और कहा था कि मां के आशीर्वाद के बिना चौके छक्के कभी नहीं लगते आप मेरे लिए मां समान हो। लता जी ने भी सचिन से अपने रिश्तो के बारे में बात करते हुए कहा कि वह उस दिन को कभी नहीं भूल सकती हैं जब सचिन ने पहली बार मुझे मां कहा था क्योंकि मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी और मेरे लिए यह हैरान करने वाली बात थी। सचिन जैसा बेटा पाकर मैं खुद को भाग्यवान मानती हूं।

लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन करने पहुंचे सचिन-

लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन करने पहुंचे सचिन-

दिलचस्प बात यह है कि लता मंगेशकर के पिता दीनानाथ मंगेशकर की पुण्यतिथि और सचिन का जन्मदिन एक ही तारीख पर होता है और वह है 24 अप्रैल। 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने वाले सचिन तेंदुलकर उन हस्तियों में एक थे जो लता मंगेशकर के अंतिम दर्शन करने के लिए ब्रिज कैंडी हॉस्पिटल पहुंचे थे क्योंकि यहीं पर भारत की महानतम गायिका पिछले 28 दिनों से एडमिट थी और कोविड-19 के साथ-साथ निमोनिया के लिए भी उनका इलाज चल रहा था। सोशल मीडिया पर जो फोटो आई है उसमें सचिन तेंदुलकर को लता मंगेशकर के एक घर जाते हुए भी देखा जा सकता है। सचिन ने लता मंगेशकर के निधन पर अपनी कोई भावना सोशल मीडिया पर भी जाहिर नहीं की है लेकिन उम्मीद की जाती है कि वह इस बारे में जल्द ही कोई ट्वीट वगैरह करेंगे और एक मां के चले जाने के दर्द को दुनिया के सामने अपने करोड़ों फैंस के साथ साझा करेंगे।

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