9 साल बाद इस दिग्गज की हो सकती है टीम इंडिया में वापसी, कहा- आज भी देखता हूं, देश के लिए खेलने का सपना
Vijay Hazare Trophy, Karun Nair: लंबे समय से भारतीय टीम से दूर रहने वाले करुण नायर इन दिनों बल्ले से खूब धमाल मचा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि भारतीय चयनकर्ताओं ने उनकी दमदार बल्लेबाजी पर ध्यान दिया होगा। विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ की कप्तानी करते हुए करुण नायर ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। धमाकेदार सीजन के बाद करुण नायर को लेकर लगातार चर्चाएं की जा रही है।
सात पारियों में 752 रन (Vijay Hazare Trophy, Karun Nair)
विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 की सिर्फ़ सात पारियों में 752 रन बनाकर करुण नायर का यह सीजन उनके जीवन का सबसे बेहतरीन सीजन रहा है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटरों के समर्थन मिलने लगे हैं। ऐसी खबरें हैं कि चयनकर्ता नायर पर नज़र बनाए हुए हैं। ऐसे में आने वाले समय में वह एक बार फिर भारतीय वनडे टीम में जगह पा सकते हैं।

2017 में खेला था अंतिम टेस्ट मैच
करुण नायर ने भारत के लिए अपना आखिरी टेस्ट मैच मार्च 2017 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेला था। इसके बाद से अब तक वह टीम इंडिया के लिए नहीं खेले हैं। टेस्ट फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन जोरदार रहा है। वह भारत के लिए वीरेंद्र सहवाग के बाद तिहरा शतक जड़ने वाले केवल दूसरे बल्लेबाज हैं। वहीं आखिरी बार नायर ने साल 2016 में अंतिम वनडे खेला था।
भारत के लिए खेलने का सपना अभी भी जिंदा
करुण नायर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि मेरा सपना हमेशा देश के लिए खेलना रहा है और यह सपना अभी भी जिंदा है। यही कारण है कि हम यह खेल खेलते हैं, अपने देश के लिए खेलने के लिए। इसलिए, मेरा एकमात्र लक्ष्य देश के लिए खेलना था। नायर को 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान टेस्ट डेब्यू का मौका मिला और वह इस प्रारूप में तिहरा शतक बनाने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बनकर सुर्खियों में आ गए।
वनडे और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए होना है टीम का चयन
नायर का मौजूदा विजय हजारे ट्रॉफी में औसत 752 रन है। चयनकर्ता इंग्लैंड वनडे और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम का चयन करने वाले हैं, ऐसे में विदर्भ के कप्तान का शानदार प्रदर्शन बिल्कुल सही समय पर आया है। नायर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह मेरी तीसरी वापसी है। मुझे वही करना जारी रखना होगा जो मैं इस समय कर रहा हूं। मैं जितने भी मैच खेलता हूं, उसमें जब भी संभव हो रन बनाता रहूँगा। मैं यही कर सकता हूं। बाकी सब कुछ मेरे नियंत्रण में नहीं है।
नायर ने कहा कि अगर मैं कहूं कि मुझे डर नहीं था तो मैं झूठ बोलूंगा। मुझे लगता है कि किसी को भी ऐसी भावनाएं हो सकती हैं। लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मुझे बस यही लगता था कि यह कहां जा रहा है? मैं क्या कर रहा हूं? यह कैसे हुआ? आपको उस दौर से बाहर आने और यह समझने में थोड़ा समय लगता है कि क्या हो रहा है और फिर आपको क्या करना चाहिए। इसलिए, मैंने खुद से कहा कि मुझे फिर से शून्य से शुरुआत करनी होगी।












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