Jaspal Rana: चैंपियंस बनाने की फैक्ट्री थे जसपाल राणा, मनु भाकर के अलावा संवार गए कई खिलाड़ियों की जिंदगी
Jaspal Rana Legacy: भारतीय शूटिंग जगत के लिए जसपाल राणा का नाम सिर्फ एक दिग्गज खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे गुरु के रूप में भी याद किया जाएगा जिन्होंने कई युवा निशानेबाजों को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। एशियन गेम्स में भारत के लिए कई पदक जीतने वाले राणा ने खेल से संन्यास के बाद कोच और मार्गदर्शक की भूमिका में भी अपनी अलग पहचान बनाई।
शानदार करियर को याद कर रहे हैं फैंस (Jaspal Rana Legacy)
जसपाल राणा के निधन के बाद जहां खेल जगत उनके शानदार करियर को याद कर रहा है, वहीं उन खिलाड़ियों की भी चर्चा हो रही है जिन्होंने उनके साथ काम करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। मनु भाकर का नाम इसमें सबसे पहले सामने आता है। लेकिन इसके अलावा भी भारतीय पिस्टल शूटिंग की नई पीढ़ी के कई बड़े खिलाड़ियों के विकास में उनकी अहम भूमिका रही। राष्ट्रीय कोच और मार्गदर्शक के तौर पर उन्होंने भारतीय शूटिंग को नए सितारे दिए, जिनकी उपलब्धियां आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय हैं।

मनु भाकर के साथ बनी यादगार जोड़ी
जसपाल राणा का नाम सबसे ज्यादा मनु भाकर के साथ जुड़ता है। दोनों ने साथ मिलकर कई बड़े टूर्नामेंट की तैयारी की। पेरिस ओलंपिक 2024 में मनु भाकर ने दो पदक जीतकर इतिहास रचा और भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बनीं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो पदक अपने नाम किए। इस सफलता के पीछे राणा के अनुभव और मार्गदर्शन को भी अहम माना गया।
सौरभ चौधरी ने कम उम्र में रचा इतिहास
भारतीय पिस्टल शूटिंग के बड़े नामों में शामिल सौरभ चौधरी भी उस नई पीढ़ी का हिस्सा रहे, जिसके विकास के दौरान जसपाल राणा राष्ट्रीय कोचिंग व्यवस्था से जुड़े रहे। सौरभ ने 2018 एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने यूथ ओलंपिक में भी गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।
ईशा सिंह ने बढ़ाया भारत का मान
युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने भी कम समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। एशियन गेम्स में कई पदक जीतने वाली ईशा जूनियर विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बनाकर भारतीय शूटिंग की ताकत को दुनिया के सामने पेश किया। राष्ट्रीय पिस्टल कार्यक्रम में उनकी प्रगति के दौरान राणा की मौजूदगी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
रिदम सांगवान भी बनीं बड़ी स्टार
रिदम सांगवान भारतीय महिला शूटिंग टीम का अहम चेहरा हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश को गौरवान्वित किया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने कई उल्लेखनीय प्रदर्शन किए हैं। भारतीय पिस्टल शूटिंग के उभरते दौर में वह उन खिलाड़ियों में शामिल रहीं जिन्होंने राष्ट्रीय कोचिंग ढांचे के तहत अपनी पहचान बनाई।
अकादमी से निकले कई युवा निशानेबाज
जसपाल राणा ने केवल राष्ट्रीय टीम तक खुद को सीमित नहीं रखा। देहरादून में उनकी शूटिंग अकादमी से भी कई युवा खिलाड़ी निकले, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। राणा अक्सर युवा प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए जाने जाते थे।
खिलाड़ी से गुरु तक का सफर
जसपाल राणा ने अपने खेल करियर में देश को कई यादगार जीत दिलाईं, लेकिन कोच और मार्गदर्शक के रूप में भी उनकी भूमिका कम महत्वपूर्ण नहीं रही। मनु भाकर जैसी ओलंपिक पदक विजेता से लेकर सौरभ चौधरी, ईशा सिंह और रिदम सांगवान जैसी नई पीढ़ी के सफल निशानेबाजों तक, भारतीय शूटिंग की कई उपलब्धियों के पीछे कहीं न कहीं राणा का अनुभव, मार्गदर्शन और योगदान जुड़ा रहा।















Click it and Unblock the Notifications