कोहली ने हुनर पहचानने में की थी गलती, IPL 2014 में पार्थिव से बोला- 'ये बुमराह-वुमराह क्या करेंगे'
नई दिल्ली, 28 मार्च: भारत के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने जसप्रीत बुमराह और विराट कोहली से जुड़ा एक किस्सा याद किया है। यह साल 2014 की बात है जब पार्थिव पटेल रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का हिस्सा थे और आईपीएल का सीजन चल रहा था और उस दौरान विराट कोहली जसप्रीत बुमराह को गंभीरता से नहीं लेते थे। पार्थिव पटेल ने जसप्रीत बुमराह को काफी करीब से तब देखा था जब वे अपने करियर के शुरुआती दिनों में गुजरात के लिए रणजी ट्रॉफी खेल रहे थे। बुमराह ने 2013 में मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल डेब्यु किया लेकिन यह 2015 का सीजन था जिसने उनको भारतीय क्रिकेट टीम में जगह दिलाई।

कोहली ने पार्थिव पटेल के शब्दों को गंभीरता से नहीं लिया
उसके बाद से लेकर बुमराह दुनिया के बेस्ट तेज गेंदबाजों में से एक बने हुए हैं और वे तीनों फॉर्मेट के एक बेजोड़ बॉलर साबित हो चुके हैं। जसप्रीत बुमराह ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस टीम की सफलता में अहम हिस्सा निभाया है। इसमें कोई शक नहीं है जसप्रीत बुमराह विराट कोहली की फ्रेंचाइजी आरसीबी के लिए भी एक शानदार रोल निभा सकते थे लेकिन विराट कोहली ने पार्थिव पटेल के शब्दों को गंभीरता से लिया ही नहीं।

पार्थिव पटेल ने कहा- मैं शुरू से बुमराह को ऊंचा बॉलर मानता था
पार्थिव पटेल बताते हैं कि वे 2014 में भी जसप्रीत बुमराह को काफी ऊंचा गेंदबाज आंकते थे लेकिन विराट कोहली इस गेंदबाज को लेकर अधिक दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। पार्थिव पटेल ने बताया कि बुमराह ने 2013-14 में परफॉर्मेंस नहीं किया था लेकिन मुंबई इंडियंस की टीम ने उनका समर्थन किया जिसके चलते 2015 में एक जबरदस्त सीजन निकालने में कामयाब रहे। पार्थिव पटेल यह भी बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने अपने आप इतनी मेहनत भी की कि उनकी गेंदबाजी आज एक अलग लेवल पर है और आईपीएल के साथ-साथ में इंटरनेशनल लेवल पर भी छा रहे हैं।

'छोड़ ना यार, यह बुमराह वुमराह क्या करेंगे'
पार्थिव ने बताया 2014 में जब मैं आरसीबी में था तो मैंने विराट कोहली को इस गेंदबाज के बारे में बताया। मैंने कहा कि एक बार बुमराह की ओर देखिए। विराट कोहली ने कहा- 'छोड़ ना यार, यह बुमराह वुमराह क्या करेंगे।'
अगर विराट कोहली तब बुमराह को लेकर संजीदा होते तो आरसीबी के पास एक बड़ा गेंदबाज होता जो उनके पहले खिताब को हासिल करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता था।

मुंबई इंडियंस का सपोर्ट और खुद की मेहनत रंग लाई-
पार्थिव पटेल आगे कहते हैं बुमराह ने शुरुआत में रणजी ट्रॉफी खेला था। वे 2013 और 14 के सीजन में बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। 2015 में इतनी बुरी हालत थी कि इस तरह की चर्चाएं होने लगी थी कि क्या इस गेंदबाज को सीजन के बीच में ही घर वापस भेज देना चाहिए। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद में सुधार किया और मुंबई इंडियंस की टीम ने उनको वास्तव में सपोर्ट किया। यह उनकी अपनी कठिन मेहनत भी थी और जो सपोर्ट मिला उसका नतीजा भी था कि वह अपने बेस्ट को हासिल करने में कामयाब रहे।












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