IPL 2026 Playoffs: मुंबई-लखनऊ के बाद अब किसकी बारी? 2 और टीमें बाहर होने के करीब
IPL 2026 Playoffs: आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है लेकिन कुछ बड़ी टीमों के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हो रहा है। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद अब दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की विदाई की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है।
अंक तालिका के समीकरण इन दोनों टीमों के लिए इतने उलझ चुके हैं कि अब इन्हें केवल अपनी जीत पर ही नहीं बल्कि दूसरी टीमों की हार और किस्मत के करिश्मे पर निर्भर रहना होगा। मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली और कोलकाता का सफर अब आखिरी सांसें ले रहा है।

दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति इस समय सबसे ज्यादा दयनीय नजर आ रही है। टीम ने अब तक खेले गए 11 मुकाबलों में केवल 6 अंक हासिल किए हैं जो उनकी काबिलियत पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है। दिल्ली के लिए सबसे बड़ी मुसीबत उनका नेट रन रेट है जो इस समय माइनस 1.154 के बेहद निचले स्तर पर पहुंच चुका है।
अन्य टीमों के ऊपर भी निर्भरता
प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए दिल्ली को अब न केवल अपने बचे हुए सभी मैच रिकॉर्ड अंतर से जीतने होंगे बल्कि यह प्रार्थना भी करनी होगी कि अंक तालिका में शीर्ष पर बैठी टीमें अपने सारे मुकाबले हार जाएं। क्रिकेट की अनिश्चितताओं के बीच भी दिल्ली के लिए यह गणित सुलझाना लगभग नामुमकिन नजर आता है।
दूसरी ओर दो बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी डगर बहुत कठिन हो चुकी है। केकेआर ने अब तक 10 मैचों में 9 अंक बटोरे हैं और वे फिलहाल मझधार में फंसे हुए हैं। कोलकाता के पास अब गलती की कोई गुंजाइश बाकी नहीं रह गई है।
उन्हें टूर्नामेंट में बने रहने के लिए अपने बाकी बचे चारों मुकाबले हर हाल में जीतने होंगे। अगर केकेआर एक भी मैच हारती है तो वे सीधे तौर पर बाहर का रास्ता देख लेंगे। टीम के ऊपर अब हर मैच को फाइनल की तरह खेलने का दबाव है और विपक्षी टीमों के मजबूत फॉर्म को देखते हुए केकेआर के लिए यह राह किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।
दिल्ली-कोलकाता के लिए अस्तित्व की लड़ाई
अंक तालिका के इस उतार-चढ़ाव ने फैंस की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जहां कुछ टीमें प्लेऑफ का टिकट पक्का करने के करीब हैं वहीं दिल्ली और कोलकाता जैसी टीमें अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। दिल्ली का खराब प्रदर्शन और कोलकाता की निरंतरता में कमी उनके लिए काल बन चुकी है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये दोनों टीमें किसी चमत्कार के जरिए अपनी किस्मत बदल पाती हैं या मुंबई और लखनऊ की तरह इनका बैग भी पैक होने वाला है। आने वाले कुछ मैच यह साफ कर देंगे कि प्लेऑफ की अंतिम चार सीटों पर किन टीमों का कब्जा होगा और किन दिग्गजों को खाली हाथ घर लौटना पड़ेगा।












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