IPL 2023: जब सचिन और लारा मिले तो याद आयी वो कहानी
IPL 2023 Sachin and Lara: सचिन और लारा दोनों ही अलग टीमों के लिए आईपीएल 2023 का हिस्सा हैं। सचिन और लारा जब मिले तो एक पुराना किस्सा याद आ गया।

IPL 2023 Sachin & Lara: मौजूदा आइपीएल में कई दुर्लभ और यादगार दृश्य देखने को मिल रहे हैं। सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जब मिले तो ऐसा लगा जैसे कि क्रिकेट के आकाश से दो सितारे जमीन पर उतर आये हैं। लारा, सचिन की बात बहुत तन्मयता से सुन रहे थे। बीच बीच में मुसकुरा कर सहमति में अपना सिर भी हिला रहे थे। फिर बाद में लारा ने भी उनसे कुछ कहा। आधुनिक क्रिकेट के दो महान बल्लेबाजों का इस तरह मिलना, बात करना, एक यादगार पल था। इन दोनों के नाम पर अनगिनत रिकॉर्ड दर्ज हैं। कुछ रिकॉर्ड तो ऐसे हैं जो शायद ही टूट पाये।
मंगलवार को मुम्बई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद का मैच शुरू होने से पहले मैदान पर सचिन और लारा की यह खास मुलाकात हुई थी। ब्रायन लारा सनराइजर्स हैदराबाद के टीम डायरेक्टर हैं जब कि सचिन मुम्बई इंडियंस के मेंटर हैं। जब दोनों एक साथ मिले तो यादों की बारात निकल पड़ी। टेस्ट क्रिकेट में लारा का चौहरा शतक (400) एक अविश्वसनीय कीर्तिमान है। सचिन क्रिकेट के भगवान हैं और उनके मुकुट में के 51 टेस्ट शतक जड़े हुए हैं। दोनों बेजोड़ हैं।
लारा और सचिन का अजीब इत्तेफाक
साल 2000 का फरवरी महीना एक अजीब संयोग के लिए याद किया जाता है। इस महीन में तीन बड़ी घटनाएं हुईं थी जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था। अलग-अलग कारणों से सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा और वसीम अकरम ने अपनी-अपनी टेस्ट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। फरवरी 2000 में कप्तानी छोड़ने के बाद दोनों ने टेस्ट मैचों में ऐतिहासिक पारियां खेलीं। 2002 में भारत की टीम वेस्टइंडीज के दौर पर गयी थी। भारत के कप्तान सौरव गांगुली थे। सचिन तेंदुलकर एक बल्लेबाज के रूप में टीम का हिस्सा थे। वेस्टइंडीज के कप्तान कार्ल हूपर थे और ब्रायन लारा उपकप्तान थे। पोर्ट ऑफ स्पेन में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा टेस्ट मैच खेला गया था। इस मैच में दुनिया के दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज एक दूसरे के मुकाबिल खड़े थे। सचिन और लारा की यह जंग कैसी रही, जानते हैं तफ्सील से।
सचिन का शतक
भारत ने पहले बैटिंग की। शिवसुंदर दास (कार्यवाहक मुख्य चयनकर्ता) और संजय बांगड़ (आरसीबी के बैटिंग कोच) सलामी बल्लेबाज के रूप में मैदान पर उतरे। बांगड़ 9 और शिवसुंदर दास 10 रन बना कर आउट हो गये। वन डाउन खेलने आये द्रविड़ ने 67 रनों का योगदान दिया। फिर उतरे सचिन तेंदुलकर। उन्होंने शानदार शतक जड़ा। 117 रन बनाने के लिए 260 गेंदें खेलीं और 14 चौक लगाये।
उस समय मर्वन डिल्लन, कैमरून कफी, एडम सैनफोर्ड और मार्लोन ब्लैक वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज हुआ करते थे। सचिन को कफी ने एलबीडब्ल्यू आउट किया था। वीवीएस लक्ष्मण ने भी अच्छी बल्लेबाजी की थी। उन्होंने अपेक्षाकृत तेज पारी खेली थी और 11 चौकों के सहारे 69 रन बनाये थे। भारत ने पहली पारी में 339 रन बनाये।
लारा के 52 रन
उस समय ब्रायन लारा भी सचिन की तरह नम्बर चार पर बैटिंग करते थे। वेस्टइंडीज की तरफ से क्रिस गेल और स्टुअर्ट विलियम्स ने पारी शुरू की। गेल को श्रीनाथ ने 13 और विलियम्स को हरभजन सिंह ने 43 रनों पर आउट कर दिया। ब्रायन लारा अच्छी लय में नजर आ रहे थे। अर्धशतक बना चुके थे। लेकिन 52 के स्कोर पर जहीर खान ने लारा को विकेट के पीछे कैच करा दिया। उस समय अजय रात्रा भारत के विकेटकीपर थे। यह वह दौर था जब भारत के चार प्रतिभावान विकेटकीपर टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
दिनेश कार्तिक, दीपदास गुप्ता, अजय रात्रा और महेन्द्र सिंह धोनी। बाद में धोनी न केवल भारत के नियमित विकेटकीपर बने बल्कि कप्तान के रूप में इतिहास रच दिया। बहरहाल अजय रात्रा की चर्चा इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने लारा जैसे विशिष्ट बल्लेबाज का कैच लिया था। श्रीनाथ, आशीष नेहरा, जहीर खान और हरभजन सिंह की कसी हुई गेंदबाजी के कारण वेस्टइंडीज पहली पारी में सिर्फ 245 रन बना सका।
सचिन 0 पर आउट
भारत की दूसरी पारी कुछ खास नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शिवसुंदर दास और सचिन तेंदुलकर खाता नहीं खोल सके। दास को मर्वन डिल्लन और सचिन को सैनफोर्ड ने आउट किया। वो तो सौरव गांगुली और वीवीएल लक्ष्मण ने पारी संभाल ली वर्ना भारत के 218 रन भी बन पाते। गांगुली ने 75 नाबाद और लक्ष्मण ने 74 रन बनाये। मर्वन डिल्लन ने 4 और कैमरून कफी ने 3 विकेट लेकर भारत को सस्ते में समेट दिया। अब वेस्टइंडीज को जीत के लिए 313 रनों का लक्ष्य मिला।
टेस्ट मैच की चौथी पारी में 300 से अधिक का स्कोर बनाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। लेकिन उस समय वेस्टइंडीज की टीम क्रिस गेल, रामनरेश सरवन, ब्रायन लारा, शिवनारायण चंद्रपाल और कार्ल हूपर जैसे सितारों से भरी पड़ी थी। नतीजा कुछ भी हो सकता था।
37 रनों से भारत ने टेस्ट मैच जीता
313 रनों के लक्ष्य को पाने के लिए वेस्टइंडीज ने चौथी पारी शुरू की। इस पारी में गेल ने अपने नाम के उलट बल्लेबाजी की थी। टेस्ट मैच में रन चेज के लिए रक्षात्मक बल्लेबाजी जरूरी थी। गेल ने वही किया। उन्होंने 52 रन बनाने के लिए 176 गेंदें खेलीं। उनका स्ट्राइक रेट केवल 29.54 था जो आज के क्रिकेट प्रेमी को जान कर आश्चर्य हो सकता है। सरवन ने 41 रन बनाये। लारा की ठोस बल्लेबाजी देख कर ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज कमाल करने वाला है। लेकिन जब लारा 47 के स्कोर पर थे तभी आशीष नेहरा ने उन्हें स्लीप में द्रविड़ के हाथों कैच करा दिया।
इसके बाद शिवनारायण चंद्रपाल (67 नाबाद) ने टीम को जीत दिलाने के इरादे से मोर्चा संभाल लिया। लेकिन उन्हें किसी और बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। एक समय वेस्टइंडीज का स्कोर 5 विकेट पर 237 रन था और अचानक ही 263 रन पर उसके 9 विकेट गिर गये। अंतत: पूरी टीम 275 रनों पर आउट हो गयी। भारत ने यह टेस्ट मैच 37 रनों से जीत लिया था। श्रीनाथ, नेहरा ने 3-3, जहीर खान ने 2 और हरभजन सिंह ने एक विकेट लेकर भारत की जीत पक्की कर दी थी।












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