2008 में एक बॉलर का टैलेंट पहचाना, फिर 12-13 साल उसका IPL करियर चला: रिकी पोंटिंग
नई दिल्ली, 20 अप्रैल: दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग को नई प्रतिभा को तराशने वाला इंसान माना जाता है। दिल्ली की टीम पर पोंटिंग की कोचिंग का गहरा प्रभाव है और कैपिटल्स का कोचिंग स्टॉफ भी पोंटिंग के इर्द-गिर्द घूमता है।
डीसी के हेड कोच रिकी पोंटिंग ने साल 2008 के ऐसे बॉलर का खुलासा किया है पोंटिंग की वजह से आगे बढ़ा और उसने 10-12 साल का आईपीएल का करियर भी हासिल किया।

ये गेंदबाज थे अशोक डिंडा
ये गेंदबाज थे अशोक डिंडा जो 2008 में केकेआर की टीम के नेट बॉलर हुआ करते थे। तब पोंटिंग भी केकेआर में थे और उन्होंने डिंडा का बारीकी से देखा। डिंडा नेट बॉलर के तौर पर 7-10 दिन तक बल्लेबाजों को पूरी ताकत के साथ बाउंसर फेंकते रहे। यह देख पोंटिंग काफी प्रभावित हुए और उन्होंने तत्कालीन केकेआर कोच जॉन बुकानन को मना लिया कि डिंडा को भी खिलाया जाए और उनको भी एक कॉन्ट्रैक्ट सौंप दिया जाए।

कोलकाता में हमारे लिए अशोक डिंडा एक नेट बॉलर थे- पोंटिंग
दिल्ली कैपिटल्स द्वारा शेयर किए एक वीडियो में पोंटिंग कहते हैं, "कोलकाता में हमारे लिए अशोक डिंडा एक नेट बॉलर थे, और 7-10 दिनों के लिए वे हर बल्लेबाज के सामने बाउंसर की झड़ी लगाते गए। अंत में मैंने जॉन बुकानन को कहा कि इस लड़के में दम है, इसको एक कॉन्ट्रैक्ट दे दिया जाए।"
"मुझे लगता है उसने तीन विकेट लिए थे और ये उस करियर की शुरुआत थी जो आईपीएल में 12 या 13 साल तक चला।"

खूब फला-फूला डिंडा का करियर-
डिंडा ने 2011 में केकेआर का साथ छोड़कर दिल्ली डेयरडेविल्स का दामन थाम लिया था और उन्होंने 2012 से 2013 में पुणे वारियर्स टीम का प्रतिनिधित्व भी किया था। उन्होंने 2014 में आरसीबी के लिए भी खेल दिखाया और 2015 में भी इसी टीम की ओर से खेल। वह 2016 से 2017 के बीच में राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स टीम की ओर से खेले।
38 साल का यह खिलाड़ी फरवरी 2021 में क्रिकेट की सभी फॉर्म को अलविदा कह चुका है।












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