'CSK को जडेजा के बजाय उसे बनाना था कप्तान', शास्त्री ने बताया धोनी के बाद किसे मिलनी चाहिये थी कमान
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 15वें सीजन में डिफेंडिंग चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स के लिये अब तक का सीजन कुछ खास नहीं बीता है और पहले 4 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। सीएसके की टीम ने सीजन से पहले ही अपने कप्तान में बदलाव करते हुए महेंद्र सिंह धोनी के बजाय रविंद्र जडेजा को कमान सौंपी, जिनके साथ फ्रैंचाइजी अपनी लेगेसी को बरकरार रखना चाहती थी, हालांकि जडेजा की कप्तानी का आगाज बेहद शर्मनाक तरीके से हुआ और उन्हें लगातार पहले 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

आईपीएल के इतिहास में साल 2010 के बाद पहली बार हुआ है जब चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को लगातार 4 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में मंगलवार को जब सीएसके की टीम का सामना आरसीबी से होगा तो उसकी कोशिश होगी कि वो सीजन की पहली जीत हासिल कर सके।
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जडेजा ने किया शर्मनाक आगाज
इस बीच भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने रविंद्र जडेजा की कप्तानी की कमियों को उजागर करते हुए बताया है कि धोनी के जाने के बाद जडेजा के अलावा किसे टीम की कमान देनी चाहिये थी। जिस तरह से सीएसके की टीम की शुरुआत रही उसे देखते हुए कई सारे एक्सपर्टस का मानना है कि एक और हार जिसके बाद सीएसके की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जायेगी। रविंद्र जडेजा सीएसके के लिये नियमित रूप से टीम की कमान संभालने वाले महज दूसरे ही कप्तान हैं। जहां रविंद्र जडेजा ने बतौर ऑलराउंडर अपने लिये काफी नाम कमाया है तो वहीं पर उनकी कप्तानी ने ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ा है।

जडेजा के बजाय इसे बनाना चाहिये था कप्तान
रवि शास्त्री का मानना है कि सीएसके की टीम को रविंद्र जडेजा को टीम की कमान नहीं सौंपनी चाहिये थी बल्कि फाफ डुप्लेसिस को रिटेन या फिर नीलामी में अपने खेमे से जोड़कर टीम की कप्तान देनी चाहिये थी। अगर सीएसके जानती थी कि धोनी कप्तानी नहीं करने वाले हैं तो उसे डुप्लेसिस को रिटेन करना चाहिये था।

जडेजा को क्रिकेट पर देना चाहिये ध्यान
ईएसपीएन क्रिकइंफो से बात करते हुए रवि शास्त्री ने कहा,'मेरा मानना है कि जडेजा जैसे खिलाड़ी को क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिये। अगर चेन्नई इस बारे में दोबारा सोचे तो उसे फाफ डुप्लेसिस को अपने खेमे से नहीं जाने देना चाहिये ता क्योंकि वो मैच विनर हैं और बहुत ज्यादा क्रिकेट खेला है। अगर धोनी अपनी टीम की कप्तानी नहीं करना चाहते थे तो फाफ को टीम का कप्तान होना चाहिये थे और जडेजा को बतौर खिलाड़ी खेलना चाहिये, क्योंकि ऐसा होने पर वो खुलकर खेल सकते थे और उन पर कप्तानी का कोई दबाव नहीं होता।'

डुप्लेसिस बनाम जडेजा का होगा मुकाबला
गौरतलब है कि फाफ डुप्लेसिस ने साल 2012 में अपना आईपीएल डेब्यू किया था और सीएसके के खेमे से ही खेलते नजर आये थे, जिन्हें सीएसके की टीम ने मेगा ऑक्शन से पहले रिलीज कर दिया। मेगा ऑक्शन में सीएसके की टीम ने उन्हें वापस खरीदने की कोशिश की थी लेकिन आरसीबी की टीम ने 7 करोड़ रुपये में उन्हें अपने खेमे में शामिल किया। वहीं आरसीबी की टीम ने विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के फैसले का सम्मान करते हुए डुप्लेसिस को नया कप्तान बनाया और शानदार आगाज करते हुए 4 में से 3 मैचों मे जीत हासिल की है।












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