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IPL 2022: बटलर की जायकेदार ‘RUN बिरयानी’ का लुत्फ उठा रहा राजस्थान

नई दिल्ली, 28 मई। 'बटलर' की जायकेदार 'RUN बिरयानी' से तृप्त राजस्थान रॉयल्स जश्न के मूड में है। हो भी क्यों नहीं, 14 साल बाद जो पहुंचा है आइपीएल के फाइनल में। बटलर ने अभी तक 824 रन बनाये हैं जिसमें चार शतक शामिल हैं। इस बार उन्होंने अपने खेल को क्या खूब पकाया। अधिकतर पारियां बिरयानी की तरह लजीज और मसालेदार रहीं। ये आंखों से महसूस करन वाला स्वाद था जिसका देखने वालों ने भरपूर लुत्फ उठाया।

ipl 2022 jos buttler role in rajasthan royals reached ipl final after 14 years

इंग्लैंड के इस विकेटकीपर बल्लेबाज का भारत से गहरा जुड़ाव है। जोस बटलर ने अपने टेस्ट और टी-20 करियर की शुरुआत भारत के खिलाफ ही की है। पहले ही टेस्ट (2014) में बटलर ने भारत के खिलाफ 83 गेंदों में 85 रन बना कर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का नमूना पेश कर दिया था। डेब्यू टेस्ट की पहली पारी उन्होंने वनडे स्टाइल में खेली थी।

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    बटलर पर भरोसा किया तो नतीजा सामने है

    बटलर पर भरोसा किया तो नतीजा सामने है

    जोस बटलर इस आइपीएल के सुपर स्टार हैं। हर जुबान पर उनका ही नाम है। उन्होंने चौकों-छक्कों की झड़ी लगा कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया है। ये किस्मत की बात है कि बटलर आज इस मुकाम पर खड़े हैं। वर्ना 2016 में मुम्बई से जुड़कर कोई खास कमाल नहीं कर पाये थे। मुम्बई से ही उन्होंने अपना आइपीएल करियर शुरू किया था। मुम्बई ने ही उन्हें सलामी बल्लेबाज बनाया था। लेकिन 2018 में जब मुम्बई ने बटलर को रिलीज कर दिया तब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 4.4 करोड़ रुपये में खरीद लिया था। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के लिए चार सीजन खेले। उनके आने से राजस्थान की किस्मत तो नहीं पलटी लेकिन टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा बनाये रखा। 2022 में नीलामी के पहले जब तीन खिलाड़ियों को रिटेन करने का सवाल आया तो राजस्थान ने बेखटक बटलर को रोक लिया। आज इसी विश्वास का नतीजा है कि राजस्थान फाइनल में है। पहले क्वालीफायर में राजस्थान की टीम गुजरात से हार कर हताश और निराश थी। दूसरे क्वालीफायर में उसके लिए एक और मौका था। करो या मरो के इस मैच ने बटलर ने 60 गेंदों पर 106 रन बना कर राजस्थान को फाइनल का टिकट दिला दिया।

    थम्पी के एक ओवर में बटलर ने 26 रन कूटे

    थम्पी के एक ओवर में बटलर ने 26 रन कूटे

    जोस बटलर क्रिस गेल या किरोन पोलार्ड की तरह सिक्सर किंग तो नहीं हैं लेकिन वे एक बेरहम बल्लेबाज हैं जो किसी गेंदबाज की बखिया उधेड़ सकते हैं। वे अपने स्लैप शॉट और रिवर्स स्लैप शॉट से कहीं भी और कभी भी रन रेट को तूफानी रफ्तार दे सकते हैं। राजस्थान के दूसरे मैच में ही उन्होंने मुम्बई के खिलाफ कातिलाना बल्लेबाजी की। बासिल थम्पी के एक ओवर में 26 रन कूट दिये जिसमें तीन छक्के और दो चौके शामिल थे। उन्होंने जब एक बार गियर बदला तो शतक बना कर ही दम लिया। 68 गेंदों पर सेंचुरी ठोक दी। इस मैच में राजस्थान ने मुम्बई को 23 रनों से हराया। इसके बाद बटलर ने रौद्र रूप धारण कर लिया। दो मैच जीतने के बाद राजस्थान अपना तीसरा और पांचवां मुकाबला हार गया था। छठा मैच कोलकाता नाइटराइडर्स के साथ था। बटलर ने फिर 61 गेंदों पर 103 रनों की धुआंधार पारी खेली। राजस्थान ने बोर्ड पर 217 रन टांग कर कोलकाता को बड़ी चुनौती दी। कोलकाता हालांकि दिलेरी से खेला लेकिन 7 रनों से मैच हार गया। बटलर ने सातवें मैच में भी दिल्ली के खिलाफ शतक (116) लगाया। बटलर की पारी के दम पर राजस्थान ने लगातार दूसरी 200 का आंकड़ा पार किया। दिल्ली ने अच्छा जवाब दिया लेकिन आखिरकर वह 15 रनों से मैच गंवा बैठा। बटलर अभी तक इस प्रतियोगिता में चार शतक और चार अर्धशतक लगा चुके हैं। अभी फाइनल खेलना बाकी है।

    2022 में ऐसे चमकी बटलर की किस्मत

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    बटलर जब इस प्रतियोगिता में शामिल होने इंग्लैंड से भारत आये थे तब उन्होंने कोई बहुत बड़ी उम्मीद नहीं पाल रखी थी। वे यही सोच रहे थे कि इस बार भी पहले के सीजन की तरह ही मिलीजुली बैटिंग रहेगी। यानी वे औसत दर्जे के प्रदर्शन का ही अनुमान लगा रहे थे। लेकिन मुम्बई के खिलाफ शतकीय पारी ने उनके सोचने के अंदाज को बिल्कुल बदल दिया। उन्होंने पाया कि वे बॉल को बेहतर टाइम कर रहे हैं। उनका शॉट सेलेक्शन भी सटीक था। इस आत्मविश्वास से एक नये बटलर का उदय हुआ। शुरू में बटलर कुछ दबाव महसूस कर रहे थे। इस संबंध ने इन्होंने कोच कुमार संगकारा और सहायक कोच ट्रेवर पेनी से बात की। उनका ध्यान भी भटका हुआ था। बटलर इन समस्याओं से मुक्ति चाहते थे। उन्होंने ईमानदारी के साथ अपनी बात कोच के सामने रखी। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज रहे कुमार संगकारा ने बटलर की समस्या को समझा और नैतिक समर्थन किया। उन्हें समझाया गया, आप नतीजों से बेफिक्र रहें और अपना स्वभाविक खेल खेलें। आप हमारे मैच विजेता खिलाड़ी हैं। हमें आप पर पूरा भरोसा है। कोच के यकीन ने बटलर में नयी जान फूंक दी। एक इंटरव्यू में बटलर ने कहा, मुझे हमेशा से तेज खेलना पसंद रहा है। लेकिन सांगा (संगकारा) ने मुझसे कहा कि आप पिच पर जितनी देर तक रहेंगे टीम को उतना ही फायदा होगा। इस सलाह के बाद मैंने कई बार धीमी शुरुआत की । जब गेंद पर नजर जम गयी तो बाद में रनों की रफ्तार बढ़ा दी। संगकारा की इस सलाह का नतीजा सबसे सामने है। बटलर के माथे पर ऑरेंज कैप है और वे फाइनल खेलने के लिए बेकरार हैं।

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