सभी 16 IPL में मैच खेलने वाले सिर्फ 7 खिलाड़ी, कौन कौन हैं वे?

इंडियन प्रीमियर लीग का 16वां सीजन चल रहा है। अब तक 7 खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने सभी 16 सीजन में शिरकत की है। ऐसा करते हुए उन्होंने हर सीजन में कम से कम एक मैच खेला है।

Indian Premier League

IPL की शुरुआत 2008 में हुई थी। 2023 की प्रतियोगिता अभी चल रही है। मौजूदा आइपीएल में मनीष पांडेय ने एक खास रिकॉर्ड बनाया है। आइपीएल इतिहास में सिर्फ 7 खिलाड़ी ही ऐसे हैं जिन्होंने सभी 16 प्रतियोगिताओं में कम से कम एक मैच जरूर खेला है। इस गौरवपूर्ण क्लब के नये सदस्य हैं दिल्ली कैपिटल्स के मनीष पांडे। महेन्द्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, विराट कोहली, शिखर धवन, दिनेश कार्तिक, ऋद्धिमान साहा और मनीष पांडे ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अब तक हुई सभी आइपीएल प्रतियोगिता में मैच खेले हैं। मनीष पांडेय आइपीएल में मुम्बई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, लखनऊ सुपर जाएंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद, कोलकाता नाइट राइडर्स की तरफ से मैच खेल चुके हैं। अब वे दिल्ली कैपिटल्स के सदस्य हैं।

पहले IPL में 6 शतक, सभी विदेशी खिलाड़ियों के नाम

मनीष पांडे पहले भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने IPL में शतक लगाया है। उन्होंने ये कारनामा 2009 में किया था जब उनकी उम्र सिर्फ 19 साल थी। तब वे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाड़ी थे। अब मनीष 33 साल के हो चुके हैं और वे 16वें सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल रहे हैं। फिलहाल दिल्ली का सितारा गर्दिश में है इसलिए मनीष की चर्चा कम हो रही है। लेकिन मनीष पांडे ही वह पहले भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने आपीएल में विदेशी खिलाड़ियों के दबदबे के खत्म किया था।

पहले विदेशी खिलाड़ी भारतीयों का यह छींटाकशी करते थे कि आइपीएल में शतक लगाना उनके बस की बात नहीं। 2008 के पहले आइपीएल में कुल 6 शतक लगे थे जो सभी विदेशी खिलाड़ियों ने बनाये थे। कोलकाता के ब्रेंडेन मैकुलम ने नाबाद 158, चेन्नई के माइक हसी ने नाबाद 116, डेक्कन चार्जर्स के एंड्रयू साइमंड्स ने नाबाद 117, डेक्कन के ही एडम गिलक्रिस्ट ने नाबाद 109, मुम्बई के सनथ जयसूर्या ने नाबाद 114 और किग्स इलेवन पंजाब के शॉन मार्श ने 115 रनों की पारी खेली थी। आइपीएल के पहले संस्करण में कोई भारतीय खिलाड़ी शतक नहीं लगा पाया था।

मनीष पांडेय- IPL में शतक मारने वाले पहले भारतीय

2009 में आइपीएल का दूसरा संस्करण दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। तब तक भारत का कोई खिलाड़ी न तो आइपीएल में और न ही टी-20 इंटरनेशनल में शतक मार पाया था। मनीष पांडेय 2008 के अंडर-19 विश्वकप भारतीय टीम के सदस्य थे। 2008 के आइपीएल में मनीष को मुम्बई इंडियंस ने खरीदा था। वे केवल 2 मैच खेल पाये थे जिसमें उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। सिर्फ 3 रन ही बना सके थे। मनीष एक पावर हिटर बैट्समैन थे। 2009 में उन्हें रॉयल चैलैंजर्स बैंगलोर ने खरीदा था। तब आसीबी के कप्तान राहुल द्रविड़ थे। मनीष कर्नाटक से ही घरेलू क्रिकेट खेलते थे।

राहुल द्रविड़ ने उन्हें खेलते हुए देखा था इसलिए अपनी टीम से जोड़ा भी था। तब तक मनीष की राष्ट्रीय स्तर पर कोई पहचान नहीं बनी थी। बैंगलोर के बाहर उन्हें बहुत कम लोग जानते थे। दक्षिण अफ्रीका के सेंचुरियन में आइपीएल का 56वां मैच बैंगलोर और डेक्कन चार्जर्स के बीच खेला गया था। इस मैच ने मनीष पांडेय ने वह कारनामा कर दिया जो अब तक कोई भारतीय बल्लेबाज नहीं कर पाया था। उन्होंने शतक लगा कर विदेशी बल्लेबाजों के वर्चस्व को तोड़ा था।

67 गेंदों पर 100 रन

डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ बैंगलोर ने पहले बैटिंग की। दिग्गज जैक कैलिस के साथ 19 साल के मनीष पांडेय पारी शुरू करने के लिए आये। अनुभवी कैलिस सिर्फ 5 रनों आउट हो गये। तब युवा मनीष पांडेय ने अकेले ही बल्लेबाजी का मोर्चा संभाल लिया। एक छोर पर विकेट गिरते रहे लेकिन दूसरे छोर पर मनीष दनादन रन बनाते रहे। रोलोफ वान डेर 23, द्रविड़ 6, रॉस टेलर 1 रन बना कर आउट हो गये। हां, विराट कोहली ने मनीष पांडेय का कुछ साथ दिया। विराट 9 गेंदों पर 19 रन बना कर नाबाद रहे। मनीष पांडे ने केवल 67 गेंदों पर शतक ठोक कर अपनी बैटिंग का लोहा मनवा दिया। उन्होंने कुल 73 गेंदें खेलीं और 114 रनों पर नाबाद रहे। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 4 छक्के लगाये। इस पारी ने मनीष पांडे को पूरे भारत में मशहूर कर दिया। एक अंजान खिलाड़ी रातों रात मशहूर गया। बैंगलोर ने 4 विकेट पर 170 रन बनाये थे। बाद में उसने 12 रनों से यह मैच जीत लिया था।

कोलकाता को बनाया था IPL चैंपियन

मनीष पांडेय 2014 में कोलकाता नाइड राइडर्स के सदस्य थे। इस सीजन में उन्होंने कोलकाता को चैपिंयन बनान में अहम भूमिका निभायी थी। कोलकाता की टीम फाइनल में पहुंची थी। किंग्स इलेवन पंजाब से उसका किताबी मुकाबला था। पंजाब ने पहले बैटिंग करते हुए 199 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। 200 का टारगेट पान के लिए कोलकाता को बेहतर बल्लेबाजी करनी थी। इस अहम मैच में मनीष पांडेय ने 50 गेंदों पर 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इस पारी नें इन्होंने 7 चौके और 6 छक्के लगाये थे। उनकी इस पारी के दम पर कोलकाता ने सात विकेट के नुकसान पर जीत का लक्ष्य हासिल कर लिया था। मनीष को इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था।

IPL शतक के 6 साल बाद हुई टीम इंडिया में इंट्री

आइपीएल की कामयाबी के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में आने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। वे लिमिटेड ओवर क्रिकेट के तेज-तर्रार बल्लेबाज थे। खुद को घरेलू क्रिकेट में साबित करते रहे। आखिरकार आइपीएल सेंचुरी के 6 साल बाद उनकी भारतीय टीम में इंट्री हुई। 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें भारत टी-20 और वनडे टीम में चुना गया। लेकिन उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रही। अभी तक वे भारत की तरफ से 29 वनडे और 39 टी-20 मैच ही खेल पाये हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+