अरे ये क्या ? टीम इंडिया भी स्पिनर को लेकर खौफ में !
भारत के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा भारतीय पिचों पर सफल टेस्ट बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर के शुरुआती 7 शतक घरेलू मैदानों पर ही बनाये हैं।

आम तौर पर यही माना जाता है कि भारत स्पिन गेंदबाजी खेलने में माहिर है। लेकिन ये क्या ? भारतीय टीम भी स्पिन को लेकर दबाव में आ गयी है ! नागपुर टेस्ट से पहले भारतीय टीम की प्रैक्टिस के लिए छह और स्पिनर बुलाये गये हैं। चार स्पिनर पहले से टीम में हैं। यानी रोहित शर्मा और उनके साथी अभी दस स्पिनरों के साथ अभ्यास कर रहे हैं। आखिर ऐसी क्या बात हो गयी कि भारत को अभ्यास के लिए इतने फिरकी गेंदबाजों का जरूरत पड़ गयी ? दरअसल कोच राहुल द्रविड़ की चिंता ये है कि अगर टर्निंग ट्रैक पर ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों ने गदर काट लिया तो भारत को लेनी की देनी पड़ जाएगी। यानी नागपुर की पिच स्पिनरों की मददगार होने वाली है तभी इतनी पुख्ता तैयारी चल रही है। ऑस्ट्रेलिया इस बार चार स्पिनरों के साथ भारत आया है। नाथन लियोन, एस्टन एगर, माइकेल स्वेप्सन और टॉड मर्फी। टेस्ट विश्व चैंपियनशिप के लिहाज से भारत के लिए यह सीरीज बहुत अहम है। इसलिए वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
कोहली को 7 बार आउट कर चुके हैं नाथन लियोन
टी-20 और वनडे क्रिकेट के कारण टेस्ट क्रिकेट बहुत प्रभावित हुआ है। अब रक्षात्मक बल्लेबाजी का गुण धीरे-धीरे विलुप्त हो रहा है। कपिल देव और कर्सन घावरी के पहले तक भारत को स्पिनरों का देश कहा जाता था। लेकिन अब भारतीय बल्लेबाज भी स्पिन के आगे संघर्ष करते नजर आ रहे हैं। आंकड़े भी इस बात की गवाही दे रहे हैं। विराट कोहली भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार हैं। लेकिन स्पिन के खिलाफ वे विकेट गंवाते रहे हैं। राहुल द्रविड़ इसलिए स्पिन की प्रैक्टिस पर जोर दे रहे हैं क्यों नाथन लियोन के खिलाफ कोहली का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। लियोन ने 25 टेस्ट मैचों में अब तक कोहली को 7 बार आउट किया है। उन्होंने भारत के खिलाफ 22 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 94 विकेट हासिल किये हैं। यानी लियोन भारत के लिए खतरा रहे हैं। इसके अलावा कोहली 186 वनडे में 57 बार स्पिनरों का शिकार हो चुके हैं। कोहली ही भारतीय बल्लेबाजी का स्तंभ हैं। इसलिए उन्होंने ऑफ स्पिन और लेग स्पिन, दोनों गेंदों पर अभ्यास किया है।
भारतीय पिचों पर रोहित सफल लेकिन सावधानी जरूरी
भारत के दूसरे अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा भारतीय पिचों पर सफल टेस्ट बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर के शुरुआती 7 शतक घरेलू मैदानों पर ही बनाये हैं। 2021 में इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर आयी थी। तीसरा टेस्ट अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेला गया था। इस पिच पर स्पिनरों ने कहरा बरपा दिया था। पहली पारी में इंग्लैंड की टीम सिर्फ 112 पर लुढ़क गयी थी। अक्षर पटेल ने 6 और अश्विन ने 3 विकेट लिये थे। इसी पिच पर रोहित शर्मा ने 208 मिनट तक बल्लेबाजी की थी और 66 रन बनाये थे। पहली पारी में केवल रोहित ही चले और पूरी टीम 145 पर आउट हो गयी। बल्लेबाज के रूप में मशहूर जो रूट ने इस पिच पर स्पिन गेंदबाजी का झंडा गाड़ दिया था। उन्होंने 6.2 ओवर में केवल 8 रन दे कर 5 विकेट लिये थे। नियमित स्पिनर जैक लिच ने 4 विकेट लिये थे।
स्पिन पिच पर खेलना कठिन
दूसरी पारी में इंग्लैंड की और दुर्गति हो गयी। वह सिर्फ 81 रन ही बना सका। अक्षर ने 5 और अश्विन ने 4 विकेट लिये। दूसरी पारी में भी रोहित जमे और नाबाद 25 रन बनाये। शुभमन 15 रन पर नाबाद रहे। भारत ने दस विकेट से यह टेस्ट जीता था। रोहित ने दूसरे टेस्ट में चेन्नई की स्पिन पिच पर 161 रन बनाये थे। जबर्दस्त स्पिन लेने वाली पिचों पर भी रोहित ने शानदार बल्लेबाजी की थी। लेकिन उनका स्पिन के खिलाफ ओवरऑल रिकॉर्ड चिंताजनक है। पिछली 57 पारियों में वे 27 बार स्पिन गेंद पर आउट हुए हैं। इसलिए नागपुर टेस्ट से पहले उन्होंने ने भी नेट पर दस स्पिनरों के साथ अभ्यास, किया।
पुजारा 14 टेस्ट पारियों में 11 बार स्पिनर का शिकार
चेतेश्वर पुजारा को टेस्ट मैचों का आदर्श बल्लेबाज माना जाता है। वे अनुभवी और भरोसेमंद बल्लेबाज भी हैं। लेकिन स्पिन के खिलाफ उनका भी प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है। 2021 से उन्होंने एशियाई सरजमीं पर 14 टेस्ट पारियां खेली हैं जिनमें से 11 बार स्पिनरों ने उन्हें शिकार बनाया है। बाएं हाथ के स्पिनर के खिलाफ वे मुश्किल में फंस जाते हैं। 11 में से 8 बार उन्हें लेफ्ट आर्म स्पिनर ने आउट किया है। ऑस्ट्रेलिया के एस्टन एगर बाएं हाथ के स्पिनर हैं और वे पुजारा के लिए खतरा बन सकते हैं। 2021 में इंग्लैंड के बाएं हाथ के स्पिनर जैक लिच ने उन्हें चार बार आउट किया था। स्पिन पिच पर खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। अगर केएल राहुल और शुभमन गिल को मौका मिलता है तो उन्हें भी संभल कर स्पिन खेलना होगा। गिल पिछली 16 पारियों में 8 बार स्पिन पर आउट हो चुके हैं। राहुल ने 38 पारियों में 19 बार स्पिन गेंद पर विकेट गंवाया है। यानी नागपुर के पहले टेस्ट में अच्छी बल्लेबाजी के लिए भारत को स्पिन गेंदबाजी पर अभ्यास की जरूरत थी।












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