'IPL में अच्छा खेलो, तभी टीम इंडिया में मौका मिलेगा', खिलाड़ी का छलका दर्द, चयनकर्ताओं पर लगाए गंभीर आरोप
India Star On IPL: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड बीसीसीआई पिछले दो वर्षों से घरेलू क्रिकेट को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पुरज़ोर कोशिश कर रहा है। बोर्ड ने यहां तक चेतावनी दी है कि केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ड्यूटी पर न होने पर घरेलू मैच मिस करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इस नीति को पूर्व सचिव जय शाह ने शुरू किया था और अब मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के प्रमुख अजीत अगरकर इसका समर्थन कर रहे हैं।
गंभीर और अगरकर ने किया घरेलू क्रिकेट समर्थन (India Star On IPL)
गंभीर और अगरकर लगातार यह दोहरा रहे हैं कि खिलाड़ियों को सभी फॉर्मेट में प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए घरेलू और इंडिया 'ए' के मैच खेलने चाहिए। हालांकि, भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज नवदीप सैनी इस नीति से पूरी तरह सहमत नहीं दिखते। रविवार को दिल्ली के लिए हिमाचल प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में 2/20 का शानदार प्रदर्शन करने के बाद नवदीप सैनी ने पीटीआई से बात की।

नवदीप सैनी का छलका दर्द
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राष्ट्रीय टीम के चयन के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ही असली मापदंड है। सैनी ने कहा कि चाहे कोई पसंद करे या न करे, भारत के लिए खेलने के लिए आपको IPL में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यह एक सच्चाई है। एक साल पहले मुझे कंधे में चोट लगी थी और मेरी गति कम हो गई थी। इसकी कीमत मुझे IPL कॉन्ट्रैक्ट गंवाकर चुकानी पड़ी।
भारत के लिए वापसी का सपना
नवदीप सैनी को कभी भारत के तेज गेंदबाजी भविष्य के रूप में देखा जाता था। उन्होंने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अपनी गति से प्रभावित किया था और भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, गाबा टेस्ट के दौरान ग्रोइन की चोट लगने के बाद उनका करियर पटरी से उतर गया। उन्होंने भारत के लिए 8 वनडे और 11 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं।
भले ही सैनी अभी राष्ट्रीय टीम की चर्चा से बाहर हैं, लेकिन वह अब भी भारतीय जर्सी पहनने का सपना देखते हैं। सैनी ने रणजी ट्रॉफी में गेंदबाजी करने की चुनौती को पसंद करते हुए कहा कि वापस क्यों नहीं? अगर मैं दो-तीन बार पांच विकेट (फाइफर) लेता हूं तो मैं फिर से चर्चा का हिस्सा बनूंगा। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि जब मैं पहली बार यहां आया था तब मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं था और इतने सालों बाद भी मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। अगर मैं भारतीय टीम में लौटने का सपना नहीं देखता, तो मुझे दिल्ली टीम में अपनी जगह रखने का कोई अधिकार नहीं है।












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