तब उन्होंने रन नहीं बनाए थे- वेंगसरकर ने बताया कैसे मिली कोहली को टीम इंडिया में जगह
नई दिल्ली, 4 मार्च: विराट कोहली अपने करियर का 100वां टेस्ट मैच मोहाली के पीसीए स्टेडियम में खेल रहे हैं जहां भारतीय टीम 2 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए श्रीलंका से मुकाबला कर रही है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपने 2 विकेट बिना कुछ खास योगदान के गंवा दिए लेकिन इसके बाद हनुमा विहारी और विराट कोहली के बीच एक अच्छी साझेदारी होती हुई दिखाई दी। विराट 46 रन बनाकर आउट हुए। विराट कोहली को मैच की शुरुआत में ही टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने एक स्पेशल कैप भेंट करके सम्मानित किया।

दिलीप वेंगसरकर को विराट कोहली को मौका देने का क्रेडिट-
इसी बीच एक और पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर का नाम भी चर्चा में है जिनको विराट कोहली को मौका देने का क्रेडिट जाता है। दिलीप वेंगसरकर 2008 में बीसीसीआई में चयनकर्ताओं के चेयरमैन थे और तब विराट कोहली ने भारतीय टीम में एंट्री हासिल की थी। विराट कोहली ने जब अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम को मलेशिया में जिताया था तो उसके 6 महीने बाद ही उनका टीम इंडिया में चयन हो गया था। विराट कोहली के 100 टेस्ट मैच खेलने के अवसर पर दिलीप ने उन घटनाओं को याद किया है जिनके बाद विराट कोहली को टीम इंडिया में लिया गया था।

कैसे हुआ टीम इंडिया में विराट का सेलेक्शन-
वेंगसरकर ने बीसीसीआई द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में बताया- मैंने विराट को पहली बार अंडर 16 टूर्नामेंट में देखा जब वे दिल्ली स्कूल के लिए खेल रहे थे और मैं कोलकाता में था। उन्होंने बहुत ज्यादा रन नहीं बनाए थे लेकिन वह काफी प्रभावित कर रहे थे। उसके बाद उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के लिए खेला और काफी अच्छा काम किया। उन्होंने विश्वकप जीता और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया में उभरते हुए खिलाड़ियों का टूर्नामेंट हुआ। मैं तब सिलेक्शन कमिटी का चेयरमैन था और हमने टूर्नामेंट में अंडर 23 के लड़कों को चुना क्योंकि हमारा मानना था कि उभरते हुए खिलाड़ियों को अंडर 23 ही होना चाहिए क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य हैं और इसके चलते हमने विराट कोहली को चुन लिया।

पांच और छह साल और आसानी से खेल सकते हैं
वेंगसरकर ने 100 टेस्ट मैच खेलने के लिए विराट कोहली को बधाई दी है और उनका मानना है कि तीन ऐसी चीजें हैं जो विराट कोहली को वर्ल्ड क्रिकेट में टॉप का खिलाड़ी बनाती हैं। 33 साल की उम्र में उनके पास अभी भी भारतीय क्रिकेट को देने के लिए बहुत कुछ है।
वेंगसरकर ने कहा कि, भारत के लिए 100 मैच खेलना एक बड़ी उपलब्धि है। यह इंटरनेशनल खिलाड़ी के तौर पर विराट की क्लास दर्शाता है। उनका फोकस, पैशन और अनुशासन यह तीन चीजें ऐसी हैं जो उनको भारत के लिए लंबे समय तक खिलाएंगे। वे अभी भी काफी युवा है, बहुत ज्यादा फिट है और मुझे उम्मीद है वह पांच और छह साल और आसानी से खेल सकते हैं।












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