साउथ अफ्रीका के सामने कोहली की किस्मत पलट देता है टॉस का सिक्का, द्रविड़ से भी जुड़ा है कनेक्शन
केपटाउन, 11 जनवरी: भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमें आपस में तीसरा टेस्ट मुकाबला खेल रही है। यह टेस्ट मैच केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जा रहा है और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का निर्णायक मुकाबला है। भारत के लिए इस मैच में टॉस को जीतना पहली अच्छी चीज घटित हुई है और विराट कोहली ने ऐसा करते ही पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। विराट कोहली को टॉस के मामले में बहुत ज्यादा किस्मत का धनी नहीं माना जाता है लेकिन जब बात साउथ अफ्रीका की आती है तो कोहली का भाग्य तुरंत पलट जाता है।

अफ्रीका के सामने आते ही सिक्का कोहली के पक्ष में गिरता है-
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली ने अभी तक 12 टेस्ट मुकाबलों में 10 बार टॉस जीतने में कामयाबी हासिल की है। यह अपने आप में एक जबरदस्त आंकड़ा है जो पूरी तरह से कप्तान की किस्मत के ऊपर टिका हुआ है। वहीं अगर विराट कोहली के बाकी टीमों के खिलाफ टॉस जीतने के आंकड़े पर नजर डाली जाए तो मामला बहुत ही साधारण नजर आता है। विराट कोहली ने बाकी टीमों के खिलाफ 56 टेस्ट मुकाबलों में केवल 21 बार ही टॉस जीतने में कामयाबी हासिल की है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली 83.3% टॉस जीतने का रिकॉर्ड करते हैं जबकि बाकी टीमों के खिलाफ यह घटकर केवल 37.5% ही रह जाता है।

हेड कोच राहुल द्रविड़ का भी टॉस रिकॉर्ड कमाल का है-
इसके साथ ही भारत के हेड कोच राहुल द्रविड़ का भी एक रिकॉर्ड निकल कर सामने आया है जो बेमिसाल दिखाई देता है। जबसे राहुल द्रविड़ ने भारत के कोच पद का जिम्मा संभाला है तबसे टीम इंडिया एक बार भी टॉस नहीं हारी है। भारत ने द्रविड़ के अंडर में सबसे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली थी और तीनों में टॉस जीतने में कामयाबी हासिल की थी। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेले गए और दोनों में ही टॉस जीता गया। अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भी भारत ने लगातार तीसरी बार टॉस को जीतने में कामयाबी हासिल की है।

कोहली ने ईशांत को बाहर कर दिया है-
मौजूदा मैच की बात करें तो भारतीय टीम दो बदलावों के साथ उतरी है। पिछले मुकाबले में अच्छी बल्लेबाजी करने वाले हनुमा विहारी इस बार कप्तान विराट कोहली के वापस आने के कारण बेंच पर बैठने पर मजबूर हुए हैं तो वही मोहम्मद सिराज की जगह पर उमेश यादव की वापसी हुई है जबकि उम्मीद की जा रही थी कि अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी लेकिन विराट कोहली का कहना है कि दोनों ही तेज गेंदबाजों में किसी एक को चुनना बड़ा ही मुश्किल भरा फैसला था। कोहली उमेश के पक्ष में कहते हैं कि उमेश यादव ने हाल ही के समय में अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया है और वे अच्छी बल्लेबाजी और फील्डिंग क्षमता भी रखते हैं।
खबर लिखे जाने तक भारत को 31 रनों के स्कोर पर पहला झटका लगा था। केएल राहुल केवल 12 रन बनाकर ओलिवर की गेंद पर आउट हो गए। राहुल ने हाल में कुछ अच्छी पारियों को अंजाम दिया है लेकिन ये उनकी अनिरंतरता है जिसके चलते टीम इंडिया कई मौकों पर नाजुक हो जाती है।












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