5 मैचों में 16 रन, फ्लॉप होने के बाद भी टीम में एंट्री! Ayush Badoni पर क्यों मेहरबान हुए सिलेक्टर्स?
IND vs NZ, Ayush Badoni: भारतीय क्रिकेट टीम में आयुष बडोनी का अचानक शामिल होना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई फैंस हैरान हैं कि विजय हजारे ट्रॉफी के 5 मैचों में महज 16 रन बनाने वाले खिलाड़ी को टीम इंडिया का टिकट कैसे मिल गया? न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मैचों के लिए हुए इस चयन पर भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने स्थिति साफ की है।
बडोनी के चयन की वजह क्या? (IND vs NZ, Ayush Badoni)
बडोनी के चयन की सबसे बड़ी वजह वॉशिंगटन सुंदर का चोटिल होना है। वडोदरा में खेले गए पहले वनडे के दौरान गेंदबाजी करते समय सुंदर की पसलियों में खिंचाव आ गया था, जिसके बाद उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा। सुंदर न केवल एक स्पिनर थे, बल्कि लोअर मिडल ऑर्डर में उपयोगी बल्लेबाजी भी करते थे। उनकी कमी को पूरा करने के लिए टीम को एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो 'ऑलराउंड' विकल्प दे सके।

बल्लेबाजी नहीं, गेंदबाजी बनी 'ट्रंप कार्ड'
कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट केवल पांच मुख्य गेंदबाजों के भरोसे मैदान में उतरने का जोखिम नहीं लेना चाहता। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास पांच गेंदबाज हों और उनमें से कोई चोटिल हो जाए, तो उसके ओवर कौन पूरे करेगा? हमें एक ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो संकट के समय 4-5 ओवर फेंक सके। भले ही बडोनी का बल्ला घरेलू मैचों में शांत रहा हो, लेकिन गेंद के साथ उन्होंने हाल ही में दिल्ली के लिए शानदार प्रदर्शन किया है।
बडोनी के पास है अनुभव
रेलवे के खिलाफ एक मैच में उन्होंने 10 ओवर में 30 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। उनकी इसी गेंदबाजी क्षमता ने उन्हें टीम में जगह दिलाई है। चयनकर्ताओं ने केवल हालिया फॉर्म नहीं, बल्कि बडोनी के पिछले कुछ वर्षों के अनुभव को भी देखा है। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आईपीएल के 56 मैचों में उन्होंने लगभग 139 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का सामना करने का अनुभव है और वे इंडिया-ए के लिए भी खेल चुके हैं।












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