IND vs AUS : टीम इंडिया का जोश हाई, प्रधानमंत्री संग्रहालय देख कर मनोबल और मजबूत
दिल्ली टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने तीसरे ही दिन जीत दर्ज कर ली थी, इसके बाद खिलाड़ी प्रधानमंत्री संग्रहालय देखने के लिए गए थे।

IND vs AUS: क्रिकेट के बाजारीकरण के दौर में टीम इंडिया का एक नया चेहरा दिखा। देश की विरासत और सरोकार से जुड़ कर उन्होंने अपनी राष्ट्रीय प्रतिबद्धता दिखायी। रविवार को कोच राहुल द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा समेत कई खिलाड़ी प्रधानमंत्री संग्रहालय घूमने के लिए पहुंचे। आम तौर पर क्रिकेटर जीत का जश्न मनाने के लिए लेट नाइट पार्टी करते हैं। समुद्र तट पर जाते हैं। या फिर अपने तरीके से इंज्वाय करते हैं। लेकिन पहली बार क्रिकेटरों ने गंभीरता के साथ देश के इतिहास और वर्तमान को देखने- समझने के लिए समय निकाला।
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प्रधानमंत्री संग्रहालय, दिल्ली
दिल्ली के दूसरे टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे दिन ही हरा दिया। पांच दिनों का मैच में केवल ढाई दिनों खत्म हो गया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को लगातार चौथी बार बरकरार रखा। इस शानदार जीत को सेलिब्रेट करना लाजिमी था। इस बार टीम इंडिया ने कुछ अलग अंदाज में सेलिब्रेशन किया। रविवार दोपहर बाद जब भारत मैच जीत गया तो टीम के कोच और खिलाडियों ने प्रधानमंत्री संग्रहालय जाने का कार्यक्रम बनाया। दिल्ली के तीन मूर्ति मार्ग पर स्थित इस संग्रहालाय में खिलाड़ी पहुंचे तो म्यूजियम के कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष ने खिलाड़ियों का स्वगत किया। उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। विराट कोहली चूंकि दिल्ली के हैं और वे यहां पहले भी आ चुके हैं, इसलिए वे अपने साथी खिलाड़ियों के गाइड बन गये।
देश के 15 प्रधानमंत्रियों से जुड़ी जानकारी
प्रधानमंत्री संग्रहालय का पिछले साल ही उद्घाटन हुआ था। यह नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी का विस्तारित हिस्सा है। पहले इसे नेहरू म्यूजियम के नाम से जाना जाता था। लेकिन पिछले साल इसके स्वरूप में बदलाव हो गया। अब यहां देश के 15 प्रधानमंत्रियों के जीवन से जुड़ी जानकारी और स्मृति चिह्न संरक्षित हैं। भवन-एक के हिस्से में भारतीय संविधान के निर्माण की कहानी है। यहां संविधान की मूल प्रति भी मौजूद है। संविधान कैसे बना और संविधान सभा में क्या-क्या बहस हुई, इस बात की प्रमाणिक जानकारी यहां उपलब्ध है। देश विभाजन से जुड़े दस्तावेज भी हैं। इसके अलावा इस हिस्से में पहले प्रधानमंत्री नेहरू के शयन कक्ष, अध्ययन कक्ष और बैठकखाना को भी देखा जा सकता है। भवन के दूसरे हिस्से में भारत के 15 प्रधानमंत्रियों के जीवन से जुड़ी जानकारियां हैं। प्रधानमंत्रियों ने लाल किले से अब तक जो भाषण दिये हैं उन्हें पढ़ा और सुना जा सकता है। इसके अलावा सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन संघर्ष और उनकी उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी है।
कोहली ने पंडित नेहरू के बेड रूम के बारे में बताया
भारतीय खिलाड़ी जब म्यूजियम में प्रवेश करते हैं तो वे उस विशेष कक्ष में जाते हैं जहां देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के संदेश को संरक्षित रखा गया है। राष्ट्रपति बनने से पहले वे संविधानसभा के अध्यक्ष थे। म्यूजियम में एक टेबल के सामने कुर्सी रखी है जिस पर देशरत्न राजेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा अवस्थित है। ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे वे मेज पर संविधान से जुड़े दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। फिर विराट कोहली अपने साथी खिलाड़ियों के साथ पहले प्रधानमंत्री नेहरू के शयनकक्ष के पास पहुंचते हैं। शीशे के घेरे में एक बेड है जिस पर सलीके से चादरबिछी हुई है। बेड के साइड में एक टेबल है और कुर्सियां हैं। बेड के पायताने (जिधर पैर रहता है) से सटा एक छोटा बेंच है। पंडित नेहरू जब आराम कर रहे होते थे तब उनके निकटस्थ लोग इसी पायताने बैठ कर उनसे बात करते थे। विराट कोहली ने अपने साथी खिलाड़ियों को पंडित नेहरू के बेडरूम से जुड़ी जानकारी दी। फिर सभी खिलाड़ी उन उपहारों को देखने पहुंचे जो मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश और विदेश में मिले हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ी देश के प्रतिनिधि
खिलाड़ी केवल टीम के सदस्य नहीं होते बल्कि वे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने देश के प्रतिनिधि भी होते हैं। उनसे राष्ट्र का सम्मान जुड़ा होता है। 1983 में जब भारतीय क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्वकप प्रतियोगिता जीती थी तो दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी। उन्होंने सुनील गावस्कर और कपिल देव से थोड़ी देर बात भी की थी। यानी खेल और देश का गौरव एक दूसरे से जुड़ा है। अगर खिलाड़ी देश के संघर्ष और उसकी विकास यात्रा में रुचि रखते हैं तो इससे उनकी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने के करीब है। राष्ट्रीय विरासत के प्रतीक उनमें उत्साह का संचार करेंगे। खेल में जीत के लिए कौशल के अलावा आत्मविश्वास की भी जरूरत होती है। भारत के राष्ट्रीय नायकों को देख कर उनका आत्मविश्वास जरूर बढ़ेगा।












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