IND vs AUS : स्पिन का हौवा ! आग लगने पर कुआं खोद रहे हैं कंगारू
ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज के लिए आई है और स्पिन पर जमकर अभ्यास कर रही है, अश्विन की तरह एक्शन वाले गेंदबाज को भी उन्होंने नेट सेशन में शामिल किया है।

Border-Gavaskar Trophy: ऑस्ट्रेलिया आखिर भारत की स्पिन गेंदबाजी से डरता क्यों है ? कंगारू टीम जब भी भारत आती है उसके सामने स्पिन गेंदबाजी का हौवा खड़ा हो जाता है। पैट कमिंस की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम इसी डर की वजह से भारत की टर्निंग पिच पर अभ्यास कर रही है। वह इतने दबाव में है कि उसे डुप्लिकेट अश्विन की गेंद पर प्रैक्टिस के लिए मजबूर होना पड़ा है। चार-पांच दिन की प्रैक्टिस से क्या वह वर्षों पुरानी खामी दूर कर लेगी ? कुछ जानकारों का कहना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम आग लगने पर कुआं खोद रही है
2017 की नाकामी का डर
दरअसल ऑस्ट्रेलिया के मन में 2017 की नाकामी का डर अभी भी बैठा हुआ है। पहला टेस्ट जीतने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट मैचों की यह सीरीज 2-1 से हार गया था। इस सीरीज में दोनों तरफ से स्पिनरों का ही बोलबाला रहा था। 25 विकेट लेकर रवीन्द्र जडेजा मैन ऑफ द सीरीज रहे थे। अश्विन ने इस सीरीज में 23 विकेट लिये थे। 2016-17 के सीजन में रविचंद्रन अश्विन 79 विकेट लेकर टॉप पर थे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से भी सर्वाधिक विकेट स्पिन गेंदबाजों ने ही लिया था। स्टीव ओ कीफ और नाथन लियोन को 19-19 विकेट मिले थे। भारत चूंकि स्पिन गेंदबाजी खेलने का अभ्यस्त है इसलिए नाथन लियोन के रहने से कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए हमेशा से स्पिन एक बड़ी समस्या रही है।
अश्विन -जडेजा मैच विनर स्पिनर
अभी टेस्ट क्रिकेट खेल रहे स्पिनरों में नाथन लियोन और अश्विन सरेफेहरिस्त हैं। लियोन ने 115 टेस्ट मैचों में 460 विकेट लिये हैं। दूसरी तरफ अश्विन ने केवल 88 टेस्ट मैच खेल कर 449 विकेट लिये हैं। सबसे तेज 400 टेस्ट विकेट लेने के मामले में अश्विन विश्व में दूसरे स्थान पर हैं। उनसे आगे सिर्फ मुथैया मुरलीधरन हैं। 2017, जडेजा- अश्विन की जोड़ी का स्वर्ण काल है। इस साल रवीन्द्र जडेजा दुनिया के नम्बर एक और आर अश्विन नम्बर दो टेस्ट बॉलर थे। यानी टेस्ट बॉलिंग में पहले दो स्थानों पर भारत के स्पिनर काबिज थे। इसलिए अश्विन-जडेजा को टेस्ट क्रिकेट में भारत का बड़ा मैच विनर माना जाता है। भारत तो स्पिन खेलने का माहिर है और वह नाथन लियोन को खेल लेगा लेकिन ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज अश्विन और जडेजा को कैसे खेलेंगे ?
भोज पर कोहड़ा रोपने से क्या फायदा ?
2016 में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका का दौरा किया था। इस दौरे में श्रीलंका की क्वालिटी स्पिन बॉलिंग ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की पोल खोल कर रख दी थी। कंगारू बल्लेबाजों ने रंगना हेराथ के सामने बिल्कुल आत्मसमर्पण कर दिया था। हेराथ ने तीन टेस्ट मैचों में 28 विकेट लिये थे। ऑस्ट्रेलिया का 0-3 से सूपड़ा साफ हो गया था। तब ऑस्ट्रेलिया के लिजेंडरी फास्ट बॉलर ग्लेन मैकग्रा ने कहा था, स्पिन के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की कमजोरी उजागर हो गयी है। अगर समय रहते इस कमी को नहीं सुधारा गया तो अगले साल (2017) भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलिया की फजीहत हो जाएगी। भारत दौरे पर आने से पहले ऑस्ट्रेलिया ने करीब पांच महीने तक स्पिन गेंदबाजी पर अभ्यास किया था। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मैकग्रा की शंका सच साबित हुई। 2017 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हरा कर टेस्ट श्रृंखला जीत ली थी। 2023 की श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच 9 फरवरी से है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया की टीम चार-पांच दिन स्पिन की प्रैक्टिस कर क्या पहाड़ तोड़ देगी ?
स्पिन खेलने की चिंता
बेंगलुरु से सटे अलूर शहर में एक विशेष पिच तैयार की गयी है जिस पर ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजी का अभ्यास कर रहे हैं। अलूर हासन जिल का एक शहर है। इस पिच पर स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर मार्नस लाबुशेन, ट्रेविड हेड और पीटर हैंड्सकॉम्ब जैसे बल्लेबाज फिरकी गेंदों को खेलने का अभ्यास कर रहे हैं। डुप्लिकेट अश्विन कहे जाने वाले महीश पीठिया उनके नेट बॉलर हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस बार चार स्पिनर लेकर भारत आयी है। वह भारत को भारत के हथियार से ही जवाब देना चाहती है। 2017 में नाथन लियोन ने दूसरे टेस्ट मैच में 8 विकेट लेकर तहलका मचा दिया था। इसके बाद भी वह 75 रन से यह टेस्ट हार गया था। केवल विकेट लेने से क्या होगा ? टेस्ट मैच जीतने के लिए रन भी बनाने पड़ते हैं। इस टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलियाई टीम 112, 137, 106 जैसे मामूली स्कोर पर आउट होती रही थी।












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