'हम भी तो बाउंसी विकेट बनाते हैं', ऑस्ट्रेलिया के कोच ने कहा- भारत नहीं कर रहा है कोई अन्याय
पिचों पर बात करने वाले आलोचकों को ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने जवाब दिया है। उनका नहीं लगता भारत अपने हिसाब से पिचें बनाकर टूरिंग टीमों के साथ कोई अन्याय कर रहा है।

ऑस्ट्रेलिया का भारत की पिच पर एक बार फिर से पुलिंदा बंध गया है जब वे जडेजा और अश्विन में ऐसे उलझे कि नागपुर में पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 177 रनों पर ढेर हो गए। पिच को लेकर पहले ही काफी बातें हो रही थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडॉनल्ड ने भारत में "छेड़छाड़ वाली पिचों" की बात को खारिज करते हुए कहा है पिच से ज्यादा जरूरी है कि उनकी टीम में बाहर जाकर वहां के माहौल में ढलने की काबिलियत हो।
ऑस्ट्रेलियाई तेज पिचों पर खेलने के आदी हैं लेकिन भारत में उनको इसके विपरीत पिचें मिलती हैं। नागपुर में पहले टेस्ट के लिए जिस तरह से पिच तैयार की गई थी, उस पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दावा किया था कि यह स्पिनरों की मदद करने और टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए डिजाइन की गई है। वैसा हुआ भी क्योंकि कंगारूओं की पहली पारी में बाए हाथ के बल्लेबाजों की हालत पतली हो गई। हालांकि उनको ओपनरों को शमी और सिराज ने चलता किया।
मैकडॉनल्ड्स ने अपनी टीम के ऑलरआउट होने से पहले पिच को लेकर बात की और कहा कि हम "उस चुनौती से उत्साहित हैं जो हमारा इंतजार कर रही है।"
मैकडॉनल्ड ने गुरुवार को एसईएन के व्हाटले से कहा, "हमारा काम उन समस्याओं को हल करना है जो विकेट पेश करता है और यह टेस्ट क्रिकेट के बारे में सबसे बड़ी बात है जहां देशों में और देश के भीतर स्थान से स्थान पर परिस्थितियां बदलती हैं।"
कोच ने कहा कि टीम को उम्मीद थी कि भारतीय पिचें वैसी ही होंगी जिसके लिए भारत जाना जाता है। इसलिए उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ। कोच ने माना कि नागपुर में भारत के सबसे बड़े टर्निंग ट्रैक में एक मिलने जा रहा है लेकिन कंगारू टीम के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस चुनौती का सामना कर सकते हैं। वैसे ऐसा हुआ नहीं क्योंकि पहले दिन का खेल खत्म होने पर भारत पूरी तरह से हावी है पर टेस्ट मैच और सीरीज में अभी ऑस्ट्रेलिया के पास वापसी के लिए बहुत सारा क्रिकेट बाकी है।
मैकडॉनल्ड ने एक बात भी कही कि ऐसी पिचों को बनाकर भारत किसी टूरिंग टीम के साथ अन्याय नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे लगता है कि आप अपनी घरेलू परिस्थितियों में खेलते हैं। हम ऑस्ट्रेलिया में अतिरिक्त उछाल और कभी-कभी कुछ घास वाली पिचें देखते हैं। तभी तो ये टेस्ट क्रिकेट हैं जहां आपके सभी कौशल का टेस्ट होता है। अगर आप एक जैसे हालातों में खेलेंगे तो ये खेल तो एक जैसा ही हो जाएगा।
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