IND vs AUS: पिचें वही हैं जो बनवाई गई, रोहित शर्मा ने इंदौर की हार के बाद कहा- हमने ही बहादुरी नहीं दिखाई

Rohit Sharma: रोहित शर्मा ने साफ कहा है कि हम सबने मिलकर तय किया था इन पिचों पर ही खेलेंगे। ये ही हमारी ताकत है फिर भले ही वो हम पर ही पलटवार क्यों ना कर दे।

IND vs AUS, Indore Test

भारतीय टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का मुकाबला अपनी गलतियों से हार गई है। रोहित शर्मा ने इंदौर टेस्ट मैच हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा है कि पिचों को दोष नहीं दिया जा सकता क्योंकि हम लोगों ने तय किया था कि हमें इन्हीं पिचों पर खेलना है और यही हमारी ताकत है। आप अपने घर पर अपनी ताकत पर खेलते हैं। हालांकि ऐसी पिचें हमें भी चुनौती दे सकती है लेकिन आपको बहादुर होने की जरूरत है। रोहित इस बात पर जोर दे रहे थे कि टेस्ट मैचों के नतीजे निकलने जरूरी है। हम ऐसी पिचें नहीं चाहते जिस पर पांच दिन खेलने के बाद भी रिजल्ट नहीं मिले।

ऐसे नतीजे टेस्ट मैच के लिए बहुत अच्छी बात नहीं है

ऐसे नतीजे टेस्ट मैच के लिए बहुत अच्छी बात नहीं है

इस मुकाबले का नतीजा तीसरे दिन के पहले सेशन में ही निकल गया जो शायद टेस्ट मैच के लिए बहुत अच्छी बात नहीं है लेकिन शायद अहमदाबाद में होने जा रहे चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में भी कुछ ऐसी ही स्पिन पिचें देखने को मिल सकती है। हालांकि इससे पहले माना जा रहा था अगर भारत इंदौर मैच जीत जाता है तो अहमदाबाद में तेज पिच देखने को मिलने जा रही है। ये मुकाबला 9 मार्च को होने जा रहा है। अब पिच को लेकर मांग की जा रही है कि कम से कम मैच चार दिन तो चले। ताजा मुकाबले में भारत ने पहली पारी मे 109 रन बनाए थे। फिर ऑस्ट्रेलिया ने 197 रन बनाए और भारत ने दूसरी पारी में भी 167 ही रन बनाए जिसके बाद कंगारूओं ने आसानी से 76 रनों का टारगेट चेज कर लिया।

 पहली पारी के रनों को विलेन माना

पहली पारी के रनों को विलेन माना

रोहित ने मैच के बाद पहली पारी के रनों को विलेन माना है। उनका मानना है चौथी पारी में आपने 76 रनों का टारगेट दिया था जिसको बचाया नहीं जा सकता था। लेकिन अगर हम पहली पारी में बढ़िया बैटिंग करते तो चीजें थोड़ी अलग हो सकती थी। रोहित ने आगे कहा, हम अभी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में नहीं पहुंचे है तो हमें हमारे पास थोड़ा समय है कि हम अहमदाबाद टेस्ट को लेकर कुछ सोच-विचार कर सकें। हम फिर से एकजुट होकर सोचना होगा कि हमने पहले दो टेस्ट मैचों में क्या ठीक किया था। हमें पिचों के बारे में सोचने के बजाए ये सोचना होगा कि चीजों को सरल रखें और मैदान पर प्रदर्शन करें।

हमने ही बहादुरी नहीं दिखाई

हमने ही बहादुरी नहीं दिखाई

रोहित ने आगे कहा जवाब चुनौतीपूर्ण पिचों पर खेलते हैं तो बहादुर होने की जरूरत होती है। हमने उनके गेंदबाजों को एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करने की छूट दे दी। हालांकि उन्होंने भी बहुत अच्छी गेंदबाजी की खासकर नाथन लियोन ने तो हमें बिल्कुल सही एरिया पर टप्पा खिलाकर परेशान किया। लेकिन जब गेंदबाज ऐसा करते हैं तो बल्लेबाजों को थोड़ा सा बहादुर होने की जरूरत होती है जो मुझे लगता है कि हम नहीं थे। हालांकि ऐसी चीजें हो जाती हैं और जिस तरह से शुरुआती दो मुकाबलों में हम खेले हैं उसमें भी अपने आपको काफी क्रेडिट दे सकते हैं। रोहित ने कहा कि हम चाहते हैं कि कुछ खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से टीम को खड़ा करें। कभी-कभी आप अपने प्लान में चौपट हो जाते हैं और इस खेल में भी ऐसा हुआ है क्योंकि हम यहां उस तरीके से परिस्थितियों के साथ तालमेल नहीं बैठा पाए जैसे कि हमने उम्मीद की थी।

टीम में व्यक्तिगत योगदान ज्यादा मैटर नहीं करता

टीम में व्यक्तिगत योगदान ज्यादा मैटर नहीं करता

रोहित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी यह बात कही कि सभी बल्लेबाजों का अपना स्टाइल है। ट्रेविस हेड ने आक्रामक होकर रन बनाए हैं तो उस्मान खवाजा और चेतेश्वर पुजारा ने डिफेंसिव होकर बहुत अच्छी पारी खेली है। आप अपने अपने हिसाब से अपना प्लान बनाएं और उसको एग्जीक्यूट करें। यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इससे फर्क नहीं पड़ता है कि टीम में व्यक्तिगत योगदान किसने कितना दिया बल्कि हम यह है कि टीम ने एकजुट होकर कैसा प्रदर्शन किया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+