ऐसी पिचें बनाकर हम क्या साबित कर रहे हैं? पूर्व सिलेक्टर ने कहा, टेस्ट भावना से छेड़छाड़ कर रही है टीम इंडिया
Rank Turners Pitch: लगातार तीन दिन में तीन टेस्ट खत्म होने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल उठना लाजिमी है। पूर्व भारतीय चयनकर्ता ने तो इसको टेस्ट क्रिकेट की भावना से छेड़छाड़ करने जैसा बताया है।

IND vs AUS: भारत में लगातार तीसरे टेस्ट मैच में तीन दिन की समाप्त देखी गई और इंदौर में जो मुकाबला समाप्त हुआ उसने तीसरे दिन की केवल सुबह ली। पिचों को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच ऑस्ट्रेलिया ने 9 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की और मैच के बाद, ICC ने इंदौर की पिच (Indore Pitch) पर एक कठोर फैसला देते हुए इसे 'खराब' रेटिंग दी, और इसके बाद अनुभवी क्रिकेटरों ने आईसीसी को भी खूब कोसा लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो भारतीय क्रिकेट टीम पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनमें से एक भारत के पूर्व चयनकर्ता थे जिन्होंने मेजबानों पर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल (WTC Final) के लिए क्वालीफाई करने के लिए क्रिकेट की खूबसूरती से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया।

और भी खतरनाक पिच
लगातार दो जीत के बाद भारत ने पहले ही लगातार चौथी बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी अपने पास रखी। अब उनके सामने सीरीज जीतने के अलावा लगातार दूसरी बार डब्ल्यूटीसी के फाइनल में जगह बनाने का टारगेट है। लेकिन उन्हें क्वालीफाई करने के लिए इंदौर में जीत दर्ज करनी थी जिसके लिए और भी खतरनाक पिच बनाई गई। इसमें केवल टीम का दोष नहीं दिया जा रहा है बल्कि बताया जा रहा है कि इंदौर ग्राउंड स्टॉफ को भी मुकाबले के लिए पिच तैयार करने में पर्याप्त समय नहीं मिला।

सबा करीम ने साधा निशाना
इंडिया न्यूज से बात करते हुए, सबा करीम (Saba Karim) ने ऐसी पिचें बनाने के लिए टीम इंडिया मैनेजमेंट को फटकार लगाई जहां कोई भी टॉप बल्लेबाज परफॉर्म नहीं कर पाया। स्टीव स्मिथ और विराट कोहली भी चल नहीं सके। इसके बाद उन्होंने फाइनल में जगह बनाने के लिए भारत पर बेताब होने के लिए निशाना साधा। आप बेहतर क्रिकेट खेलकर जीतना चाहते हो लेकिन इस समय भारत जो अपने घर पर कर रहा है वह कई लोगों के गले नहीं उतर रहा है। करीम ने 'टेस्ट क्रिकेट की भावना' (Spirit of Test Cricket) खोने के लिए भारत पर निशाना साधा।

डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की हमारी हताशा
सबा ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के पास स्टीव स्मिथ हैं और भारत के पास विराट कोहली हैं, यकीनन वे विश्व क्रिकेट में शीर्ष दो बल्लेबाज हैं। लेकिन हमें इस सीरीज में उनकी बल्लेबाजी देखने को नहीं मिली है। हम इस तरह के विकेट बनाकर क्या साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। डब्ल्यूटीसी फाइनल के लिए क्वालिफाई करने की हमारी हताशा में, हमने टेस्ट क्रिकेट की भावना खो दी है। हमारे यहां नंबर 1 और नंबर 2 टीमें कंपीट कर रही हैं। अगर ये मुकाबला टेस्ट क्रिकेट के सभी पहलुओं के बीच होता तो उन्हें खेलते हुए देखना खुशी की बात होती।"

सबने मिलकर फैसला किया
माना जा रहा है ये पिचें तैयार कराने के पीछे राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा का दिमाग है। रोहित ने खुलेआम स्वीकार कर लिया है सबने मिलकर फैसला किया था इन्हीं पिचों पर खेलना है क्योंकि यही हमारी ताकत है। ये बात समझ से परे है कि विदेशी धरती पर तेज गेंदबाजी के दम पर जीतने वाली टीम इंडिया अभी भी टर्निंग विकेटों को ही अपनी ताकत अभी भी क्यों मान रही है जबकि उनके सभी बल्लेबाज इन विकेटों पर कहीं अधिक संघर्ष करते नजर आते हैं। इतना संघर्ष वे विदेशी तेज पिचों पर नहीं करते। शायद टीम इस बात से संतुष्ट है कि उनसे ज्यादा विपक्षियों को इन पिचों पर संघर्ष करना पड़ता है जिसके चलते जीत अधिकतर मौकों पर बीसीसीआई की टीम के पक्ष में रहती है।
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