IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के लिए काल बना ‘स्वीप’, गलती पर गलती कर 6 विकेट गंवाये
दिल्ली टेस्ट मैच के तीसरे दिन स्पिनरों को काउंटर करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज लगातार स्वीप शॉट खेल आउट होते रहे।

IND vs AUS 2nd Test: दिल्ली के दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के लिए स्वीप शॉट पतन का कारण बन गया है। आम तौर पर माना जाता है कि स्पिन गेंदबाजी से निबटने में स्वीप शॉट सबसे कारगार उपाय है। विदेशी बल्लेबाज भारतीय उपमहाद्विप के पिचों पर इस उपाय को आजमाते रहे हैं। लेकिन यह भी सच है कि टर्निंग पिच पर स्वीप शॉट ही हर मर्ज की दवा नहीं है। स्पिन को काटने के लिए गेंद की लाइन को समझना भी जरूरी है। वर्ना लेनी की देनी पड़ जाती है। ऑस्ट्रेलिया के साथ यही हुआ।
जयदेव उनादकट ने 9 विकेट लेकर सौराष्ट्र को बनाया Ranji Trophy चैम्पियन
6 बल्लेबाज स्वीप के चक्कर में आउट
ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज दिल्ली टेस्ट के तीसरे दिन आंख मूंद कर स्वीप शॉट खेलते रहे। नतीजे के तौर पर तीसरे दिन के पहले सेशन में सिर्फ 22.1 ओवर में ही 9 विकेट गंवा बैठे। सबसे पहले उस्मान ख्वाज ने इस गलती (स्वीप शॉट) की शुरुआत की। इसके बाद स्टीव स्मिथ जैसे बड़े बल्लेबाज ने यही गलती दोहरायी। वे अश्विन की गेंद को स्वीप करने में चूके और गेंद पैड से जा टकरायी। उन्हें पगबाधा आउट करार दिया गया। इसके बाद मैट रेनेशा, कप्तान पैट कमिंस, एलेक्स कैरी स्वीप खेलने के चक्कर में आउट हुए। आखिरी बल्लेबाज मैथ्यू कुहनेमन ने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में बोल्ड हो गये। यानी इस पारी में ऑस्ट्रेलिया के छह बल्लेबाज स्वीप के जाल में फंस गये। बल्लेबाजी की यह हालत देख कर ऑस्ट्रेलिया के कोच और रणनीतिकार भी सवालों के घेरे में आ गये हैं। बार बार एक ही गलती क्यों दुहरायी गयी ? उन्हें ऐसा करने से रोका क्यों नहीं गया ?
भारत ने सिखाया, स्पिन ऐसे खेलें
दूसरी तरफ इसी पिच पर भारतीय बल्लेबाजों ने स्वीप शॉट को बिल्कुल तवज्जो नहीं दी। वे कदमों का इस्तेमाल कर गेंद को रक्षात्मक रूप से खेल रहे थे। गेंद की पिच तक पहुंचने के लिए फुटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे। जैसा कि पुजारा ने कहा, इस पिच पर लो बाउंस थी, इसलिए स्वीप शॉट खेलना खतरनाक था। स्पिन को काटने का एक और तरीका है। आक्रमण कर गेंदबाज की लय बिगाड़ दो। जैसा कि भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने किया। दूसरी पारी में जब नाथन लियोन ने शुरुआत में ही केएल राहुल को आउट कर दिया तो रोहित ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने 3 चौके और 2 छक्कों की मदद से 20 गेंदों पर 31 रन बना दिये। अगर दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से वे रन आउट नहीं हुए होते तो मैच का नक्शा बदल गया होता। रोहित के इस आक्रमण से भारतीय बल्लोबाजों का मनोबल बढ़ गया। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों को हावी होने का मौका नहीं मिला। इसके बाद विराट कोहली ने भी इसी रणनीति पर अमल किया। जब वे 15 रन पर खेल रहे थे तब उन्होंने सिर्फ 17 गेंदें खेली थीं। श्रेयस अय्यर ने 10 बॉल पर 12 रन बनाये।
30 गेंदों पर 30 रनों की साझेदारी और मिली जीत
Recommended Video
स्पिनर तभी हावी होता है जब कोई बल्लेबाज ज्यादा डॉट गेंदें खेलता है। रोहित ने आक्रमण का जो सिलसिला शुरू किया था उसे बाद के बल्लेबाजों ने जारी रखा। के एस भरत ने तीन चौके और अक छक्का लगा लगा कर हिटिंग जारी रखी। पुजारा ने एक छोर संभाल कर रखा था। 88 पर अय्यर का विकेट गिरा था। इसके बाद भरत और पुजारा ने मिल कर भारत को जीत दिला दी। दोनों ने मिल कर 30 गेंदों पर 30 रनों की साझेदारी कर भारत को छह विकेट से जीत दिला दी। भरत ने 22 गेंदों में 23 रन बनाये। पुजारा ने 74 गेंदों पर नाबाद 31 रन बनाये। इस तरह भारत ने दूसरी पारी में आक्रामक नीति अपना कर ऑस्ट्रेलियाई स्पिनरों को फेल कर दिया। नागपुर के बाद दिल्ली में भारत ने लगातार दूसरा टेस्ट मैच जीता।












Click it and Unblock the Notifications