T-20 World Cup: ऑस्ट्रेलिया में अगर राशिद हिट हैं तो युजी चहल भी करेंगे कमाल
नई दिल्ली, सितंबर 16। भारत के युजवेन्द्र चहल दुनिया के सर्वश्रेष्ठ रिस्ट स्पिनरों में एक हैं। वे किसी भी पिच पर अपनी गेंदबाजी की छाप छोड़ देते हैं। एशिया कप में हालांकि चहल कामयाब नहीं रहे लेकिन उम्मीद की जा रही है कि वे टी-20 विश्वकप में अपना जलवा जरूर दिखाएंगे। ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर वे भारत के ट्रंप कार्ड साबित होंगे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व चाइनामैन गेंदबाज ब्रेड हॉग का कहना है, “टी-20 विश्वकप में चहल भारतीय अभियान के अहम खिलाड़ी साबित होंगे। हाल के समय में उन्होंने अपनी गेंदबाजी में कुछ नयी चीजें जोड़ी हैं। मेरा मानना है कि लेग स्पिन 7-15 ओवरों के बीच सबसे प्रभावकारी विकल्प है। चहल की जो क्षमता है उससे वे बीच के ओवरों में अंतर पैदा कर सकते हैं।” ब्रेड हॉग की बात में दम है। अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ऑस्ट्रेलिया में अपनी गेंदबाजी का परचम लहरा चुके हैं। अगर राशिद तेज पिचों पर कमाल कर सकते हैं तो चहल क्यों नहीं ?

ऑस्ट्रेलिया में राशिद खान की कामयाबी
ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन स्थित गाबा क्रिकेट मैदान को तेज गेंदबाजों का स्वर्ग कहा जाता है। लेकिन इस पिच पर भी राशिद खान ने कमाल की स्पिन गेंदबाजी की है। उन्होंने बिग-बैश लीग में एडिलेड स्ट्राइकर्स की तरफ से खेलते हुए ब्रिस्बेन हिट के खिलाफ 17 रन दे कर 6 विकेट लिये थे। इस लाजवाब गेंदबाजी की वजह से एडिलेड स्ट्राइकर्स ने 71 रनों से यह मैच जीत लिया था। ये मैच खेला गया था 12 जनवरी 2022 को। बिग-बैश इतिहास की यह तीसरी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी है। बिग-बैश 2021-22 सीजन में राशिद खान ने 11 मैच खेल कर कुल 20 विकेट लिये। इस प्रतियोगिता के वे चौथे सबसे सफल गेंदबाज रहे। मतलब ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर कोई रिस्ट स्पिनर कामयाब हो सकता है। बस गेंदबाज में विशिष्ट क्षमता होनी चाहिए।

चहल और राशिद में कौन बेहतर ?
भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ युजवेन्द्र चहल को राशिद खान से बेहतर रिस्ट स्पिनर मानते हैं। कैफ के मुताबिक, चहल हमेशा विकेट लेने की तलाश में रहते हैं। वे पिच और बल्लेबाज को देख कर अपनी गेंदों में विविधता लाते हैं। कुछ रन पड़ भी गये तो कोई बात नहीं। वे बल्लेबाज को ललचा कर गच्चा देते हैं। वे पिच का चालाकी से इस्तेमाल करते हैं। वे कभी लेग स्टंप पर गेंद रखते हैं। कभी मिडिल स्टंप पर सीधी गेंद रखते हैं। और कभी गेंद को ऑफ स्टंप से बाहर निकाल देते हैं। वे अलग-अलग लाइन और लेंथ पर सटीक गेंद डाल कर बल्लेबाज को भ्रमित कर देते हैं। वे गेंदों मे लगातार मिश्रण करते हैं जिसमें 83 फीसदी लेगब्रेक और 14 फीसदी गुगली होती है।

आइपीएल 2022 में चहल ने सबसे अधिक विकेट लिये
कैफ ने अपनी बात में वजन पैदा करने के लिए आइपीएल-22 का उदाहरण दिया है। इस प्रतियोगिता में चहल राजस्थान रॉयल्स से तो राशिद खान गुजरात टाइटंस की तरफ से खेल रहे थे। चहल ने 17 मैचों में 27 विकेट लिये थे और पर्पल कैप के हकदार बने थे। जब कि गुजरात टाइटंस आइपीएल चैम्पियन बनी थी फिर भी राशिद ने 16 मैचों में 19 विकेट ही लिये थे। हालांकि राशिद भी कम नहीं। वे आइपीएल में सबसे तेज 100 विकेट लेने वाले दूसरे स्पिनर हैं। अमित मिश्रा और राशिद खान ने आइपीएल के 83 मैचों में 100 विकेट लिये हैं।

ऑस्ट्रेलिया में भारत के कहां-कहां मैच ?
भारत का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ है जो मेलबर्न में होगा। 27 अक्टूबर को भारत का ए-2 से मुकाबला है जो अभी तय नहीं है। यह मैच सिडनी में खेला जाएगा। इसके बाद भारत 30 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका से पर्थ में, 2 नवम्बर को बांग्लादेश से एडिलेड में और 6 नवम्बर को मेलबर्न में बी-1 से खेलेगा। यानी भारत को मेलबर्न, सिडनी, पर्थ और एडिलेड में मैच खेलना है। फिर इसके बाद मैच के नतीजों पर तय करेगा कि भारत का अगला मैच कहां और किससे होगा। कैफ और हॉग जैसे पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की तेज पिचों पर चहल अपनी विविधता के कारण असरदार साबित होंगे।

ऑस्ट्रेलिया में क्या कर सकते हैं चहल ?
भारत ने जब 2021 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया तब उसने टी-20 सीरीज 2-1 से जीती थी। पहले टी-20 में ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 162 रन बनाने थे। फिंच, स्मिथ, मैक्सेवेल और वेड जैसे हीटरों के रहते ऑस्ट्रेलिया 20 ओवरों में केवल 150/7 का स्कोर ही बना पाया था। भारत की कसी गेंदबाजी के सामने कंगारू बल्लेबाजखुल कर नहीं खेल सके। इस मैच में युजवेन्द्र चहल ने शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने चार ओवरों में 25 रन देकर 3 विकेट लिये थे। स्पिन गेंदबाज के रूप में वाशिंगटन सुंदर ने उनका अच्छा साथ दिया था। सुंदर को कोई विकेट तो नहीं मिला था लेकिन उन्होंने 4 ओवरों में सिर्फ 16 रन दिये थे। भारत धांसू गेंदबाजी के दम पर यह मैच 11 रनों से जीत गया था। चहल मैन ऑफ द मैच रहे थे। दूसरा मैच सिडनी में खेला गया था जहां भारत को जीत तो मिली थी लेकिन चहल के चार ओवरों में 51 रन उड़ गये थे। हालांकि उन्होंने स्टिवन स्मिथ का कीमती विकेट लिया था। इससे एक बात साफ है। चहल विकेट टेकर बॉलर हैं। वे रन खर्च कर के भी निर्णायक मोड़ पर टीम को विकेट निकाल देते हैं।












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