'दिनेश कार्तिक 37 की उम्र में खेल सकते हैं तो जयदेव उनादकट क्यों नहीं,' पूर्व क्रिकेटर का सवाल
जयदेव उनादकट को 12 साल बाद टीम इंडिया में वापस आने का मौका मिला है। उन्होंने ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट मैच खेला था।

Jaydev Unadkat: बांग्लादेश दौरे पर जयदेव उनादकट को मेहनत का तोहफा मिला और वह 12 साल बाद टीम में वापस लौटे। ढाका में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में वह प्लेइंग इलेवन का हिस्सा भी रहे। घरेलू क्रिकेट में उनादकट ने अपना काम जारी रखा था। पूर्व क्रिकेटर करसन घावरी जैसे मेंटर की देखरेख में उनादकट ने खुद को निखारने का काम किया। घावरी का कहना है कि उनादकट अभी और खेल सकते हैं। उनके 4-5 साल बर्बाद हो गए लेकिन उम्र सिर्फ नम्बर होता है।
दिनेश कार्तिक खेल सकते हैं तो उनादकट क्यों नहीं
टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत करते हुए घावरी ने एक गहरी बात कही। उन्होंने कहा कि जब दिनेश कार्तिक 37 साल की उम्र में खेलते हुए भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं तो जयदेव उनादकट क्यों नहीं? रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छा खेलते हुए उन्होंने विकेट झटके हैं। अब वह टीम इंडिया में वापस आ गए हैं। मुझे भरोसा है कि वह एक बड़ी भूमिका निभाएंगे। उम्र का क्रिकेट से लेना-देना नहीं होता है। यह फिटनेस के ऊपर निर्भर करता है।
जयदेव उनादकट लड़ाकू हैं
घावरी ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी को 4 या 5 साल मौका नहीं मिलता है, तो हार मान लेता है लेकिन उनादकट असली लड़ाकू है। उन्होंने 12 साल बाद वापसी की है। उम्र एक नम्बर है। 12 साल एक लम्बा समय होता है लेकिन उन्होंने मेहनत जारी रखी। घरेलू क्रिकेट के अलावा आईपीएल में भी वह विकेट लेते रहे हैं और अब वापसी हो गई है, जो एक बड़ी बात है। इससे पता चलता है कि उनका रवैया कभी हार नहीं मानने वाला है।
उनादकट की वापसी अच्छी रही
ढाका टेस्ट मैच में आने के बाद उनादकट ने पहली पारी में जाकिर हसन और मुशफिकुर रहीम के विकेट झटके। उन्होंने इन दोनों को चलता करने के अलावा दूसरी पारी में कप्तान शाकिब अल हसन को वापस पवेलियन की राह दिखा दी। इस तरह तीन विकेट लेते हुए उन्होंने बेहतरीन वापसी की। आने वाले समय में उनको और मौके मिलते हुए देखा जा सकता है।












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