WTC Final की पहली पारी में विराट कोहली कैसे हुए आउट, गेंद थी शानदार या तकनीक में भी थी गड़बड़ी
WTC Final Virat Kohli: विराट कोहली वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के दूसरे दिन जिस गेंद पर आउट हुए, उसे इस मैच की सर्वश्रेष्ठ गेंद में से एक कहा जा सकता है। लेकिन क्या यहां विराट की बैटिंग में भी कुछ खामियां थी?

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल 2023 (WTC Final 2023) के दूसरे दिन भारतीय पारी का सबसे बड़ा विकेट विराट कोहली (Virat Kohli) के रूप में गिरा। विराट से एक ठोस पारी की दरकार थी क्योंकि उन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में शतक लगाकर अपनी फॉर्म में भी वापसी कर ली थी और आईपीएल में भी अच्छी-खासी बैटिंग के साथ लंदन में आए थे।
गेंद निश्चित तौर पर जबरदस्त थी-
इसे कोहली का दुर्भाग्य कहिए या उनकी तकनीक में उजागर होती खामी, कि मिशेल स्टार्क की एक जबरदस्त गेंद पर वह पूरी तरह से चूक गए। कोहली के पास इस डिलीवरी का कोई जवाब नहीं था। बाएं हाथ के गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने बीच में टप्पा खिलाकर डेक को ऐसा हिट किया कि पिच से भी जैसा सोच नहीं था वैसा उछाल प्राप्त हो गया।
विराट को गेंद की मूवमेंट ने परेशान नहीं किया बल्कि अप्रत्याशित बाउंस ने उन्हें दंग किया। स्टार्क लंबे, बाएं हाथ के 90 मील प्रति घंटा की रफ्तार से बॉलिंग करने वाले गेंदबाज हैं, जिन्होंने डेक को हिट करते हुए गेंद का विराट पर निशाना साधा था।
क्या इससे तकनीकी खामी छुप जाती है?
गेंद उम्मीद से ज्यादा बाउंस प्राप्त करती हुई ऑफ स्टंप छोड़ती निकली और विराट कोहली के बल्ले के ऊपरी हिस्से व ग्लव्स को चूमती हुए विकेट के पीछे स्लिप में चली गई। अगर आप इस गेंद को देखेंगे तो पाएंगे कि दूसरे दिन गिरे सभी पांच भारतीय विकेटों में यह सबसे मुश्किल डिलीवरी थी, और इसमें कोई शक भी नहीं है, लेकिन क्या इससे विराट कोहली की वह तकनीकी खामी छुप जाती है जो पिछले कुछ सालों में लगातार उभरकर सामने आ रही है?
पिछले कुछ समय से क्या कर रहे हैं कोहली-
पिछले कुछ समय से विराट कोहली ने ऐसी तकनीक में भरोसा दिखाया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वह थोड़ा आगे झुकते हुए फ्रंट फुट की ओर आते हैं और फिर कैसी भी गेंद उनके सामने आ जाए, वह फ्रंट फुट को नहीं छोड़ते। इससे कई बार उन्हें अच्छे ड्राइव मारने में तो कामयाबी मिलती है, लेकिन जब लंबे कद का कोई गेंदबाज डेक को हिट करते हुए कोहली के शरीर को निशाना साधकर गेंदबाजी करेगा तो विराट काफी ऑकवर्ड स्थिति में पहुंच जाएंगे, जैसा कि कल 8 जून को देखने को मिला।
कोहली अगर इस गेंद पर बैकफुट पर होते, तो उन्हें अतिरिक्त उछाल के बावजूद बॉल को खेलने के लिए थोड़ा सा अतिरिक्त समय और संतुलन मिल जाता। भले ही वह इस गेंद पर आउट होते या नहीं, लेकिन यह फ्रंट फुट की तुलना में इस बॉल को खेलने का कहीं बेहतर तरीका दिखाई दे रहा था।
संजय मांजरेकर ने पिछले साल ही बता दिया था-
मजेदार बात यह है भारतीय क्रिकेट विश्लेषक संजय मांजरेकर ने पिछले साल की शुरुआत में ही खराब फॉर्म से जूझते विराट कोहली को सलाह दी थी कि उन्हें अपने बैक फुट के खेल पर भी भरोसा करना चाहिए, ताकि वह भविष्य में इस तरह की गेंदबाजी के सामने ऑकवर्ड ढंग में आउट होने से बच जाएं। लेकिन कोहली अभी भी इस तरह की खतरनाक गेंदों के सामने आउट होने के लिए पसंदीदा बल्लेबाज बन जाते हैं।
अनकंफरटेबल स्थिति में पहुंच गए-
अगर आप कोहली के आउट होने की वीडियो देखेंगे तो पाएंगे कि आउट होते वक्त वह बहुत ही अनकंफरटेबल स्थिति में थे। उनका बैलेंस बिल्कुल डगमगाया हुआ था। कोहली फ्रंट फुट पर खेलने के कारण क्रीज छोड़ कर खड़े थे, जिसने उन्हें गेंद पर रिएक्ट करने के लिए ज्यादा टाइम नहीं दिया। फिर जैसे ही उछाल आया तो वे उसको ओवरकम नहीं कर सके और आउट हो गए।
ऐसे में निश्चित तौर पर यह दूसरे दिन की सर्वश्रेष्ठ गेंदों में एक थी, लेकिन विराट कोहली की बल्लेबाजी के अंदाज में इस गेंद को और अनप्लेबल बना दिया।












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