IPL Auction: क्या है आईपीएल में सैलरी काटने का नियम? कब मिलते हैं टूर्नामेंट में खेलने का पैसे
IPL Salaries Rule: ईपीएल नीलामी में कई प्लेयर की मौज हो गई। बड़े प्लेयर्स को के ऊपर जमकर बोली लगी लेकिन कई प्लेयर्स के ऊपर कोई बोली नहीं लगी। आईपीएल में सैलरी देने के लिए कुछ नियम हैं। अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से सैलरी का निर्धारण होता है। प्लेयर्स के लिए फायदे का सौदा ही है।
कई बार खिलाड़ी बीच में आईपीएल छोड़ जाते हैं, या चोटिल होकर बाहर होते हैं। इन सब कंडीशंस में क्या किया जाता है। इस तरह के और भी कई सवालों का जवाब इन पॉइंट्स के माध्यम से जाना जा सकता है।

- आईपीएल में प्लेयर की पूरी सैलरी उसी को जाती है। इसमें बीच में किसी का हिस्सा नहीं होता है।
- आईपीएल सैलरी प्रति वर्ष के हिसाब से दी जाती है, यह तीन साल अनुबंध के लिए होती है। अगर किसी को 8 करोड़ में खरीदा गया है, तो हर साल के हिसाब से पैसे मिलते हुए कुल 24 करोड़ मिलेंगे। रिटेंशन करने के लिए राशि बढ़ाई जा सकती है।
- जब 2008 में आईपीएल शुरू हुआ था, तब अमेरिकी डॉलर में बिड होती थी। जिसे भारतीय रुपयों में 40 रुपये प्रति डॉलर के हिसाब से दिया जाता था। इसके बाद 2012 में इसे भारतीय रुपयों में कर दिया गया।
- अगर तीन साल अनुबंध के बाद खिलाड़ी रिटेन किया जाता है, तो राशि उतनी ही रहती है और वृद्धि हो सकती है। इसमें कमी नहीं होती। रिंकू सिंह के साथ ऐसा हुआ है। वह 55 लाख से 13 करोड़ में पहुंच गए।
- कोई खिलाड़ी पूरे सीजन टीम में है और कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिलता है, तो सैलरी पूरी मिलेगी।
- सीजन से पहले अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है, तो टीम को पेमेंट नहीं करनी होती। अगर कोई खिलाड़ी कुछ मैचों के लिए उपलब्ध है, तो उसे मैचों के हिसाब से पैसा मिलता है।
- सीजन के दौरान कोई प्लेयर चोटिल हो जाता है, तो उसके मेडिकल खर्चे की जिम्मेदारी उस टीम की होती है।
- अगर कोई खिलाड़ी समय से पहले रिलीज होना चाहता है, तो वह फ्रेंचाइजी को बोल सकता है। टीम उसे रिलीज करने पर राजी हो जाती है तो सैलरी पूरी देनी होती है।
- सभी टीमें अपने प्लेयर्स की सैलरी एक साथ नहीं देती हैं। इसमें देखा जाता है कि वह फ्रेंचाइजी कितनी अमीर है और स्पॉन्सर से किस तरह का समर्थन मिल रहा है। कई टीमें पूरी सैलरी एक साथ देती हैं।
- कुछ फ्रेंचाइजी अपने प्लेयर्स को 50 फीसदी सैलरी टूर्नामेंट के दौरान देती है और आधी राशि पहले ही दे देती हैं। कुछ टीमें अलग-अलग प्रतिशत का फॉर्मूला अपना सकती हैं।












Click it and Unblock the Notifications