Happy Birthday: 'द वॉल' राहुल द्रविड़ की लव स्टोरी है बेहद दिलचस्प, पत्नी विजेता ने ऐसे बदली जिंदगी
Happy Birthday Rahul Dravid: भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा हेड कोच राहुल द्रविड़ आज अपना 51वां जन्मदिन मना रहे हैं। भारतीय क्रिकेट में राहुल द्रविड़ का नाम गौरव के साथ लिया जाता है। राहुल द्रविड़ का जन्म 1 जनवरी 1973 को इंदौर में हुआ था। राहुल द्रविड़ ने अपने क्रिकेट करियर में भारत के लिए कई यादगार पारियां खेली हैं।
टेस्ट के बेस्ट खिलाड़ी द्रविड़: राहुल द्रविड़ को द वॉल के नाम से जाना जाता है। टेस्ट क्रिकेट में राहुल द्रविड़ ने अपनी एक अलग छाप छोड़ने में कामयाबी हासिल की थी। साल 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में राहुल द्रविड़ ने अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला था। डेब्यू मैच से लेकर अपने 16 साल के करियर में उन्होंने 164 टेस्ट मैच खेले हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 13,288 रन निकले थे।

कमाल की है लव स्टोरी: क्रिकेट के पिच पर बल्ले से धमाल मचाने वाले राहुल द्रविड़ की लव लाइफ भी शानदार रही है। राहुल द्रविड़ ने डॉक्टर विजेता पेंढारकर से 4 मई साल 2003 में शादी की थी। शादी से पहले राहुल द्रविड़ और विजेता ने एक दूसरे के साथ लंबा समय बताया था। द्रविड़ और विजेता बचपन से ही एक दूसरे के अच्छे दोस्त थे।
प्यार में बदल गई दोस्ती: साल 1970 से ही राहुल द्रविड़ अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहते थे और विजेता भी अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में ही थी। हालांकि विजेता के पिता की रिटायरमेंट के बाद उनका पूरा परिवार नागपुर शिफ्ट हो गया था। लेकिन राहुल द्रविड़ विजेता से मिलने के लिए अक्सर नागपुर जाया करते थे। राहुल द्रविड़ और विजेता की यह दोस्ती कुछ ही सालों बाद प्यार में बदल गई।
शादी के लिए किया प्रपोज: ऐसे ही एक दिन राहुल द्रविड़ ने विजेता को शादी के लिए प्रपोज कर दिया। विजेता भी राहुल को बेहद पसंद करती थी और वह द्रविड़ के इस प्रपोजल को ठुकरा नहीं सकी। उन्होंने शादी के लिए हां कर दी। राहुल द्रविड़ और विजेता के परिवार वाले भी इस रिश्ते से खुश थे। साल 2003 में विजेता और राहुल द्रविड़ दोनों शादी के बंधन में बंध गए।
डॉक्टरी के पेशे से लिया ब्रेक: राहुल द्रविड़ और विजेता के दो बेटे हैं। बड़े बेटे का नाम समित है जबकि छोटे बेटे अन्वय हैं। राहुल द्रविड़ और विजेता की लव स्टोरी किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं है। राहुल द्रविड़ को सपोर्ट करने के लिए विजेता ने कुछ समय के लिए डॉक्टरी के पेशे से ब्रेक ले लिया था। हालांकि, राहुल द्रविड़ ने विजेता को कभी भी कोई काम करने से नहीं रोका।
लेकिन विजेता ने राहुल द्रविड़ के करियर को ज्यादा इंपोर्टेंस दिया। वह द्रविड़ के बुरे वक्त में भी उनके साथ खड़ी रहीं। राहुल द्रविड़ जब क्रिकेट करियर में अपने खराब दौर से गुजर रहे थे तो विजेता सपोर्ट बनकर उनके साथ खड़ी रही थी। राहुल द्रविड़ को बनाने में विजेता का योगदान काफी अहम रहा है।












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