हैप्पी बर्थडे चेतेश्वर पुजारा: मां ने क्रिकेट खेलने के लिए किया था प्रेरित, 17 साल की उम्र में छिन गया था ममता
चेतेश्वर पुजारा का आज जन्मदिन है। वो 35 साल के हो गए हैं। पुजारा ने 2010 में अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। वो बहुत जल्द अपने करियर का 100वां टेस्ट खेलने उतरेंगे।
भारतीय टेस्ट टीम की 'मॉडर्न वॉल' कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा का आज जन्मदिन है। वो 35 साल के हो गए हैं। चेतेश्वर पुजार को वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट के स्पेशलिस्ट खिलाड़ियों की लिस्ट में रखा जाता है। भारतीय टेस्ट टीम में राहुल द्रविड़ के बाद चेतेश्वर पुजारा को उनका उत्तराधिकारी कहा जाता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि पुजारा ने इंडियन टेस्ट टीम में राहुल द्रविड़ की जगह को भरने का काम किया है। भारत के लिए सिर्फ 5 वनडे मैच खेलने वाले पुजारा बहुत जल्द टेस्ट करियर का 100वां टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे। ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में पुजारा के 100 टेस्ट मैच पूरे हो सकते हैं।

द्रविड़ से मेल खाता है पुजारा का स्वभाव
पुजारा ने अभी भारतीय टीम के लिए 98 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 44.9 की औसत से 7014 रन बनाए हैं। टेस्ट में उनके नाम 19 शतक और 34 अर्द्धशतक हैं। साथ ही उन्होंने 3 दोहरे शतक भी लगाए हैं। यह आंकड़े ही बयां करते हैं कि पुजारा भारतीय टेस्ट टीम के कितने अहम खिलाड़ी हैं। पुजारा को राहुल द्रविड़ का विकल्प यूं ही नहीं कहा जाता। खेलने की शैली के अलावा पुजारा का स्वभाव भी राहुल द्रविड़ से काफी मिलता है। क्रिकेट की पिच पर बेहद शांत स्वभाव के पुजारा निजी जीवन में भी ऐसे ही हैं। उनका लाइफस्टाइल बहुत ही साधारण है।

मां ने क्रिकेट के लिए किया था प्रेरित
पुजारा के निजी जीवन की बात करें तो उनकी फैमिली में उनके पिता अरविंद पुजारा, पत्नी पूजा पाबरी और उनकी बेटी आदिती हैं। 25 जनवरी 1988 को गुजरात के राजकोट में जन्मे चेतेश्वर पुजारा को क्रिकेट खेलने के लिए उनकी मां रीमा पुजारा ने प्रेरित किया था। सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाले चेतेश्वर पुजारा को शुरुआती कोचिंग उनके पिता ने दी थी। चेतेश्वर पुजारा जब 17 साल के थे तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। उनकी मां ने 2005 में इस दुनिया को छोड़ दिया था। मां के निधन से पुजारा अंदर से टूट गए थे, लेकिन उन्होंने इस बुरे वक्त का सामना मजबूती से किया।

2010 में पुजारा ने किया था टेस्ट डेब्यू
पुजारा के करियर की बात करें तो उन्होंने 2010 में अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में उन्होंने अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेला था। करियर के पहले टेस्ट मैच में पुजारा दोनों पारियों में अलग-अलग बैटिंग ऑर्डर पर खेले थे। पहली पारी में पुजारा 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे, जहां उन्होंने सिर्फ 4 रन की पारी खेली थी। इसके बाद दूसरी पारी में पुजारा को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला था। तब उन्होंने 72 रन की पारी खेली थी। तभी से पुजारा को 3 नंबर पर बैटिंग का मौका मिलने लगा। पुजारा ने 2013 में वनडे डेब्यू किया था।












Click it and Unblock the Notifications