कप्तानी किसी का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं है, गंभीर ने कहा- अब केवल रन बनाने पर ध्यान दें कोहली
नई दिल्लीः विराट कोहली ने अब जब टेस्ट कप्तानी भी छोड़ दी है तो उनको केवल रन बनाने पर अपना ध्यान देना चाहिए क्योंकि उनके पास एक बल्लेबाज के सिवा किसी और तरह की अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं है। वे टी20 और वनडे से भी कमान छोड़ चुके हैं। गौतम गंभीर का मानना है कि कोहली को ज्यादा से ज्यादा स्कोर करने की ओर फोकस करना होगा।

गंभीर ने साफ कहा कि कप्तानी किसी का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं होता। यहां तक कि महेंद्र सिंह धोनी ने भी कप्तानी छोड़कर कोहली के अंडर में खेला था।
स्टार स्पोर्ट्स के शो पर बात करते हुए गंभीर ने कहा, आप क्या देखना चाहते हैं मुझे नहीं पता। मुझे लगता है कप्तानी किसी का जन्मसिद्ध अधिकार नहीं होता। धोनी जैसे लोग खुद कोहली की कमान में खेल चुके हैं। जबकि उन्होंने तीन आईसीसी ट्रॉफी, तीन या चार आईपीएल ट्रॉफी जीत रखी हैं।
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तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में दक्षिण अफ्रीका से भारत की 1-2 से हार के बाद कोहली ने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने T20 विश्व कप के बाद पहले ही T20I कप्तानी छोड़ दी थी और जल्द ही उन्हें ODI कप्तानी से हटा दिया गया था। बीसीसीआई ने पिछले साल दिसंबर में रोहित शर्मा को भारत का पूर्णकालिक कप्तान घोषित किया था।
कोहली की भूमिका के बारे में आगे बताते हुए, गंभीर ने कहा, "मुझे लगता है कि विराट कोहली को रन बनाना चाहिए और यह अधिक महत्वपूर्ण है। जब आप भारत के लिए खेलने का सपना देखते हैं, तो आप कप्तान बनने का सपना नहीं देखते हैं, आप जीतने का सपना देखते हैं। भारत के लिए आपका खेल और बाकी कुछ भी नहीं बदलता है।"
गंभीर ने आगे कहा कि भले ही आप वहां जाकर टॉस न करें और फील्ड प्लेसमेंट सेट करें। लेकिन आपकी ऊर्जा और तीव्रता वही रहनी चाहिए क्योंकि देश के लिए खेलना सम्मान की बात है।"
भारत को 19 जनवरी से तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में दक्षिण अफ्रीका का सामना करना है। रोहित शर्मा की अनुपस्थिति के कारण, कोहली केएल राहुल के नेतृत्व में खेलेंगे, जो स्टैंड-इन कप्तान हैं।












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