Explainer: धोनी को अगले आईपीएल में क्यों नहीं खेलना चाहिए? कैसे बिना खेले कर सकते हैं जादू
MS Dhoni: आईपीएल में पांच बार टाइटल जीतने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस बार सीजन के बीच में फिर से कप्तानी करने के लिए लौटे। रुतुराज गायकवाड़ चोटिल होकर बाहर हो गए, तो माही को जिम्मा दिया गया। हालांकि वह इस जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतर पाए।
43 साल के धोनी की कप्तानी का जादू नहीं चल पाया और बैटिंग में भी वह तहलका मचाने में नाकाम रहे। इस वजह से उनके ऊपर सवाल खड़े हुए हैं। निचले क्रम में खेलने वाले माही को अगले सीजन आईपीएल में नहीं आने की नसीहत भी मिल रही है। क्यों धोनी को अगले सीजन आईपीएल नहीं खेलना चाहिए, इसका विश्लेषण यहाँ किया गया है।

उम्र और शारीरिक डिमांड
अगले सीजन तक महेंद्र सिंह धोनी की उम्र 44 वर्ष हो जाएगी। टी20 या किसी भी प्रारूप में एक विकेटकीपर बल्लेबाज की मेहनत दोगुनी हो जाती है। उम्र के साथ फुर्ती में बदलाव आता है। हालांकि धोनी ने चुस्ती दिखाई है लेकिन बैटिंग के समय शारीरिक डिमांड दिखती है। वह घुटने की चोट के कारण सिर्फ 3 या 4 ओवर खेलने आते हैं। इस वजह से धोनी को अब आईपीएल से रिटायरमेंट लेना चाहिए। ऐसा कुछ नहीं बचा है, जो उन्होंने हासिल नहीं किया हो।
क्रीज पर कम समय बिताना
धोनी इस सीजन कुछ मौकों पर बैटिंग करने के लिए गए हैं लेकिन काफी नीचे खेले हैं। आंकड़ों की तरफ नज़र डाली जाए, तो उन्होंने इस सीजन के 11 मैचों तक कुल 110 गेंदों का सामना किया था। कई मैचों में उनके क्रीज पर होने के बाद टीम को हार मिली है। चोट के कारण वह ऊपर खेल नहीं सकते, ऐसे में किसी युवा की जगह भी टीम में नहीं बन पा रही।
चेन्नई किसी युवा को खरीद सकती है
धोनी को इस सीजन अनकैप्ड प्लेयर्स कैटेगरी में 4 करोड़ की रकम में खरीदा था। चेन्नई उन पैसों का उपयोग किसी युवा के लिए कर सकती है। उदाहराण के रूप में राजस्थान रॉयल्स है, जिसने वैभव सूर्यवंशी को 1 करोड़ से थोड़ी सी ज्यादा रकम में खरीद लिया था और उन्होंने तीसरे ही मैच में सैकड़ा जमा दिया। चेन्नई भी उन 4 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल कर सकती है। चेन्नई सुपर किंग्स को अब एक युवा कीपर तैयार करना पड़ेगा।
खुद Dhoni ने भी दिए हैं संकेत
माही पिछले दो साल से आईपीएल से जाने के संकेत दे रहे हैं लेकिन फैन्स के प्यार की वजह से नहीं जा पा रहे हैं। उनके कई बयानों में ऐसा दिखा है कि वह जाएंगे। हालांकि फैन्स के लिए जीवन भर नहीं खेला जा सकता, उनको खुद यह बात पता है। उन्होंने खुद उचित समय का इंतजार किया है, अब वह समय शायद आ गया है। धोनी ने खुद कहा कि मैं जब तक अपना योगदान दे पा रहा हूँ, खेलता रहूँगा। इस सीजन से अब स्थिति साफ़ हो गई है कि योगदान नहीं आया है।
Dhoni ने काफी कुछ हासिल कर लिया है
धोनी आईपीएल के बेस्ट कप्तानों में गिने जाते हैं। रोहित शर्मा और धोनी दो ही ऐसे कप्तान हैं, जिनको 5-5 बार टाइटल हासिल करने का मौका मिला है। अन्य कोई कप्तान उनके करीब भी नहीं है। ऐसे में धोनी के पास अब इस टूर्नामेंट में हासिल करने लायक कुछ बचा नहीं है।
वह मेंटर बनकर कर सकते हैं काम
धोनी ज्यादातर समय अपने दिमाग का इस्तेमाल ही करते हैं और यह काम वह चेन्नई सुपर किंग्स में कोचिंग या मेंटरशिप के जरिये कर सकते हैं। ड्रेसिंग रूम से वह अपना दिमाग चलाते हुए रुतुराज, जडेजा, शिवम दुबे जैसे प्लेयर्स का मार्गदर्शन कर सकते हैं। आईपीएल से रिटायरमेंट के बाद बहुत खिलाड़ी मेंटर बनकर टीमों से जुड़े हैं। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, गांगुली और गौतम गंभीर इसके उदाहरण हैं। माही भी ऐसी जिम्मेदारी लेकर फिर से चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़ सकते हैं।












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