'आईसीसी टूर्नामेंट और मोहम्मद शमी एक-दूजे के लिए बने हैं', पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले दिग्गज खुश

champion trophy 2025: भारत ने बांग्लादेश पर शानदार जीत दर्ज करके आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अपने अभियान की जोरदार शुरुआत की। इस मैच के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर और जियोहॉटस्टार विशेषज्ञ पीयूष चावला ने शुभमन गिल की जिम्मेदारी भरी पारी, मोहम्मद शमी की धारदार गेंदबाजी और अन्य महत्वपूर्ण पलों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने मैच से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया।

पीयूष चावला ने की गिल की तारीफ (champion trophy 2025)

पीयूष चावला ने कहा कि यह एक दमदार पारी थी क्योंकि इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। जब आप इस तरह की विकेट पर लगभग 230 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो आपको ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है जो अंत तक टिककर पारी संभाले और ठीक यही भूमिका शुभमन गिल ने निभाई। वह इस समय अच्छी फॉर्म में चल रहे हैं और जानते हैं कि कब संयम रखना है। उन्होंने जिम्मेदारी के साथ बैटिंग की। यही गुण उन्हें इस भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाता है। वह परिस्थितियों को समझते हैं और टीम को कब क्या चाहिए, यह भी उन्हें मालूम होता है।

Mohammed Shami 1

मैच के दौरान ऐसे हालात भी बने, जब बस सिंगल और डबल्स लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की जरूरत थी, तब उन्होंने बाउंड्री लगाने की कोशिश भी नहीं की लेकिन स्कोर चलायमान रखा। इस तरह की समझदारी एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है। अब जब वह उप-कप्तान भी हैं, तो आप उनसे इसी तरह भूमिका को अपनाने की उम्मीद करते हैं, और उन्होंने ठीक वैसा ही किया। एक समय भारत की पारी फंसी हुई लग रही थी, क्योंकि उसने कुछ विकेट खो दिए थे। लेकिन जिस तरह से उन्होंने पारी को संभाला और अंत तक टिके रहे, वो देखना बहुत ही शानदार था।

मोहम्मद शमी की गेंदबाजी पर पीयूष चावला हुए फिदा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि आईसीसी टूर्नामेंट और मोहम्मद शमी- यह एक बेहतरीन प्रेम कहानी है। ऐसा लगता है कि दोनों एक-दूजे बने हैं। जब भी वह आईसीसी टूर्नामेंट में खेलते हैं, तो वह एकदम अलग स्तर के गेंदबाज नजर आते हैं। आपको पता है कि वह चोट से वापसी कर रहे हैं, और हाल ही में द्विपक्षीय श्रृंखला में उतने दमदार नहीं दिखे, लेकिन सकारात्मक संकेत यह था कि वह अपने कोटे के पूरे ओवर गेंदबाजी कर रहे थे।

बांग्लादेश के खिलाफ वह काफी बेहतर दिखाई दिए हैं। हमें अभी भी शमी का 100% प्रदर्शन देखना बाकी है, लेकिन पांच विकेट लेने का कारनामा निश्चित रूप से उनके आत्मविश्वास में इजाफा करेगा। परिस्थितियों का आकलन करना महत्वपूर्ण होता है, और उसी के अनुरूप शमी ने गेंदबाजी की। उन्हें मालूम था कि अपनी सीधी सीम के साथ गेंद को कहां पिच करना है। उन्होंने छह से आठ मीटर के निशान पर लगातार गेंदें डालीं, जिससे कि उन्हें पिच से मूवमेंट मिल सके। यही कारण है कि वह नई गेंद के साथ शुरुआत में विकेट लेने में सफल रहे। उन्होंने गेंदबाजी विविधता का इस्तेमाल किया। उन्हें अच्छी तरह से छिपी हुई धीमी गेंदें फेंकते हुए देखना शानदार था।

पीयूष चावला ने कहा कि जब विराट बल्लेबाजी करने आए तो उस समय ज्यादातर स्पिनर बॉलिंग कर रहे थे और उनको आदर्श रूप से आप बैकफुट पर खेलना चाहते हैं, जिससे कि शॉट खेलने के दौरान थोड़ा अतिरिक्त समय मिल सके। लेकिन हाल के मैचों में हमने उन्हें लेग स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करते देखा है। वह अपनी पिछली पांच पारियों में से सभी में लेग स्पिनरों द्वारा आउट हुए हैं।

हर टीम अपना होमवर्क करती है, इसलिए जब विराट बैटिंग करने के लिए मैदान पर उतरे, तो बांग्लादेश ने तुरंत अपने लेग स्पिनर रिशाद हुसैन को गेंद थमा दी। उनका विकेट लेने का रिशाद को श्रेय जाता है, क्योंकि उन्होंने टाइट लाइन में गेंदबाजी की, लगातार स्टंप्स की लाइन को पकड़ कर रखा। अन्य लेग स्पिनरों के विपरीत रिशाद हवा में तेजी से गेंद फेंकते हैं, क्योंकि वह ज्यादा फ्लाइट नहीं देते हैं। इससे बल्लेबाजों के पास शॉट खेलने का ज्यादा समय नहीं होता। जिस गेंद पर कोहली आउट हुए, वो कट शॉट खेलने के लिए बहुत वाइड नहीं थी, लेकिन अतिरिक्त गति और उछाल के कारण वह मिस टाइम कर गए। यहीं पर रिशाद का कौशल काम कर गया।

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