Interview: कौन होता है क्रिकेट स्कोरर, कैसे मिलती है नौकरी, इतनी होती है सैलरी
Cricket Scorer Interview: किसी भी क्रिकेट मैच को सफल बनाने में खिलाड़ियों के अलावा भी कई लोगों की भूमिका होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो टीवी पर दिखाई तो नहीं देते लेकिन उनकी आवाज स्टेडियम में बैठे लोगों के कानों में जरूर गूंजती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं स्कोरर भगवत सिंह रावत की जो अब तक कई क्रिकेट मैचों में स्कोरर की भूमिका निभा चुके हैं। भगवत सिंह रावत से वनइंडिया हिंदी की हुई बातचीत के दौरान क्रिकेट स्कोरर को लेकर कई नई चीजों की जानकारी मिली है....
सबसे पहले तो हम आपसे यही जानना चाहेंगे कि स्कोरर कौन होता है?
क्रिकेट स्कोरर वो शख्स होता है जो मैच के दौरान होने वाली सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है। किस बल्लेबाज ने कितने रन बनाए, किस गेंदबाज ने कितने विकेट लिए, इसके अलावा हर ओवर में घटित होने वाली चीजों को सिलसिलेवार तरीके से नोट करना ही एक स्कोरर का काम होता है।

कैसे बना जाता है ऑफिशियल क्रिकेट स्कोरर?
क्रिकेट स्कोरर बनने के लिए सबसे पहले आपको स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़ना होता है। यह एसोसिएशन हर साल स्कोरर की परीक्षाएं आयोजित करता है। स्थानीय क्रिकेट एसोसिएशन का एग्जाम पास करने के बाद अगला कदम राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की परीक्षा पास करना होता है। राज्य क्रिकेट एसोसिएशन में 80 फीसदी अंक प्राप्त करने के बाद ही आप बीसीसीआई स्कोरर एग्जाम देने के योग्य होते हैं।
स्कोरर बनने के लिए क्या योग्यता चाहिए?
स्कोरर बनने के लिए पढ़ा लिखा होना चाहिए। खासतौर पर मैथ्स और इंग्लिश पर आपकी पकड़ होनी चाहिए। अंपायर के सभी सिग्नल्स को समझना ज़रूरी है। इसके अलावा आपको स्ट्राइक रेट, बैटिंग और बॉलिंग औसत, टीम के लिए ज़रूरी रन और नेट रन रेट की गणना करने में भी कुशल होना चाहिए। यह जानना बहुत ज़रूरी है कि किसी टीम को जीतने के लिए कितने रन की ज़रूरत है। इसमें मौजूदा स्कोर पर नज़र रखना और बचे हुए लक्ष्य की गणना करना शामिल है। इसके अलावा नेट रन रेट (NRR) को समझना भी महत्वपूर्ण है। NRR किसी टीम के रन रेट की तुलना अन्य टीमों के साथ करके टूर्नामेंट में उसकी स्थिति निर्धारित करने में मदद करता है।
एक स्कोरर को कितनी सैलरी मिलती है?
स्कोरर को महीने के हिसाब से सैलरी नहीं मिलती। यहां पर मैच के हिसाब से पैसे दिए जाते हैं। अलग-अलग लेवल पर स्कोरर की सैलरी अलग होती है। बीसीसीआई का स्टेट पैनल स्कोरर अगर कोई मैच कवर करता है तो उसे एक मैच के 3000 रुपये दिए जाते हैं। डोमेस्टिक मैच के लिए 15000 रुपये दिन के हिसाब से सैलरी दी जाती है। टेस्ट मैच में हर दिन के हिसाब से 15000 रुपये सैलरी मिलती है। अगर मैच दो दिन में भी खत्म होता है तो भी स्कोरर को पूरे पांच दिन के पैसे यानी 75000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा एक हजार डीए के रूप में भी दिया जाता है।
आपको बीसीसीआई और स्टेट एसोसिएशन की तरफ से कितना समर्थन मिलता है?
मुझे बीसीसीआई और स्टेट एसोसिएशन की तरफ से पूरा सहयोग मिला है। बीसीसीआई के मैच को कवर करने के लिए दूसरे स्टेट भी जाना होता है तो ऐसे में हमें हर तरह की सुविधाएं दी जाती है। केएल राहुल से मिलना मेरे लिए यादगार पल रहा है। मैंने केएल राहुल को काफी पहले देखा था जब स्टेट के लिए खेलने आए थे तब मैंने उन्हें कहा था कि भारत को एक और राहुल मिलने वाला है। क्योंकि उनकी बल्लेबाजी ने मेरा दिल जीत लिया था।












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