'भारत की वजह से हार रहा है पाकिस्तान', Ramiz Raja ने कर दी अपनी ही टीम की बेइज्जती!
Ramiz Raja On Pakistan Team: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर रमीज राजा ने दो मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में बांग्लादेश से 10 विकेट से मिली हार के बाद टीम की कड़ी आलोचना की है। यह हार पाकिस्तान की बांग्लादेश के खिलाफ पहली टेस्ट हार थी। घरेलू मैदान पर सीरीज में वाइटवॉश की कगार पर खड़ी टीम को देखते हुए राजा ने कप्तान शान मसूद को चेतावनी दी।
भारत ने बिगाड़ा पाकिस्तान का खेल
रमीज राजा के मुताबिक पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों का बुरा दौर पिछले साल एशिया कप के दौरान शुरू हो गया था। रमीज के मुताबिक भारत के खिलाफ मिली हार के बाद से ही पाकिस्तानी गेंदबाज अपनी लय खो बैठे। बांग्लादेश के खिलाफ भी टीम के तेज सभी गेंदबाज पूरी तरह से आउट ऑफ फॉर्म नजर आए।

रमीज राजा ने जताई नाराजगी
राजा ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए स्पिनर को शामिल किए बिना चार तेज गेंदबाज़ों को मैदान में उतारने के फ़ैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर डाला कि बांग्लादेश के स्पिनरों ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 16 में से नौ पाकिस्तानी विकेट लिए जिनमें से सात दूसरी पारी में आए जहां पाकिस्तान सिर्फ़ 146 रन पर आउट हो गया।
टीम चयन में रही कई ग़लतियां
रमीज राजा ने बताया कि पिछले साल एशिया कप में भारत के खिलाफ़ हुए मैच के बाद से पाकिस्तान की विश्व स्तरीय तेज़ गेंदबाज़ों को तैयार करने की पुरानी प्रतिष्ठा धूमिल हो गई है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले टीम के चयन में गलती हुई। आप स्पिनर के बिना थे। दूसरा जिस प्रतिष्ठा के आधार पर हम अपने तेज़ गेंदबाज़ों पर भरोसा करते हैं, वह खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ों की तुलना में ज़्यादा प्रभावी नज़र आए।
शान मसूद पर निकाली भड़ास
पूर्व पीसीबी अध्यक्ष ने मसूद की खराब बल्लेबाजी और मैदान पर संदिग्ध फैसलों के लिए भी आलोचना की। मसूद दोनों पारियों में केवल 20 रन ही बना पाए और कई रणनीतिक गलतियां की। राजा ने कहा कि शान मसूद इस समय हार के सिलसिले में हैं। मुझे लगा कि ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में चीजें कठिन हैं और पाकिस्तान टीम के लिए वहां सीरीज जीतना असंभव है।
मसूद ने लिए हैरान करने वाले फैसले
राजा ने आगे जोर देकर कहा कि मसूद को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और खेल के प्रति बेहतर जागरूकता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पीएसएल और काउंटी मैचों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने वाले एक अनुभवी कप्तान होने के बावजूद रावलपिंडी के लिए चार तेज गेंदबाजों को चुनने का मसूद का फैसला हैरान करने वाला था।












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