बीसीसीआई ने हरमनप्रीत कौर को 'समझाने' का काम रोजर बिन्नी और वीवीएस लक्ष्मण को सौंपा
बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने हरमनप्रीत कौर मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि बोर्ड भारतीय महिला क्रिकेट कप्तान को सुनाई गई सजा के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं करने जा रहा है।
हरमनप्रीत कौर को आईसीसी ने दो मैचों से बैन कर दिया है। ये सजा उस मामले के तहत सुनाई गई है जो बांग्लादेश और भारत महिला क्रिकेट सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे मैच के दौरान हुआ था।

उस मुकाबले में हरमनप्रीत ने अंपायर पर झल्लाते हुए अपने पगबाधा आउट होने पर गुस्सा जाहिर किया था। दाए हाथ की अटैकिंग बल्लेबाज ने पहले बैट से स्टंप को गिराया और फिर मैदान छोड़ते हुए अंपायर से बहस भी की।
इतना सब होता, तो भी शायद बात ज्यादा नहीं बढ़ती, लेकिन हरमनप्रीत का गुस्सा मैच के बाद भी जारी रहा। हरमनप्रीत ने मैच प्रजेंटेशन के दौरान अंपायरिंग को घटिया बताया और स्टेज पर जब ट्रॉफी शेयर करने की बात आई, तो अंपायर को भी बांग्लादेश टीम के साथ खड़े होने के लिए कहा।
ये सब बातें क्रिकेट बिरादरी में बहुत खराब तरीके से गई हैं। यहां तक कि भारत के ही पूर्व क्रिकेटरों ने बीसीसीआई से हरमनप्रीत के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। अब जय शाह ने मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
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शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेस के दौरान शाह ने बताया कि बीसीसीआई इस सजा के खिलाफ कोई अपील नहीं करेगा, क्योंकि अपील करने की मियाद पूरी हो गई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीसीसीआई चीफ रोजर बिन्नी और एनसीए चीफ वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज हरमनप्रीत से आने वाले दिनों पर इस मामले पर बात करेंगे।
ये बात बोर्ड के निर्देशानुसार, अगले कुछ दिनों में एक परामर्श के तौर पर होगी। अपने गर्म मिजाज के लिए भी पहचानी जाने वाली हरमनप्रीत कौर को अब 2023 एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच से बाहर बैठना होगा। अगर भारतीय टीम फाइनल तक का सफर तय करती है तो ही उनको गोल्ड मेडल मैच में फिर से अपने और देश के लिए गौरव हासिल करने का मौका होगा।












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