SCG में लगी बेलिंडा क्लार्क की प्रतिमा, ये सम्मान पाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनी
बेलिंडा क्लार्क ने तब महिला क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी की जब खेल का ये हिस्सा क्रिकेट में आज की तरह लोकप्रियता से कोसों दूर था। तब बेलिंडा ने कप्तानी में बेमिसाल रिकॉर्ड बनाया।

क्रिकेटरों की प्रतिमा की बात जब जेहन में आती है तो दिवंगत शेन वार्न का नाम कौंधता है जिनके आकस्मिक निधन के बाद उनकी प्रतिमा के पास जाकर श्रंद्धाजली देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ था। ऑस्ट्रेलिया में बहुत से खिलाड़ियों की प्रतिमाएं हैं लेकिन लोग इनके बारे में इतने जागरूक नहीं थे जितने की वार्न की प्रतिमा के बारे में। अब ऑस्ट्रेलिया की ही बेलिंडा क्लार्क ऐसी पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं जिनकी प्रतिमा लगाई गई है। गुरुवार को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के बाहर पूर्व कप्तान की एक कांस्य मूर्ति का अनावरण किया गया। (Photo Credit- Sydney Cricket Ground Twitter)
तब महिला क्रिकेट को आज जैसी पहचान नहीं मिली थी-
ये वो दौर था जब महिला क्रिकेट केवल एक खानापूर्ती की चीज ज्यादा समझा जाता था। टेस्ट मैच तो बहुत ही कम होते थे। क्लार्क ने ऐसे समय में 1991-2005 के बीच 15 टेस्ट और 100 से अधिक सीमित ओवरों के मैच खेले, और एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में दोहरा शतक बनाने वाली पहली क्रिकेटर बनीं। ये एक ऐसी उपलब्धि थी जो उन्होंने 1997 में डेनमार्क के खिलाफ नाबाद 229 रन बनाकर हासिल की थी। मजेदार बात ये तब डेनमार्क की कोई टीम पुरुष क्रिकेट में उस लेवल पर मौजूद ही नहीं थी कि किसी बड़ी टीम से कोई सफेद गेंद मुकाबला भी खेल सके।
वहां रिची बेनौद और स्टीव वॉ की प्रतिमा भी है-
जिस ग्राउंड पर ये प्रतिमा लगाई है वहां पर पूर्व कप्तान रिची बेनौद और स्टीव वॉ की प्रतिमा भी मौजूद हैं। क्लार्क की उम्र इस समय 52 साल है। और इस मौके पर क्लार्क ने कहा, "मैं प्रतिमा के लिए उत्साहित हूं और लोग अब इसे देखते हैं और शायद सोचते हैं ये कौन है और फिर उन्हें भी इस कहानी के बारे में थोड़ा बहुत पता चलना महत्वपूर्ण है।"
क्लार्क केवल क्रिकेट ही नहीं खेलीं बल्कि रिटायर होने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में कई सीनियर भूमिकाओं को अंजाम दिया।
उन्होंने कहा, "प्रतिमा साहसी होने, उन चुनौतियों का सामना करने और परंपरा को तोड़ने में सक्षम होने के बारे में बताती है।"
कप्तानी का महान रिकॉर्ड-
अपने खेल के समय के दौरान एक प्रभावशाली शख्सियत की मालिक रहीं क्लार्क ने सर डोनाल्ड ब्रैडमैन के रिकॉर्ड को मैच करते हुए 12 साल तक महिला टीम की कप्तानी की और तीन विश्व कप में टीम का नेतृत्व किया। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में तब से अब तक केवल रिकी पोंटिंग ने ही वर्ल्ड कप वाला ये कारनामा किया है।
क्लार्क SCG के स्कल्पचर प्रोजेक्ट की 15वीं सदस्य हैं और चैंपियन स्प्रिंटर्स बेट्टी कथबर्ट और मार्लीन मैथ्यूज के बाद तीसरी महिला हैं जिनकी प्रतिमा लगी। ये प्रतिमाएं एलियांज स्टेडियम के सामने की शोभा बढ़ाती हैं।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications