अब क्रिकेट से लेना है संन्यास तो पहले देना होगा 3 महीने का नोटिस, SLC ने बनाये 3 सख्त नियम

नई दिल्ली। नये साल की शुरुआत के साथ ही श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड और उसके खिलाड़ियों के बीच विवाद का सिलसिला एक बार फिर से शुरू हो गया है। हाल ही में श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी भानुका राजपक्षे को फिटनेस पर काम करने की बात कहते हुए जब टीम में जगह नहीं मिली तो इस क्रिकेटर ने चयन समिति से फिटनेस पॉलिसी के मापदंड को लेकर सवाल पूछे थे, जिसके बाद श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारियों को यह बात पसंद नहीं आयी और उन्होंने खिलाड़ी को एक साल के लिये सस्पेंड कर किसी भी प्रकार के क्रिकेट का हिस्सा बनने पर बैन लगा दिया था। चयनसमिति के इस रवैये से नाराज भानुका राजपक्षे ने नये साल की शुरुआत में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को लेटर लिखकर अपने संन्यास का ऐलान कर दिया।
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राजपक्षे ने अपने लेटर में संन्यास के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया, जबकि असल में मामला बोर्ड के साथ टकराव का रहा। वहीं राजपक्षे के बाद पिछले साल इंग्लैंड दौरे पर बायोबबल तोड़ने के दोषी पाये जाने के बाद एक साल का बैन झेल रहे दनुष्का गुणथालिका ने भी अगले दिन टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। गुणथालिका ने अपने संन्यास के पीछे सीमित ओवर्स क्रिकेट को प्रमुखता देने की बात कही पर रिपोर्ट के अनुसार गुणथालिका ने भी बोर्ड से नाराज होकर ही यह फैसला किया।

संन्यास से पहले देना होगा 3 महीने का नोटिस
नये साल के पहले हफ्ते में अपने दो बड़े खिलाड़ियों के अचानक संन्यास का ऐलान कर देने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड सकते में आ गया है और उसने संन्यास की झंझट से बचने के लिये 3 नये सख्त नियमों का ऐलान कर दिया है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया है अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में खेल चुके खिलाड़ी जो अभी संन्यास लेने की ओर देख रहे हैं या आगे लेना चाहते हैं उन्हें इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा जो कि तत्काल रूप से प्रभावी हो गये हैं।
श्रीलंका क्रिकेट ने संन्यास से जुड़ा जो पहला नियम बनाया है वो यह है कि राष्ट्रीय खिलाड़ी जो नेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की इच्छा रखते हैं उन्हें अपने संन्यास को लेकर बोर्ड को 3 महीने का एडवांस नोटिस देना होगा, जिसमें वो क्रिकेट को अलविदा कहने की अपनी इच्छा के बारे में बतायेंगे।

संन्यास के 6 महीने बाद ही विदेशों में खेल सकेंगे मैच
बोर्ड के दूसरे नियम के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके खिलाड़ी जो कि विदेशों में खेली जाने वाली फ्रैंचाइजी लीग का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनके लिये एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) तभी उपलब्ध किये जायेंगे जब वो संन्यास के बाद से 6 महीने पूरे कर चुके होंगे। जो खिलाड़ी विदेशी लीग का हिस्सा बनने के लिये संन्यास का ऐलान करेंगे उन्हें एनओसी नहीं मिलेगी और वो भाग नहीं ले सकेंगे।

घरेलू क्रिकेट में खेलने होंगे 80 प्रतिशत मैच
श्रीलंका क्रिकेट ने संन्यास से जुड़ा जो तीसरा नियम जारी किया है उसके अनुसार क्रिकेट को अलविदा कह चुका खिलाड़ी लंका प्रीमियर लीग जैसे घरेलू टूर्नामेंट का हिस्सा तभी बन सकता है जब उसने अपने घरेलू करियर के दौरान उस सीजन के लगभग 80 प्रतिशत घरेलू मैचों में हिस्सा लिया हो। अगर संन्यास लेने वाला खिलाड़ी एलपीएल के उस सीजन से पहले खेले गये घरेलू मैचों में 80 प्रतिशत का हिस्सा नहीं बना है तो उसे लीग में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जायेगी।












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