Abhijeet Dipke ने 'थप्पड़ कांड' के बाद क्या कहा? किसे ठहराया दोषी? हिंदू-मुस्लिम और जाति पर कही बड़ी बात
Abhijeet Dipke Thappad Kand Video Viral: जयपुर के शहीद स्मारक पर 15 जून 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर प्रदर्शन के दौरान हमला हो गया। भीड़ में एक युवक ने उनके गाल पर जोरदार एकाएक 5 थप्पड़ जड़ दिए। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में चर्चा छिड़ गई।
इस 'थप्पड़ कांड' के बाद दीपके ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और बड़ी बात कही - 'हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं चलेगी।' अब सवाल यह है कि दीपके ने किसे दोषी ठहराया? क्या कुछ कहा? क्यों दीपके को थप्पड़ मारे गए? आइए जानते हैं...

Abhijeet Dipke Thappad Kand Timeline: शहीद स्मारक पर क्या हुआ?
CJP के जयपुर प्रदर्शन में NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा इकट्ठा हुए थे। अभिजीत दीपके जब समर्थकों के कंधों पर सवार होकर शहीद स्मारक पहुंचे, तभी भीड़ में से एक युवक, जिसकी पहचान राकेश गुर्जर के रूप में हुई। सुरक्षा घेरा तोड़कर दीपके के पास पहुंचा और लगातार थप्पड़ मार दिए (कुछ वीडियो में 3-5 थप्पड़ दिख रहे हैं)।
CJP समर्थकों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और हमलावर की पिटाई कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और हमलावर को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान कुछ मोबाइल चोरी होने और नारेबाजी के विवाद की भी खबरें आईं। पुलिस ने भारी बल तैनात किया और एक युवक को हिरासत में लिया।
Abhijeet Dipke Thappad Kand Reason: हमलावर कौन? राकेश गुर्जर का बयान
थप्पड़ मारने वाले युवक की पहचान राकेश गुर्जर के रूप में हुई। जयपुर का रहने वाला राकेश खुद को राष्ट्रवादी बताता है। हमले के बाद उसने कहा कि मैं जयपुर का ही रहने वाला हूं। मैं राष्ट्रवादी हूं। ये जिहादी मानसिकता के लोग हैं। अभिजीत दीपके बिना बात के देश को बरगला रहा है। पेपर लीक तो बस बहाना है।
राकेश ने CJP को 'जिहादी मानसिकता' से जोड़कर आरोप लगाया, जबकि दीपके का आंदोलन मुख्य रूप से शिक्षा सुधार और बेरोजगारी पर केंद्रित है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थप्पड़ कांड के बाद अभिजीत दीपके का बयान
हमले के तुरंत बाद दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने शांति बनाए रखने की अपील की और साफ कहा कि हिंदू-मुस्लिम की राजनीति नहीं चलेगी, नहीं चलेगी। हमें यह स्वतंत्रता कुर्बानियों के बाद मिली थी। हमें हिंदू-मुस्लिम में बांटा जाता है, जाति-धर्म में बांटा जाता है, लेकिन हमें इसमें नहीं फंसना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंदोलन को सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। युवाओं को एकजुट होकर शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर लड़ना चाहिए। X (ट्विटर) पर पोस्ट किया कि शारीरिक हमले डर और कायरता की निशानी हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। मैं गांधी और अंबेडकर का अनुयायी हूं और शांति व प्रेम के साथ यह लड़ाई लड़ता रहूंगा।
दीपके की आगे की योजना क्या है?
दीपके ने कहा कि हम 20 जून को फिर दिल्ली चलेंगे। इस बार बिना इस्तीफे के नहीं लौटेंगे। उन्होंने 'दिल्ली चलो' का नारा भी लगाया। प्रदर्शन राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुआ। दीपके ने हमले को 'कायराना हरकत' बताया लेकिन आंदोलन को हिंसक रंग देने से इनकार किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री पर फिर से इस्तीफे की मांग दोहराई।













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