थप्पडकांड के बाद अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन में ही किया बड़ा ऐलान, बताया कॉकरोच जनता पार्टी का क्या है अगला मिशन
Abhijeet Dipke Slap Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर का शहीद स्मारक सोमवार (15 जून) को अचानक एक बड़े सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया। नीट (NEET) पेपर लीक, बेरोजगारी और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को भीड़ के बीच कुछ युवकों ने सरेआम थप्पड़ जड़ दिए। इस घटना के बाद वहां ऐसा बवाल मचा कि पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए।
लेकिन इस थप्पड़कांड ने आंदोलन की आग को बुझाने के बजाय और भड़का दिया है। थप्पड़ खाने के तुरंत बाद अभिजीत दीपके ने मंच संभाला और सीधे देश की राजधानी दिल्ली को लेकर एक ऐसा बड़ा एलान कर दिया, जिसने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है।

थप्पड़ खाने के बाद दीपके का 'दिल्ली चलो' मिशन (Abhijeet Dipke 'Delhi Chalo' Mission)
सरेआम हुए इस हमले के बावजूद अभिजीत दीपके के तेवर ढीले नहीं पड़े। उन्होंने मंच से जनता को संबोधित करते हुए कहा, "हम पर चाहे एक बार हमला हो या दस बार, हमारे गाल पर कोई एक थप्पड़ मारे या दस, हम हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे। कायर लोग हिंसा का सहारा लेते हैं, लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे।"
दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सरकार को खुली चुनौती दी और अपनी पार्टी का अगला मिशन बताते हुए 'दिल्ली चलो' का नारा बुलंद किया। उन्होंने ऐलान किया कि 20 जून को देश भर के युवा फिर से दिल्ली कूच करेंगे और इस बार जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, वे दिल्ली से वापस नहीं लौटेंगे। दीपके ने कहा कि यह सब उन्हें डराने और छात्रों की खुदकुशी व पेपर लीक के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश है, लेकिन वे भटकने वाले नहीं हैं। उन्होंने नफरत फैलाने वालों को तंज कसते हुए 'गेट वेल सून' भी कहा।
यानी कॉकरोच जनता पार्टी का अब अगला मिशन दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करना है। हालांकि ये विरोध प्रदर्शन 20 जून को जंतर-मंतर पर होगा या कहीं और फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन CJP का कहना है कि वे जल्द ही इसपर अपडेट देंगे। अभिजीत ने थप्पड़ खाने के बाद संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में 20 जून को कॉकरोच जनता पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन होने जा रहा है और जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, वो इस बार दिल्ली से जाएंगे नहीं।

कंधे पर बैठे थे अभिजीत दीपके और अचानक पड़ गए थप्पड़
पूरा वाकया सोमवार 14 जून दोपहर का है, जब जयपुर के शहीद स्मारक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सैकड़ों युवा जुटे थे। जैसे ही CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, समर्थकों ने उन्हें जोश में अपने कंधे पर उठा लिया। दीपके कंधे पर बैठकर अंदर जा ही रहे थे कि भीड़ में छिपे कुछ युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें थप्पड़ जड़ दिए।
इस हरकत को देख दीपके के समर्थक भड़क गए और उन्होंने भाग रहे दो हमलावरों को दबोचकर उनकी जमकर धुनाई कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए थप्पड़ मारने वाले मुख्य आरोपी राकेश गुर्जर, रोहित वैष्णव, अर्जुन पंडित और अजय समेत कुल 6 युवकों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें विधायकपुरी थाने ले जाकर पूछताछ कर रही है।
हमलावर ने बताया क्यों मारा अभिजीत दीपके को थप्पड़?
इस घटना के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी राकेश गुर्जर ने अपनी हरकत को सही ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए। राकेश गुर्जर ने मीडिया से कहा, "मैं जयपुर का ही रहने वाला हूं और एक राष्ट्रवादी हूं। ये अभिजीत दीपके और इसके साथी जिहादी मानसिकता के लोग हैं। ये लोग बिना किसी वजह के सिर्फ पेपर लीक को बहाना बनाकर पूरे देश के युवाओं को बरगला रहे हैं और देश का माहौल खराब कर रहे हैं।"
पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि यह हमला अचानक गुस्से में किया गया था या इसके पीछे कोई सोची-समझी प्लानिंग थी। जयपुर पुलिस ने राकेश गुर्जर , रोहित वैष्णव, अर्जुन पंडित, अजय समेत 6 युवकों को हिरासत में लिया है।
प्रशासन पर फूटा CJP का गुस्सा, प्रदर्शन में हुई चोरियां
इस घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय और राज्य प्रवक्ताओं ने राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
- अभिषेक जैन बिट्टू (राज्य प्रवक्ता): उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन असामाजिक तत्वों को रोकने में पूरी तरह फेल रहा है। पुलिस की मौजूदगी में ऐसा हमला होना सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
- आशुतोष रांका (राष्ट्रीय प्रवक्ता): उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन ने जानबूझकर जून की कड़कड़ाती धूप में दोपहर 3 बजे का समय तय किया था ताकि गर्मी के डर से युवा इकट्ठा न हो सकें, लेकिन फिर भी युवा भारी संख्या में आए।
दिलचस्प बात यह रही कि इस भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच चोरों ने भी अपना काम कर दिया। प्रदर्शन में शामिल कई युवाओं के मोबाइल फोन और कीमती सामान चोरी हो गए, जिसके बाद बकायदा मंच से लोगों को अपने सामान की सुरक्षा करने की चेतावनी देनी पड़ी। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी अपने छोटे बच्चों के साथ शामिल हुईं, जिन्होंने शहीद स्मारक के गेट पर कॉकरोच के पोस्टर चिपकाए।
आखिर क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' और इसका इतिहास? (What is Cockroach Janta Party)
जो लोग इस नाम को सुनकर हैरान हैं, उन्हें बता दें कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) मूल रूप से एक व्यंग्यात्मक और अनूठा छात्र आंदोलन है। इस साल मई के महीने में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर भारी नाराजगी देखी गई थी। इसी गुस्से को युवाओं ने एक अनोखे विरोध में बदल दिया और 'कॉकरोच' शब्द को व्यवस्था के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया।
यह पार्टी रातों-रात सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हो गई। इसकी शुरुआत नई दिल्ली में एक बड़े छात्र आंदोलन से हुई थी, जिसके बाद यह प्रदर्शन अमृतसर, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ तक फैल गया। इस अनोखे आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और मशहूर अभिनेता प्रकाश राज जैसे बड़े चेहरों का भी समर्थन मिल चुका है। अब देखना यह होगा कि 20 जून को होने वाले इनके 'दिल्ली चलो' आंदोलन का केंद्र सरकार पर क्या असर पड़ता है।














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